दिव्यास्त्रश्रीराम को वायव्यास्त्र कैसे मिला?श्रीराम को वायव्यास्त्र उनके गुरु महर्षि विश्वामित्र ने दिया था जब वे यज्ञ रक्षा के लिए उन्हें वन ले गए थे।#श्रीराम#वायव्यास्त्र#विश्वामित्र
नाम महिमा एवं भक्तिहनुमान जी ने राम नाम की शक्ति कैसे दिखाईहनुमानजी ने राम-नाम जपने वाले राजा की रक्षा की और स्वयं श्रीराम का बाण उसे नहीं छू सका। तब विश्वामित्र ने कहा — 'जो बल राम के नाम में है, वह खुद राम में नहीं है।' यह प्रसंग राम-नाम की अपराजेय शक्ति का प्रमाण है।#हनुमान राम नाम#राम नाम शक्ति प्रसंग#हनुमान कथा
दिव्यास्त्रनागपाश से राम और लक्ष्मण कैसे मुक्त हुएहनुमानजी ने जाना कि केवल गरुड़ ही नागपाश तोड़ सकते हैं। उन्होंने गरुड़ को लाया जिन्होंने चोंच से सभी नागों को काटकर नागपाश तोड़ा और राम-लक्ष्मण को मुक्त किया।#नागपाश मुक्ति#गरुड़#हनुमान
पूजा विधिराम दरबार घर में कैसे स्थापित करें?राम(केंद्र)+सीता(बाएँ)+लक्ष्मण(दाएँ)+हनुमान(सामने)। पूर्व/ईशान। रामनवमी/गुरुवार। गंगाजल शुद्ध→तुलसी+चंदन→108 जप→आरती। नित्य दीपक+तुलसी। मूर्ति=प्राणप्रतिष्ठा।#राम दरबार#स्थापना#घर
दिव्यास्त्रनागपाश से राम और लक्ष्मण को कैसे मुक्ति मिली?नागों के परम शत्रु गरुड़ देव के आकाश से उतरते ही सभी नाग भय से भाग गए और राम-लक्ष्मण नागपाश से मुक्त हो गए।#नागपाश#राम#लक्ष्मण
दिव्यास्त्रश्रीराम को आग्नेयास्त्र कैसे मिला?श्रीराम को आग्नेयास्त्र उनके गुरु महर्षि विश्वामित्र से मिला था जो उन्हें राक्षसों से यज्ञ की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए दिया गया था।#श्रीराम#आग्नेयास्त्र#विश्वामित्र
दिव्यास्त्रसुबाहु राक्षस का वध कैसे हुआ?विश्वामित्र के यज्ञ में विघ्न डालने आए राक्षस सुबाहु का वध श्रीराम ने आग्नेयास्त्र (अनलास्त्र) से किया था।#सुबाहु#आग्नेयास्त्र#श्रीराम
पूजा विधिराम भगवान की पूजा कैसे करें?तुलसी+पीले फूल+चंदन+घी दीपक। 'ॐ श्रीरामाय नमः' 108। रामचरितमानस/चालीसा। रामनवमी/मंगल/गुरुवार। तुलसी=राम प्रिय। सरलतम: तुलसी+जल+'राम'=पूर्ण।#राम#पूजा#विधि
पूजा विधि एवं कर्मकांडराम जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या हैराम को प्रसन्न करने के उपाय — 'राम' नाम जप, 'श्री राम जय राम जय जय राम' मंत्र 108 बार, रामचरितमानस-सुंदरकाण्ड पाठ, सत्य-आचरण और हनुमान चालीसा। तुलसीदास कहते हैं — राम सच्चे मन की भक्ति से प्रसन्न होते हैं।#राम प्रसन्न#राम नाम जप#रामचरितमानस
