ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
कर्मकांड📜 गरुड़ पुराण, यजुर्वेद, ऋग्वेद (पितृ सूक्त), श्राद्ध विधि2 मिनट पठन

श्राद्ध कर्म में कौन से वैदिक मंत्रों का प्रयोग होता है?

संक्षिप्त उत्तर

प्रमुख: पितृ सूक्त (ऋग्वेद 10.15), तर्पण मंत्र ('...स्वधा नमः'), पितृ गायत्री, गायत्री, यम सूक्त। स्वधा = पितरों हेतु (स्वाहा = देवताओं)। दक्षिण मुख, तिल+जल, अपसव्य। विद्वान ब्राह्मण से करवाएं।

📖

विस्तृत उत्तर

श्राद्ध कर्म = पितरों (मृत पूर्वजों) की तृप्ति हेतु किया जाने वाला कर्मकांड। इसमें कई वैदिक मंत्रों का प्रयोग होता है:

प्रमुख वैदिक मंत्र

1पितृ सूक्त (ऋग्वेद 10.15)

पितरों की स्तुति का प्रमुख वैदिक सूक्त। 'ऊर्जं वहंतीरमृतं घृतं पयः...' — पितरों को ऊर्जा, अमृत, घी, दूध अर्पण।

2तर्पण मंत्र

'(पितर नाम) गोत्रः शर्मा/देवी वसुरूपः/वसुरूपा तृप्यतां इदं तिलोदकं तस्मै/तस्यै स्वधा नमः'

3. गायत्री मंत्र: सार्वभौमिक — श्राद्ध में भी मान्य।

3पितृ गायत्री

'ॐ पितृगणाय विद्महे महास्वधायै धीमहि तन्नो पितरः प्रचोदयात्'

5. स्वधा मंत्र: 'स्वधा नमः' — पितरों के लिए 'स्वधा' = 'स्वाहा' (देवताओं हेतु) के समकक्ष।

6. यम सूक्त: यमराज की स्तुति — पितृलोक अधिपति।

7. विष्णु सहस्रनाम / गीता (अध्याय 2/15): श्राद्ध के दिन पाठ।

श्राद्ध विधि (सरल)

दक्षिण मुख → यज्ञोपवीत अपसव्य (दायें कंधे) → काले तिल + जल → तर्पण → पिंडदान → ब्राह्मण भोजन।

ध्यान रखें: श्राद्ध = विस्तृत कर्मकांड — कुल पुरोहित/विद्वान ब्राह्मण से करवाएं।

📜
शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, यजुर्वेद, ऋग्वेद (पितृ सूक्त), श्राद्ध विधि
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

श्राद्धवैदिक मंत्रपितृतर्पण

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

श्राद्ध कर्म में कौन से वैदिक मंत्रों का प्रयोग होता है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको कर्मकांड से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर गरुड़ पुराण, यजुर्वेद, ऋग्वेद (पितृ सूक्त), श्राद्ध विधि पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।