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दान प्रश्नोत्तरी — 92 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित दान विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 92 प्रश्न

शिव पूजा नियम

शिव मंदिर में दक्षिणा कैसे और कितनी देनी चाहिए?

यथाशक्ति — कोई निश्चित राशि नहीं। विषम संख्या (1/5/11/21/51/101) शुभ। दाहिने हाथ से, श्रद्धापूर्वक। 'दक्षिणा विहीना पूजा निष्फला' — भाव प्रधान। अन्नदान सर्वश्रेष्ठ।

दक्षिणादानमंदिर
दिव्यास्त्र

इंद्र ने कर्ण को धोखा देने के लिए क्या वेश धारण किया?

इंद्र ने एक वृद्ध ब्राह्मण का वेश धारण करके कर्ण के पास पहुँचकर भिक्षा में उसके दिव्य कवच और कुंडल मांग लिए।

इंद्रब्राह्मण वेशकर्ण
लोक

दान करने से स्वर्ग मिलता है क्या?

हाँ, गरुड़ पुराण के अनुसार गौ दान, तिल दान और भूमि दान स्वर्ग का द्वार खोलते हैं। ये दान सुपात्र ब्राह्मणों को देने से पाप नष्ट होते हैं।

दानस्वर्गगौ दान
लोक

स्वर्लोक कैसे मिलता है?

स्वर्लोक धर्म पालन, दान (गौ, भूमि, तिल), यज्ञ और वैदिक अनुष्ठानों से मिलता है। मृत्यु के समय भगवान का नाम लेने से भी स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

स्वर्लोकप्राप्तियज्ञ
शिव पूजा

शिव मंदिर में दान देने का शास्त्रीय विधान क्या है?

अन्न दान सर्वश्रेष्ठ। अन्य: वस्त्र, धन, गो, पूजा सामग्री, विद्या दान। नियम: दाहिने हाथ से, श्रद्धापूर्वक, गुप्त रूप से, यथाशक्ति, सत्पात्र को। सोमवार/प्रदोष/शिवरात्रि विशेष फलदायी। उद्देश्य: सेवा भावना, बदले की अपेक्षा नहीं।

दानमंदिरशास्त्रीय विधान
ज्योतिष उपाय

राहु शांति के लिए दान क्या करें?

काले तिल, नारियल(नदी प्रवाहित), काला कंबल, सरसों, लोहा, उड़द, छाया दान, मछली(नदी)। राहु काल में=विशेष। सबसे सरल: नारियल+तिल+उड़द।

राहुदानशांति
धर्म मार्गदर्शन

दान से पापों का नाश कैसे होता है?

गीता (17.20-22): सात्विक दान (निःस्वार्थ, पात्र को) = श्रेष्ठ, पापनाशक। अन्नदान सबसे बड़ा ('अन्नदानं परं दानम्')। दान से लोभ त्याग + पुण्य संचय + कर्म शुद्धि। दान = प्रायश्चित, पाप की छूट नहीं।

दानपाप नाशधर्म
विवाह संस्कार

कन्यादान सबसे बड़ा दान क्यों?

कन्या=देवी स्वरूप, सबसे प्रिय=सबसे बड़ा त्याग=सबसे बड़ा पुण्य। दो परिवार जोड़ती=सृष्टि दान। शास्त्रीय=सम्मान+विश्वास। आधुनिक: कन्या सहमति अनिवार्य=संबंध दान, सम्पत्ति नहीं।

कन्यादानदानविवाह
भक्ति एवं आध्यात्म

दान कर रहे हैं पर दरिद्रता दूर नहीं हो रही — कारण क्या है?

दान का फल तब अधिक होता है जब — बिना दिखावे के सही पात्र को, सात्विक भाव से दिया जाए (गीता 17.20)। प्रारब्ध कर्म का ऋण चुकाने में समय लगता है। दान के साथ परिश्रम और अनुशासन भी जरूरी है।

दानदरिद्रताकर्म
धर्म मार्गदर्शन

प्रायश्चित कैसे करें पापों के लिए?

