विस्तृत उत्तर
मकर संक्रांति की षोडशोपचार पूजा में भगवान सूर्य को पीत (पीले) अथवा रक्त वर्ण (लाल रंग) के वस्त्र अर्पित किए जाते हैं।
मकर संक्रांति पर सूर्य देव को कौन से वस्त्र चढ़ाते हैं को संदर्भ सहित समझें
मकर संक्रांति पर सूर्य देव को कौन से वस्त्र चढ़ाते हैं का सबसे सीधा सार यह है: मकर संक्रांति पर सूर्य देव को: पीत (पीले) या रक्त वर्ण (लाल रंग) के वस्त्र अर्पित करें।
षोडशोपचार पूजा जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा की षोडशोपचार विधि क्या है?
सूर्य षोडशोपचार पूजा के 16 चरण: ध्यान → आसन → पाद्य-अर्घ्य → आचमन-मधुपर्क → स्नान → वस्त्र → यज्ञोपवीत → गंध-कुमकुम → पुष्प-दूर्वा → धूप → दीप → नैवेद्य (खिचड़ी) → ताम्बूल-दक्षिणा → आरती → प्रदक्षिणा → पुष्पांजलि-क्षमा।
षोडशोपचार पूजा में नैवेद्यम् क्या होता है?
षोडशोपचार में नैवेद्यम् = शुद्ध और सात्विक भोजन का भोग देवता को लगाना।
षोडशोपचार पूजा में अर्घ्यम् क्या होता है?
षोडशोपचार में अर्घ्यम् = देवता के हाथ धोने के लिए सुगंधित जल देना।
षोडशोपचार पूजा में पाद्यम् क्या होता है?
षोडशोपचार में पाद्यम् = देवता के चरण धोने के लिए जल अर्पित करना।
षोडशोपचार पूजा में आवाहन क्या होता है?
षोडशोपचार में आवाहनम् = देवता का प्रेमपूर्वक आवाहन कर उन्हें बुलाना — यह पूजा का प्रथम उपचार है।
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