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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

लोक

संन्यासियों का श्राद्ध द्वादशी को क्यों किया जाता है?

संन्यासियों के श्राद्ध के लिए पितृ पक्ष की द्वादशी तिथि निर्धारित मानी गई है।

संन्यासी श्राद्धद्वादशीपितृ पक्ष
लोक

अकाल मृत्यु वालों का श्राद्ध चतुर्दशी को क्यों किया जाता है?

अकाल मृत्यु वाले पूर्वजों की शांति के लिए पितृ पक्ष की चतुर्दशी को श्राद्ध किया जाता है।

अकाल मृत्युचतुर्दशी श्राद्धपितृ पक्ष
लोक

सर्वपितृ अमावस्या किसके लिए होती है?

जिन पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो, उनका श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या को किया जाता है।

सर्वपितृ अमावस्यापितृ पक्षअज्ञात तिथि
लोक

पूर्वाह्न में श्राद्ध क्यों वर्जित माना गया है?

श्राद्ध के लिए कुतप वेला निर्धारित है, इसलिए पूर्वाह्न में श्राद्ध वर्जित माना गया है।

पूर्वाह्न श्राद्धश्राद्ध समयकुतप वेला
लोक

कुतप वेला में श्राद्ध क्यों करना चाहिए?

कुतप वेला पितृकर्म के लिए शास्त्रोक्त मध्याह्न समय है, इसलिए श्राद्ध इसी समय करना चाहिए।

कुतप वेलाश्राद्ध समयपितृ कर्म
लोक

पितृलोक पितृ पक्ष में पृथ्वी के निकट क्यों माना जाता है?

पितृ पक्ष में पितृलोक पृथ्वी के निकट माना जाता है, इसलिए पितरों के तर्पण का यह प्रमुख समय है।

पितृलोकपितृ पक्षमहालय
लोक

पितृ पक्ष कब आता है और इसका महत्व क्या है?

भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक पितृ पक्ष होता है, जब पितृलोक पृथ्वी के निकट माना जाता है।

पितृ पक्षमहालयश्राद्ध
लोक

तर्पण का जल अंगूठे और तर्जनी के बीच से क्यों गिराया जाता है?

अंगूठे और तर्जनी के बीच का भाग पितृ तीर्थ है, इसलिए पितृ तर्पण का जल वहीं से गिराया जाता है।

तर्पण जलपितृ तीर्थअंगूठा तर्जनी
लोक

पितृ तीर्थ किसे कहते हैं?

अंगूठे और तर्जनी के बीच का भाग पितृ तीर्थ कहलाता है।

पितृ तीर्थतर्पण जलअंजलि
लोक

देव कार्य और पितृ कार्य की जनेऊ मुद्रा में क्या अंतर है?

देव कार्य में सव्य, पितृ कार्य में अपसव्य और ऋषि तर्पण में निवीत मुद्रा रखी जाती है।

जनेऊ मुद्रादेव कार्यपितृ कार्य
लोक

पितृ कार्य में अपसव्य मुद्रा क्यों रखी जाती है?

पितृ कार्य में जनेऊ दाएँ कंधे पर रखी जाती है, जिसे अपसव्य मुद्रा कहा जाता है।

अपसव्यजनेऊपितृ कार्य
लोक

पितृ तर्पण दक्षिण दिशा की ओर मुख करके क्यों किया जाता है?

पितरों और यमराज का संबंध दक्षिण दिशा से माना गया है, इसलिए पितृ तर्पण दक्षिणाभिमुख होता है।

दक्षिण दिशापितृ तर्पणयमराज
लोक

सपिण्डीकरण में अन्न ऊर्जा बनकर पितरों को कैसे पुष्ट करता है?

सपिण्डीकरण में पिण्ड का अन्न मंत्र-संकल्प से ऊर्जा बनकर पितरों को पुष्ट करता है।

सपिण्डीकरणअन्न ऊर्जापितृ पुष्टि
लोक

पिण्डदान से मृत आत्मा को सूक्ष्म शरीर कैसे मिलता है?

पिण्ड स्थूल शरीर का प्रतीक है और पिण्डदान मृत आत्मा को सूक्ष्म देह की सहायता देता है।

पिण्डदानसूक्ष्म शरीरप्रेतात्मा
लोक

श्राद्ध में पिण्ड किससे बनाया जाता है?

पिण्ड चावल, जौ, दूध, घी, शक्कर, शहद और तिल से बनाया जाता है।

पिण्डश्राद्धपिण्डदान
लोक

तिल मिश्रित जल की तीन अंजलियों का महत्व क्या है?

तिल मिश्रित जल की तीन अंजलियाँ पितरों को तृप्त करती हैं और पाप नाशक मानी गई हैं।

तिल जलतीन अंजलितर्पण
लोक

अकाल मृत्यु वाले पूर्वजों के लिए काले तिल और गंगाजल क्यों जरूरी हैं?

अकाल मृत्यु वाले पूर्वजों की मुक्ति के लिए काले तिल मिश्रित गंगाजल तर्पण विशेष रूप से बताया गया है।

अकाल मृत्युकाले तिलगंगाजल
लोक

तिल तर्पण से पाप नष्ट कैसे होते हैं?

तिल-मिश्रित जल की तीन अंजलियाँ पितरों को अर्पित करने से पाप नष्ट होने का विधान है।

तिल तर्पणपाप नाशश्राद्ध
लोक

काले तिल भगवान विष्णु से कैसे जुड़े हैं?

तिल को भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न माना गया है, इसलिए वे पितृ तर्पण में पवित्र माने जाते हैं।

काले तिलभगवान विष्णुतिल तर्पण
लोक

तर्पण में काले तिल क्यों चढ़ाए जाते हैं?

काले तिल पितरों को प्रिय, पवित्र और अशुभ शक्तियों को दूर करने वाले माने गए हैं।

काले तिलतर्पणपितृ तृप्ति
लोक

कुशा के बिना तर्पण व्यर्थ क्यों माना गया है?

कुशा पितृ तर्पण की ऊर्जा का पवित्र माध्यम है; इसके बिना तर्पण पितरों तक नहीं पहुँचता माना गया है।

कुशातर्पण व्यर्थश्राद्ध नियम
लोक

पितरों का वास कुश के किस भाग में माना जाता है?

पितरों का वास कुश के मूल यानी जड़ भाग में माना जाता है।

पितरकुश मूलतर्पण
लोक

कुश में ब्रह्मा, विष्णु और शिव का वास कैसे माना गया है?

कुश के मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और अग्र भाग में शिव का वास माना गया है।

कुशब्रह्मा विष्णु शिवश्राद्ध
लोक

कुश की उत्पत्ति वराह अवतार से कैसे जुड़ी है?

वराह अवतार के शरीर से गिरे रोम कुश बने, इसलिए कुश को दिव्य और पवित्र माना गया है।

कुश उत्पत्तिवराह अवतारमत्स्य पुराण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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