प्रायश्चित: तप (उपवास/व्रत), जप (गायत्री/महामृत्युंजय), दान (अन्न/गो/वस्त्र), तीर्थ यात्रा, हवन, सेवा। सबसे महत्वपूर्ण: सच्चा पश्चाताप + पुनः पाप न करने का संकल्प। गीता: आत्मज्ञान और ईश्वर शरणागति सर्वोच्च प्रायश्चित।

प्रायश्चितपाप क्षमातप
शिवभक्ति

शिवभक्ति पाने के साधन कौन-कौन से हैं?

ज्ञान, अध्यापन, होम, ध्यान, यज्ञ, तप, वेद, दान और अध्ययन शिवभक्ति प्राप्त करने के साधन बताए गए हैं।

शिवभक्तिज्ञानअध्यापन
दान और साधुधर्म

दान कितने प्रकार का बताया गया है?

दान तीन प्रकार का बताया गया है: कनिष्ठ, मध्यम और श्रेष्ठ।

दानकनिष्ठ दानमध्यम दान
दान और साधुधर्म

दान का सही लक्षण क्या है?

न्यायपूर्वक अर्जित प्रिय द्रव्य को गुणी पात्र को देना दान का लक्षण है।

दानन्यायपूर्वक धनगुणी पात्र
श्रीमद्भागवत

तपस्या और दान का असली फल क्या है?

तपस्या और दान का असली फल श्रीकृष्ण के गुण और लीला का वर्णन करना बताया गया है।

तपस्यादानकृष्ण गुण
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में बारह ब्राह्मणों को भोजन क्यों कराएं?

समापन पर बारह ब्राह्मणों को खीर, मधु आदि उत्तम पदार्थ खिलाकर व्रत की पूर्ति और दान का विधान बताया गया है।

ब्राह्मण भोजनबारह ब्राह्मणव्रतपूर्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह के बाद दान किसे दें?

समाप्ति पर ब्राह्मणों और याचकों को धन-अन्न दें; सामर्थ्य हो तो हवन सामग्री, गौ-सुवर्ण और भागवत पुस्तक आचार्य को दें।

दानभागवत सप्ताहब्राह्मण
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह का उद्यापन कैसे करें?

उद्यापन में पुस्तक-वक्ता पूजा, प्रसाद-तुलसी, कीर्तन, जय-शंखध्वनि, दान, गीता पाठ या हवन, ब्राह्मण भोजन और पुस्तक दान बताए गए हैं।

उद्यापनभागवत सप्ताहदान
कर्म फल

नरक और कर्मानुसार दंड का वर्णन किसके साथ आता है?

नरक और कर्मानुसार दंड का वर्णन स्वर्ग-नरक, दान, यमपुरी, पंचाक्षर मन्त्र और रुद्रमाहात्म्य के साथ आता है।

नरककर्मानुसार दंडस्वर्ग
श्रीमद्भागवत

पुत्र के लिए आत्मदेव ने क्या दान किया?

आत्मदेव ने पुत्र के लिये पुण्यकर्म किए और दीन-दुखियों को गौ, भूमि, सोना और वस्त्र दान किए।

आत्मदेवदानसंतान
लोक

आधी रोटी बांटने का धार्मिक महत्व क्या है?

कम में भी बाँटना करुणा और धर्म का बड़ा रूप है।

दानभोजनअतिथि
लोक

गरीब का दान बड़ा क्यों माना जाता है?

अभाव में दिया गया दान सबसे अधिक निस्वार्थ माना गया है।

दानगरीबमाधव
लोक

लक्ष्मी जी असुरराज बलि के पास क्यों गईं?

लक्ष्मी जी बलि की सत्यनिष्ठा और दानशीलता से प्रसन्न होकर उसके पास गईं।

लक्ष्मीराजा बलिधर्म
लोक

एकादशी श्राद्ध में ब्राह्मण कौन होना चाहिए?

सुयोग्य, वेदमर्मज्ञ और शीलवान ब्राह्मण।

सुयोग्य ब्राह्मणश्राद्ध भोजनदान
लोक

एकादशी श्राद्ध से यममार्ग में क्या लाभ है?

यममार्ग की बाधाएं कम होती हैं।

यममार्गएकादशी श्राद्धदान

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।