विस्तृत उत्तर
इस एकादशी की महिमा मंत्रों के जप में निहित है। सर्वसिद्धि के लिए मूल मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करें। भगवान के शयन के समय विशेष शयन मंत्र— 'सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत् सुप्तं भवेदिदम्। विबुद्धे त्वयि बुद्धं च जगत्सर्वं चराचरम्।।' पढ़ना चाहिए, जो भगवान की कृपा दिलाता है। मानसिक शांति के लिए 'शान्ताकारं भुजगशयनं...' स्तुति और शत्रु नाश के लिए विष्णु सहस्रनाम या नारायण कवच का पाठ करना चाहिए।