दिव्यास्त्रनागपाश से राम और लक्ष्मण को कैसे मुक्ति मिली?हनुमान की प्रार्थना पर गरुड़ प्रकट हुए। गरुड़ को देखते ही नागपाश के सर्प भयभीत होकर भाग गए और गरुड़ ने राम-लक्ष्मण के घाव ठीक करके उनकी शक्ति पुनर्स्थापित की।#नागपाश#राम#लक्ष्मण
दिव्यास्त्रभगवान राम को गरुडास्त्र कैसे प्राप्त था?भगवान राम विष्णु के अवतार थे और गरुड़ विष्णु के दिव्य वाहन हैं, इसलिए गरुड़ की शक्ति राम के लिए स्वाभाविक रूप से सुलभ थी।#राम#गरुडास्त्र#विष्णु अवतार
शिव अस्त्र-शस्त्रपिनाक धनुष राम ने सीता स्वयंवर में कैसे तोड़ाराजा जनक के स्वयंवर में गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से राम ने पिनाक धनुष सहज भाव से उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते समय वह टूट गया। इसी से सीता का विवाह राम से हुआ।#पिनाक#सीता स्वयंवर#राम
अस्त्र शस्त्रपिनाक धनुष राम ने कैसे तोड़ा?विश्वामित्र की आज्ञा पर राम शांत भाव से पिनाक के पास गए, उसे प्रणाम करके सहजता से उठाया, प्रत्यंचा चढ़ाई और धनुष खींचते ही वह भयंकर गर्जना के साथ दो टुकड़ों में टूट गया।#पिनाक#राम#धनुष भंग
राम भक्तिराम मंत्र ॐ रामाय नमः का जप कैसे करें?'ॐ रामाय नमः' = षडक्षर। तुलसी माला, 108 नित्य। बिना दीक्षा सभी। 'रा'=पाप दहन, 'म'=कल्याण। तुलसीदास: 'राम से बड़ा राम का नाम।' सवा लाख = सिद्ध। फल: सर्व पाप नाश, शांति, मोक्ष।#ॐ रामाय नमः#षडक्षर#राम
राम भक्तिराम नाम का 13 करोड़ जप कैसे पूरा करें?दीर्घकालिक। ~330 वर्ष (10 माला/दिन)। कैसे: राम नाम लेखन (1 लिखना=1 जप), सामूहिक (राम नाम बैंक), जीवनभर 10-50 माला, अजपा (श्वास='राम')। तुलसीदास = लेखन। कलियुग = राम नाम।#राम नाम#13 करोड़#जप
लोकरावण को मुक्ति कैसे मिली?रावण को श्रीराम के हाथों वध होकर श्राप से मुक्ति मिली।#रावण#मुक्ति#श्रीराम
रामचरितमानस — बालकाण्डसीता-राम विवाह विधिपूर्वक कैसे सम्पन्न हुआ?वेदमन्त्र विधि से — वसिष्ठजी-शतानन्दजी ने करवाया। सखियाँ सीताजी को सजाकर लायीं। जनक ने कुश हाथ में लेकर कन्यादान किया। पाणिग्रहण पर देवताओं ने नगाड़े बजाये, पुष्पवर्षा, मुनियों ने वेदमन्त्र उच्चारे।#बालकाण्ड#सीता राम विवाह#वेद मंत्र
रामचरितमानस — बालकाण्डश्रीरामजी ने शिव धनुष कैसे उठाया?अत्यन्त सहजता से — जबकि दस हज़ार राजा हिला नहीं सके। सहज भाव से उठाया, प्रत्यंचा चढ़ाई, खींचा — बीच से टूट गया। 'संकर चापु जहाजु सागरु रघुबर बाहुबलु' — धनुष = जहाज, राम बाहुबल = समुद्र।#बालकाण्ड#धनुष उठाया#सहज
