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रुद्र प्रश्नोत्तरी — 52 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित रुद्र विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 52 प्रश्न

लोक

33 कोटि देवता कौन-कौन से हैं?

33 कोटि देवताओं में 12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र और 2 अश्विनी कुमार हैं। इनके अतिरिक्त अग्नि, वरुण, यम, कुबेर जैसे दिक्पाल भी हैं।

33 कोटि देवताआदित्यवसु
शिव नाम

शिव के 108 नामों में से सबसे शक्तिशाली नाम कौन सा है?

शास्त्रों में एक नाम 'सबसे शक्तिशाली' घोषित नहीं। प्रमुख: 'शिव' (पंचाक्षर मूल — वेद सार), 'रुद्र' (यजुर्वेद), 'महादेव' (देवों के देव), 'महामृत्युंजय' (ऋग्वेद), 'महाकाल' (समय नियंत्रक)। भक्ति भाव से कोई भी नाम शक्तिशाली।

108 नामशक्तिशालीमहादेव
शिव नाम महिमा

शिव को रुद्र क्यों कहते हैं

रुद्र = 'रुत्' (दुख) + 'द्र' (हरने वाला) — दुखों को हरने वाले देव। यह शिव का वेदों में मूल नाम है। यजुर्वेद के रुद्रम् में 'नमस्ते रुद्र मन्यव' से इनका स्तवन है। रुद्र सौम्य और उग्र — दोनों स्वरूपों में विराजते हैं।

रुद्रदुख हरणवेद नाम
लोक

नैमित्तिक प्रलय में सात सूर्यों का क्या काम है?

प्रलय में सूर्य की सात रश्मियाँ सात प्रलयंकारी सूर्य बन जाती हैं जिनकी प्रचंड अग्नि से पहले भूलोक फिर भुवर्लोक और फिर स्वर्लोक भस्म हो जाते हैं।

सात सूर्यनैमित्तिक प्रलयभुवर्लोक
शिव नाम

शिव को गणों का स्वामी क्यों कहा गया है?

स्तुति में शिव को गणों का अधिपति कहा गया है और उसी के साथ उन्हें गंधी तथा गुहा से भी गुह्यतम रुद्र कहा गया है।

गणों के अधिपतिरुद्रगुह्यतम
प्रणव रूप

शिव ओंकार और सर्वज्ञ कैसे हैं?

स्तुति में शिव को भगवान्, सर्पों के पति, ओंकार और सर्वज्ञ कहा गया है।

ओंकारसर्वज्ञशिव
विश्वव्यापक शिव

शिव इन्द्रियों के विषयों में कैसे हैं?

शिव को शब्द, स्पर्श, रस और गंध स्वरूप कहा गया है; उन्हें गंधी और गणों का अधिपति भी नमस्कार किया गया है।

शब्दस्पर्शरस
प्रणव रूप

अकार, उकार, मकार क्या हैं?

अकार को परमात्मा, उकार को आदिदेव विद्यादेह और मकार को परमात्मा शिव कहा गया है।

अकारउकारमकार
प्रणव रूप

प्रणवरूप रुद्र कौन हैं?

प्रणवरूप रुद्र अद्वितीय और नाशरहित हैं; स्तुति में अकार, उकार और मकार रूप परमात्मा को भी नमस्कार किया गया है।

प्रणवरूप रुद्ररुद्रओंकार
विष्णु स्तुति

विष्णु ने शिव की स्तुति कैसे की?

विष्णु ने शिव को अनेक नामों और रूपों से नमस्कार किया, जैसे प्रणवरूप रुद्र, महादेव, ईशान, लिंग, लिंगी, ओंकार और सर्वज्ञ।

विष्णुशिव स्तुतिमहेश्वर
विष्णु स्तुति

विष्णु स्तुति क्या है?

विष्णु स्तुति वह स्तोत्र है जिसमें विष्णु ने रुद्र, शिव, महेश्वर, ओंकार, मोक्षदाता और विश्वगर्भ रूपों को नमस्कार किया।

विष्णु स्तुतिमहेश्वरशिव
प्रणव ओम्

प्रणव ओम् को ब्रह्म क्यों कहा गया है?

प्रणव ओम् को रुद्र, परम कारण, सत्य-आनन्द, अमृतरूप परम ब्रह्म और सृष्टिकर्ता लिंगरूप प्रणव का वाचक बताया गया है।

प्रणवओम्ब्रह्म
योगावतार

शिव का श्वेत अवतार कब हुआ?

शिव का श्वेत नामक अवतार आदि कलि, अर्थात् स्वायम्भुव मनु के प्रथम कलि में हुआ।

श्वेत अवताररुद्रआदि कलि
शंकर महिमा

शिव स्थाणु क्यों कहलाए?

रुद्रात्मक सृष्टि से निवृत्त होकर निष्कल आत्मा वाले शंकर अधिष्ठित हुए, इसलिए उनका स्थाणुत्व बताया गया।

शिवस्थाणुरुद्र
रुद्र उत्पत्ति

रुद्रों ने कितने भुवनों को व्याप्त किया?

नीललोहित महादेव से उत्पन्न रुद्रों ने सभी चौदह भुवनों को पूर्ण रूप से व्याप्त कर लिया।

रुद्रचौदह भुवननीललोहित
रुद्र उत्पत्ति

नीललोहित महादेव ने क्या उत्पन्न किया?

नीललोहित महादेव ने ब्रह्मा की प्रार्थना पर अपने तुल्य अनेक रुद्र उत्पन्न किये।

नीललोहितमहादेवरुद्र
सती और शिव

सती ने पार्वती रूप में किसे पति माना?

सती ने पार्वती रूप में पुनः शिवजी को पति रूप में प्राप्त किया।

सतीपार्वतीशिव
सती और शिव

सती ने दक्ष यज्ञ में क्या किया?

सती ने दक्ष के यज्ञ का विध्वंस करके अपना देहत्याग किया।

सतीदक्ष यज्ञविध्वंस
सती और रुद्र

ग्यारह रुद्र किसके अंश से उत्पन्न हुए?

ग्यारह प्रकार के रुद्र शिव के अंश से उत्पन्न बताए गए हैं।

ग्यारह रुद्रशिवनीललोहित
सती और रुद्र

सती का विवाह किससे हुआ?

सती ने भगवान् रुद्र को पति रूप में प्राप्त किया और दक्ष ने उन्हें आदरपूर्वक रुद्र को सौंप दिया।

सतीरुद्रदक्षप्रजापति
सती और रुद्र

सती दक्ष की पुत्री कैसे बनीं?

सती शिवसम्भवा मानसी पुत्री थीं; ब्रह्मा ने दक्ष से कहा कि अबसे यह सती तुम्हारी पुत्री होगी।

सतीदक्षशिवसम्भवा
देव काल

रुद्र का एक दिन कितना बताया गया है?

विष्णु के नौ हजार दिनों का समय कालात्मा रुद्र के एक दिन का समय कहा गया है।

रुद्ररुद्र का दिनविष्णु का दिन
शिव तत्त्व

रुद्र से संहार कैसे होता है?

तीन प्रधान देवों में रुद्र से जगत् का संहार बताया गया है और प्रलयकाल तमोगुण से जुड़ा है।

रुद्रसंहारतमोगुण
शिव तत्त्व

ब्रह्मा विष्णु रुद्र शिवात्मक कैसे हैं?

ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र तीनों प्रधान देव माया-वितत लिंगों से उद्भूत और शिवात्मक बताए गए हैं।

ब्रह्माविष्णुरुद्र

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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