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पद्म पुराण प्रश्नोत्तरी — 19 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पद्म पुराण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 19 प्रश्न

देवी-देवता परिचय

राधा रानी की उत्पत्ति कैसे हुई?

पद्म पुराण के अनुसार राधा गोप राजा वृषभानु और माता कीर्ति की पुत्री थीं और भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को प्रकट हुईं। ब्रह्मवैवर्त पुराण में वे कृष्ण की ह्लादिनी शक्ति और लक्ष्मी का अवतार बताई गई हैं। महाभारत और भागवत में उनका स्पष्ट उल्लेख नहीं है।

राधा रानीराधा जन्मब्रह्मवैवर्त पुराण
गीता ज्ञान

गीता का कौन सा अध्याय पढ़ने से कौन सा फल?

गीता महात्म्य (पद्म/वराह पुराण): प्रत्येक अध्याय का विशेष फल। 12वाँ (भक्ति) और 15वाँ (पुरुषोत्तम) विशेष महत्वपूर्ण। 18वाँ अध्याय = मोक्ष/शरणागति। सम्पूर्ण पाठ सर्वोत्तम। 'गीता सुगीता कर्तव्या' — गीता ही पर्याप्त।

गीता अध्यायफलगीता महात्म्य
पौराणिक कथाएँ

ब्रह्मा जी का मंदिर केवल पुष्कर में ही क्यों है?

पद्म पुराण की कथा के अनुसार, पुष्कर में यज्ञ के दौरान ब्रह्मा जी ने पत्नी सावित्री की प्रतीक्षा न करके गायत्री से विवाह किया। क्रुद्ध सावित्री ने शाप दिया कि केवल पुष्कर में ही उनकी पूजा होगी, अन्यत्र मंदिर बनाने पर विनाश होगा।

ब्रह्मा जीपुष्कर मंदिरसावित्री शाप
कर्म सिद्धांत

84 लाख योनियां क्या हैं और मनुष्य कैसे बनता है?

पद्म पुराण के अनुसार: जलचर 9L + पेड़-पौधे 20L + कृमि 11L + पक्षी 10L + पशु 30L + मानव 4L = 84 लाख। शुभ कर्मों से मनुष्य जन्म मिलता है। मनुष्य में विवेक और मोक्ष की क्षमता — 'बड़े भाग मानुष तन पावा' (रामचरितमानस)।

84 लाख योनिपुनर्जन्मपद्म पुराण
लोक

वृंदा की कथा किस पुराण में है?

वृंदा की कथा शिव पुराण, पद्म पुराण और स्कंद पुराण परंपराओं में मिलती है।

वृंदा कथापद्म पुराणतुलसी
लोक

पद्म पुराण में भृगु श्राप की कथा क्या है?

पद्म पुराण में काव्या माता वध और विष्णु को भृगु श्राप का प्रसंग है।

पद्म पुराणभृगु श्रापविष्णु
लोक

काव्या माता का वध किस पुराण में है?

यह प्रसंग मत्स्य पुराण, पद्म पुराण, देवी भागवत और रामायण संदर्भों में मिलता है।

काव्या माता पुराणमत्स्य पुराणपद्म पुराण
लोक

पद्म पुराण में एकादशी अन्न का निषेध क्या है?

देव-पितर एकादशी अन्न स्वीकार नहीं करते।

पद्म पुराणअन्न निषेधएकादशी
तिथि शास्त्र

द्वितीया तिथि का अधिष्ठाता देवता कौन है?

द्वितीया तिथि का मुख्य अधिष्ठाता देवता यमराज हैं, जिनका इस तिथि पर विशेष आधिपत्य रहता है। पद्म पुराण के अनुसार यमुना ने यमराज को इसी तिथि पर भोजन कराया था। श्राद्ध के मूल अधिष्ठाता देवता वसु, रुद्र और आदित्य हैं, जो क्रमशः पिता, पितामह और प्रपितामह पीढ़ियों के प्रतिनिधि हैं। साथ ही विश्वेदेव पुरूरवा-आर्द्रव या क्रतु-दक्ष भी आहूत होते हैं।

यमराजद्वितीया अधिष्ठातावसु रुद्र आदित्य
लोक

काले तिल भगवान विष्णु से कैसे जुड़े हैं?