रामचरितमानस — बालकाण्डश्रीरामजी ने ताड़का का वध कैसे किया?एक ही बाण से — 'एकहिं बान प्रान हरि लीन्हा। दीन जानि तेहि निज पद दीन्हा॥' — एक बाण से प्राण हरे और दीन जानकर निजपद (मुक्ति) दिया। भगवान शत्रु को मारकर भी कल्याण करते हैं।#बालकाण्ड#ताड़का वध#एक बाण
रामचरितमानस — बालकाण्डतुलसीदासजी ने राम नाम को निर्गुण और सगुण दोनों से कैसे बड़ा बताया?तुलसीदासजी ने कहा कि राम नाम निर्गुण और सगुण दोनों के बीच 'सुन्दर साक्षी' और 'चतुर दुभाषिया' है — दोनों का ज्ञान कराने वाला। रूप नाम के अधीन है, नाम के बिना रूप का ज्ञान नहीं हो सकता।#बालकाण्ड#नाम महिमा#निर्गुण सगुण
मंत्र एवं उपासनाहरे राम हरे कृष्ण महामंत्र की उत्पत्ति कैसे हुईहरे कृष्ण महामंत्र का स्रोत 'कलि-संतरण उपनिषद' है। इसमें ब्रह्माजी ने नारद को बताया कि कलियुग में 16 नामों का यह महामंत्र ही एकमात्र उपाय है। 15वीं सदी में चैतन्य महाप्रभु ने इसे जन-जन तक पहुँचाया।#हरे कृष्ण#महामंत्र#कलि-संतरण उपनिषद
भक्ति एवं उपासनारामधुन राम नाम सत्य है का जप कैसे करेंरामधुन 'श्री राम जय राम जय जय राम' का तुलसी-माला पर 108 बार जप करें। 'राम नाम सत्य है' — मृत्यु-चेतना और अनित्यता के स्मरण के लिए जपें। दोनों प्रातःकाल और संध्याकाल में करना उत्तम है।#रामधुन#राम नाम#जप
मंत्र जप एवं साधनाराम के 108 नामों का जप विधिमंगलवार या रामनवमी को तुलसी माला से 'ॐ [नाम] नमः' क्रम में 108 नाम जपें। तुलसी पत्र और पंचामृत चढ़ाएं। सुंदरकांड के पाठ के साथ यह जप अत्यधिक फलदायक होता है।#राम 108 नाम#जप विधि#राम पूजा
तीर्थ यात्राअयोध्या राम मंदिर दर्शन विधानऑनलाइन पंजीकरण। सरयू स्नान→राम लला→हनुमानगढ़ी। 22 Jan 2024 प्राण प्रतिष्ठा।#अयोध्या#राम मंदिर#दर्शन
त्योहार पूजारामनवमी पर राम जन्म की पूजा कैसे करें?रामनवमी: व्रत → प्रातः राम दरबार अभिषेक → दोपहर 12 बजे विशेष पूजा-जयघोष (जन्म समय) → पालना/झूला → रामचरितमानस बालकाण्ड ('भए प्रगट कृपाला...') → 'ॐ रामाय नमः' जप → आरती → प्रसाद-दान।#रामनवमी#राम जन्म#चैत्र शुक्ल नवमी
अस्त्र शस्त्रराम को कोदंड धनुष कैसे मिला?एक मत के अनुसार राम ने वनवास के दौरान दंडकारण्य वन में स्वयं कोदंड का निर्माण किया था। जनक के स्वयंवर में तोड़ा गया 'पिनाक' और परशुराम का 'शार्ङ्ग' — दोनों कोदंड से अलग थे।#कोदंड#दंडकारण्य#राम धनुष
पूजा विधिराम के 108 नाम जप कैसे करें?तुलसी माला, 'ॐ श्रीरामाय नमः...' 108 नाम। सरल: 'ॐ श्रीरामाय' 108 बार=समान। रामनवमी/मंगल/गुरुवार। तुलसीदास: 'राम नाम=मणि दीपक।' सभी पाप नाश+मोक्ष।#राम#108 नाम#जप