श्रीमद्भागवतद्वारका में कृष्ण का स्वागत कैसे हुआ?द्वारका में कृष्ण का स्वागत भेंट, स्तुति, वेदपाठ, शंख-तुरही, ब्राह्मणों, हाथी, रथों, नर्तकों, गायकों और प्रेम से उमड़े परिजनों के साथ हुआ।#कृष्ण स्वागत#द्वारकावासी#वसुदेव
श्रीमद्भागवतकृष्ण के स्वागत में द्वारका कैसे सजाई गई?कृष्ण के स्वागत में द्वारका के फाटक, राजमार्ग, बाजार, चौक और घरों के द्वार बंदनवार, ध्वज, फूल, अक्षत, कलश, धूप और दीप से सजाए गए।#द्वारका सजावट#कृष्ण स्वागत#द्वारका उत्सव
श्रीमद्भागवतकृष्ण की द्वारका इतनी सुंदर क्यों थी?कृष्ण की द्वारका सुंदर थी क्योंकि वह यादव वीरों से सुरक्षित, ऋतु-वैभव से संपन्न, उद्यानों, सरोवरों, सजावट और मंगल-चिह्नों से भरी थी।#कृष्ण की द्वारका#द्वारका नगरी#द्वारकापुरी
श्रीमद्भागवतभीष्म पितामह ने मृत्यु के समय किसका ध्यान किया?भीष्म पितामह ने मृत्यु के समय श्रीकृष्ण का ध्यान किया और मन, वाणी तथा दृष्टि को उन्हीं में लगा दिया।#भीष्म ध्यान#कृष्ण#प्राण त्याग
श्रीमद्भागवतभीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन क्यों मिले?भीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन इसलिए मिले क्योंकि कृष्ण अपने अनन्य प्रेमी भक्तों पर कृपा करते हैं।#भीष्म#कृष्ण दर्शन#भक्ति
श्रीमद्भागवतकृष्ण द्वारका क्यों लौटना चाहते थे?राज्य-संबंधी कार्य पूरे होने के बाद कृष्ण ने द्वारका जाने का विचार किया; उनके भीतर का अलग कारण विस्तार से नहीं बताया गया।#कृष्ण#द्वारका#पांडव
श्रीमद्भागवतभागवत कथा सुनते समय किनसे बात नहीं करनी चाहिए?नियम से कथा सुनने वाले को रजस्वला, अंत्यज, म्लेच्छ, पतित, गायत्रीहीन, ब्राह्मणद्वेषी और वेदबाह्य लोगों से बातचीत न करने को कहा गया है।#बातचीत#श्रवण नियम#भागवत कथा
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में एक समय भोजन कर सकते हैं?हाँ, एक समय भोजन का विधान है; श्रोता हविष्य अन्न या सुविधा अनुसार एक समय भोजन करके कथा सुन सकता है।#एक समय भोजन#भागवत सप्ताह#आहार
श्रीमद्भागवतभागवत कथा किस समय शुरू करनी चाहिए?कथा सूर्योदय से आरंभ करने और मध्यम स्वर में साढ़े तीन पहर तक सुनाने की बात कही गई है।#कथा समय#सूर्योदय#भागवत कथा
श्रीमद्भागवतभागवत कथा सुनते समय क्या छोड़ना चाहिए?कथा सुनते समय लोक, धन, घर-पुत्र की चिंता, काम, क्रोध, लोभ, निंदा, अनुचित संग और अशुद्ध आहार छोड़ना चाहिए।#श्रवण नियम#त्याग#भागवत कथा
श्रीमद्भागवतभागवत कथा की तैयारी कब शुरू करें?तैयारी मुहूर्त और धन-व्यवस्था से शुरू होती है; बिछाने की सामग्री पाँच दिन पहले जुटाने और वक्ता को एक दिन पहले क्षौर कराने को कहा गया है।#कथा तैयारी#भागवत सप्ताह#मंडप
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह के लिए मुहूर्त कैसे देखें?मुहूर्त के लिये ज्योतिषी से पूछना, शुभ महीनों को चुनना और भद्रा-व्यतीपात जैसे कुयोग छोड़ना बताया गया है।#मुहूर्त#भागवत सप्ताह#ज्योतिष
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह कब शुरू करना चाहिए?भागवत सप्ताह शुरू करने से पहले ज्योतिषी से मुहूर्त पूछना और शुभ महीनों में कथा आरंभ करना बताया गया है।#भागवत सप्ताह#मुहूर्त#शुभ समय
श्रीमद्भागवतभागवत कथा सुनते समय मन कैसा होना चाहिए?कथा सुनते समय मन श्रद्धायुक्त, एकाग्र, दीनभाव वाला और गुरु वचन में विश्वास रखने वाला होना चाहिए।#कथा श्रवण#मन#एकाग्रता
श्रीमद्भागवतअंत समय भागवत सुनने से क्या होता है?कहा गया है कि अंत समय श्रीमद्भागवत का वाक्य सुनने वाले पर गोविंद प्रसन्न होकर वैकुंठधाम देते हैं।#अंत समय#भागवत श्रवण#वैकुंठ