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नित्य मंत्र⏱ 2 मिनट पठन

शयन करते समय कौन से मंत्र बोलें?

शयन मंत्र: 'रामं स्कन्दं हनूमन्तं वैनतेयं वृकोदरम्। शयने यः स्मरेन्नित्यं दुःस्वप्नं तस्य नश्यति। ' (दुःस्वप्न नाश)। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ नमः शिवाय'।

संक्षिप्त उत्तर

शयन मंत्र: 'रामं स्कन्दं हनूमन्तं वैनतेयं वृकोदरम्। शयने यः स्मरेन्नित्यं दुःस्वप्नं तस्य नश्यति।' (दुःस्वप्न नाश)। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ नमः शिवाय'। दक्षिण/पूर्व सिर। उत्तर सिर वर्जित।

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विस्तृत उत्तर

शयन (सोने) से पूर्व मंत्र बोलने से रात्रि में रक्षा, निर्भय निद्रा, और सुप्रभात होता है।

शयन मंत्र

1शयन प्रार्थना (सर्वश्रेष्ठ)

कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्।

(यह मंत्र प्रातः भी बोला जाता है, शयन से पूर्व भी उचित है।)

2विष्णु स्मरण

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

या 'राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने।'

3शिव स्मरण

ॐ नमः शिवाय।

4रक्षा मंत्र

रामं स्कन्दं हनूमन्तं वैनतेयं वृकोदरम्। शयने यः स्मरेन्नित्यं दुःस्वप्नं तस्य नश्यति।

(अर्थ: जो सोते समय राम, स्कन्द/कार्तिकेय, हनुमान, गरुड़ और भीम का स्मरण करता है, उसके दुःस्वप्न नष्ट होते हैं।)

5देवी स्तुति

या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

6हनुमान स्मरण

बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोगता। अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनूमत्स्मरणाद्भवेत्।

सरल नियम: यदि कोई मंत्र याद न हो तो 'ॐ' का उच्चारण या अपने इष्ट देवता का नाम तीन बार बोलकर सो जाना भी पर्याप्त है।

शयन नियम: दक्षिण या पूर्व दिशा में सिर करके सोएँ। उत्तर दिशा में सिर करके न सोएँ (शवासन माना जाता है)। बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिए उत्तम।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

शयन करते समय कौन से मंत्र बोलें को संदर्भ सहित समझें

शयन करते समय कौन से मंत्र बोलें का सबसे सीधा सार यह है: शयन मंत्र: 'रामं स्कन्दं हनूमन्तं वैनतेयं वृकोदरम्। शयने यः स्मरेन्नित्यं दुःस्वप्नं तस्य नश्यति।' (दुःस्वप्न नाश)। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ नमः शिवाय'। दक्षिण/पूर्व सिर। उत्तर सिर वर्जित।

नित्य मंत्र जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

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उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

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नित्य मंत्र श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

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यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

नित्य मंत्र प्रश्नोत्तर
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