विस्तृत उत्तर
भागवत कथा आरंभ करने का दैनिक समय सूर्योदय बताया गया है। बुद्धिमान वक्ता को सूर्योदय से कथा आरंभ कर मध्यम स्वर में अच्छी तरह वाचन करना चाहिए। यह वाचन साढ़े तीन पहर तक चलता है। दोपहर में दो घड़ी का विराम होता है, जिसके दौरान कथा से जुड़े कीर्तन का विधान है। यहाँ स्वर का भी संकेत है: कथा मध्यम स्वर में पढ़ी जाए, जिससे श्रोता स्पष्ट सुन सकें और श्रवण में रस बना रहे। कथा का समय केवल सुविधा के लिये नहीं, बल्कि अनुशासित श्रवण-व्रत की तरह निर्धारित है। इससे सप्ताह के सातों दिन नियमित, शांत और ध्यानयुक्त वातावरण में कथा चलती है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





