विस्तृत उत्तर
अंत समय भागवत सुनने का फल सीधे बताया गया है। सनकादि कहते हैं कि जिस व्यक्ति को अंतिम समय में श्रीमद्भागवत का वाक्य सुनने को मिल जाता है, उस पर प्रसन्न होकर भगवान गोविंद उसे वैकुंठधाम प्रदान करते हैं। यह कथन नित्य पाठ, श्रवण और भागवत-सेवन की महिमा के क्रम में आता है। पहले बताया गया है कि भागवत श्रवण से श्रीहरि हृदय में प्रकट होते हैं और जीव अज्ञान के संसारचक्र से छूटने की दिशा पाता है। इसलिए अंत समय भागवत सुनना वैकुंठ-प्राप्ति से जुड़ा हुआ बताया गया है।
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