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प्रकृति प्रश्नोत्तरी — 34 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रकृति विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 34 प्रश्न

स्तोत्र

शांति पाठ मंत्र का वास्तविक अर्थ

शांति पाठ केवल व्यक्तिगत शांति नहीं, बल्कि स्वर्ग, अंतरिक्ष, पृथ्वी, जल, वनस्पति और संपूर्ण ब्रह्मांड में शांति और संतुलन स्थापित करने की एक वैदिक प्रार्थना है।

शांति पाठयजुर्वेदप्रकृति
ज्ञान और भक्ति

वास्तविक ज्ञान क्या है?

प्रकृति से परमाणु तक जड़ जगत के सभी पदार्थों से ईश्वर को पृथक जानना वास्तविक ज्ञान है।

वास्तविक ज्ञानईश्वरप्रकृति
प्रलय

सृष्टि और प्रलय का कारण क्या बताया गया है?

गुणों की विषमता से सृष्टि और गुणों के साम्य से प्रलय बताया गया है; दोनों का हेतु महेश्वर हैं।

सृष्टिप्रलयगुण
प्रलय

प्रलय के बाद क्या बचता है?

प्रलय के बाद केवल प्रधान यानी प्रकृति और पुरुष रह जाते हैं।

प्रलयप्रधानप्रकृति
प्रलय

महाप्रलय में क्या होता है?

महाप्रलय में सम्पूर्ण सृष्टि का लय हो जाता है और शिव की आज्ञा से प्रलय का भी प्रलय होता है।

महाप्रलयसृष्टि लयशिव आज्ञा
जीव और माया

अनासक्त जीव माया को क्यों छोड़ देता है?

अनासक्त जीव प्रकृति के भोगों को भोगकर उनकी असारता और क्षणभंगुरता समझकर माया छोड़ देता है।

अनासक्त जीवमायाप्रकृति
जीव और माया

बद्ध जीव प्रकृति का अनुसरण क्यों करता है?

बद्ध जीव तीन गुणों वाली अजा प्रकृति की प्रेमपूर्वक सेवा करता हुआ उसका अनुसरण करता है।

बद्ध जीवप्रकृतिअजा
प्रकृति तत्त्व

तीन गुणों वाली प्रकृति कैसी होती है?

तीन गुणों वाली प्रकृति रक्तवर्णा रजोगुणवाली, शुक्लवर्णा सत्त्वगुणवाली और कृष्णवर्णा तमोगुणवाली बताई गई है।

तीन गुणप्रकृतिरजोगुण
प्रकृति तत्त्व

अजा प्रकृति क्या है?

अजा प्रकृति विश्व को धारण करनेवाली शैवी शक्ति है, जो बहुविध प्रजाओं की उत्पत्ति करती है।

अजाप्रकृतिशैवी शक्ति
प्रकृति तत्त्व

प्रकृति शैवी कैसे हुई?

शिव की दृष्टिमात्र से प्रकृति शैवी हो गई और सृष्टि के समय गुणों से युक्त हुई।

प्रकृतिशैवीशिव दृष्टि
प्रकृति तत्त्व

शिव और प्रकृति का संबंध क्या है?

निर्गुण शिव प्रकृति के मूल कारण हैं और शिव की दृष्टि से प्रकृति शैवी कही गई है।

शिवप्रकृतिशैवी शक्ति
प्रकृति तत्त्व

प्रकृति को लिंग क्यों कहा गया है?

प्रकृति को लिंग कहा गया है क्योंकि प्रधान प्रकृति शब्द-स्पर्श-रूप-रस-गन्धादि से संयुक्त उत्तम लिंग बताई गई है।

प्रकृतिलिंगप्रधान
शिव तत्त्व

लिंग तत्त्व क्या है?

लिंग तत्त्व प्रधान प्रकृति है, जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध आदि से संयुक्त बताई गई है।

लिंग तत्त्वप्रकृतिप्रधान
ॐकार और शब्दब्रह्म

ॐकार को प्रकृति और पुरुष से परे क्यों कहा गया है?

ॐकार को व्यापक, प्रकृति-पुरुष से अतीत और प्रलय-उत्पत्ति से रहित कहा गया है।

ॐकारप्रकृतिपुरुष
लोक

प्रकृति की साम्यावस्था क्या है?

तीनों गुणों का शांत संतुलन प्रकृति की साम्यावस्था कहलाता है।

प्रकृतिसाम्यावस्थात्रिगुण
लोक

सृष्टि से पहले प्रकृति कैसी थी?

सृष्टि से पहले प्रकृति त्रिगुणों की संतुलित और अव्यक्त अवस्था में थी।

प्रकृतिसृष्टिसाम्यावस्था
लोक

लक्ष्मी जी और प्रकृति का संबंध क्या है?

लक्ष्मी जी धन के साथ प्रकृति, उर्वरता और शुभता से जुड़ी हैं।

लक्ष्मीप्रकृतिउर्वरता
लोक

बिना पूछे फूल तोड़ना गलत क्यों माना गया?

क्योंकि फूल किसान के श्रम और प्रकृति के अधिकार से जुड़ा था।

फूलअस्तेयप्रकृति
लोक

चेतना और ऊर्जा का संबंध क्या है?

चेतना आधार है, ऊर्जा गति है।

चेतनाऊर्जाप्रकृति
लोक

महामाया कौन हैं?

महामाया सृष्टि को गति देने वाली आद्य शक्ति हैं।

महामायाशक्तिप्रकृति
लोक

प्रकृति की गति क्यों जरूरी है?

प्रकृति की गति से ही सृष्टि सक्रिय रहती है।

प्रकृतिगतिसृष्टि
लोक

पुरुष जड़ हो जाए तो क्या होता है?

पुरुष की जड़ता से सृष्टि का स्पंदन रुक जाता है।

पुरुषप्रकृतिस्पंदन
लोक

पुरुष और प्रकृति का संबंध क्या है?

पुरुष चेतना है और प्रकृति गति देने वाली ऊर्जा है।

पुरुषप्रकृतिसांख्य
लोक

पंचमहाभूत कैसे विलीन होते हैं?

वे क्रमशः अपने कारण और फिर मूल प्रकृति में विलीन होते हैं।

पंचमहाभूतविलयप्रकृति

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।