तुलसीदासजी ने राम नाम को शिवजी का प्राणप्रिय क्यों कहा?
शिवजी स्वयं इस महामंत्र का जप करते हैं, काशी में मरने वालों को मुक्ति के लिये यही नाम उपदेश करते हैं, और एक राम नाम को हज़ार नामों के समान मानते हैं। नाम के प्रभाव से ही गणेशजी सबसे पहले पूजे जाते हैं।