तिल को भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न माना गया है, इसलिए वे पितृ तर्पण में पवित्र माने जाते हैं।

काले तिलभगवान विष्णुतिल तर्पण
मंत्र और स्तोत्र

तुलसी अष्टनाम स्तोत्र क्या है?

तुलसी अष्टनाम स्तोत्र (पद्म पुराण): वृन्दा, वृन्दावनी, विश्वपूजिता, विश्वपावनी, पुष्पसारा, नन्दिनी, तुलसी और कृष्णजीवनी — ये आठ नाम। इन नामों का अर्थ सहित पाठ = अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य।

तुलसी अष्टनाम स्तोत्रपद्म पुराणआठ नाम
तुलसी विवाह परिचय

तुलसी और शालिग्राम का विवाह क्यों होता है — क्या कथा है?

पद्म पुराण और स्कंद पुराण: जलंधर असुर की पत्नी वृंदा के पातिव्रत्य के कारण वह अजेय था। विष्णु ने छल से जलंधर का रूप लिया → वृंदा का पातिव्रत्य भंग → जलंधर का वध संभव। वृंदा ने विष्णु को 'शालिग्राम' बनने का श्राप दिया → विष्णु ने वृंदा को 'तुलसी' बनने का वरदान दिया।

तुलसी शालिग्राम कथावृंदा जलंधरपद्म पुराण
कार्तिकेय और गणेश जन्म

पद्म पुराण के अनुसार गणेश का जन्म कैसे हुआ?

पद्म पुराण: पार्वती ने उबटन से हाथी मुख वाली प्रतिमा बनाई → गंगा जल में प्रवाहित किया → विशालकाय देवपुरुष (गांगेय) बन गया → ब्रह्मा जी ने 'गणेश' नाम दिया।

गणेश जन्मपद्म पुराणगंगा जल
दीपावली और उपासना विधि

दीपावली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है?

पद्म पुराण: वामन अवतार और बलि की उदारता से प्रसन्न विष्णु ने कार्तिक अमावस्या को 'बलिराज्य' घोषित किया। जो इस रात दीप जलाकर महालक्ष्मी का पूजन करता है उसके घर में वर्ष भर अलक्ष्मी का प्रवेश नहीं होता।

दीपावली लक्ष्मी पूजाकार्तिक अमावस्याबलिराज्य
धातु दान

रजत (चांदी) दान से क्या फल मिलता है?

पद्म पुराण: 'चांदी दान करने वाले को उत्तम रूप मिलता है' — चंद्र और शुक्र से संबंध के कारण रजत दान से भौतिक स्वरूप में निखार और आकर्षक व्यक्तित्व मिलता है।

रजत दानपद्म पुराणउत्तम रूप
पौराणिक कथा

एकादशी के दिन अन्न (अनाज) क्यों नहीं खाते?

पद्म पुराण के अनुसार, एकादशी के दिन 'पापपुरुष' (पापों का पुतला) अनाज में छुपकर बैठता है। इसलिए जो भी इंसान एकादशी के दिन अनाज खाता है, वह असल में पापों को खाता है।

अन्न निषेधपापपुरुषपद्म पुराण
पुराण ज्ञान

पद्म पुराण का मुख्य विषय क्या है?

पद्म पुराण वैष्णव पुराण है जिसमें ५५,००० श्लोक हैं। इसका मुख्य विषय भगवान विष्णु की उपासना है। साथ ही राम-कृष्ण चरित्र, तीर्थ-माहात्म्य, तुलसी-महिमा, शालग्राम-स्वरूप और व्रत-विधियाँ हैं। यह पाँच (या सात) खण्डों में विभाजित है।

पद्म पुराणवैष्णव पुराणवेदव्यास
व्रत विधि

एकादशी व्रत में चावल क्यों नहीं खाते?

चावल वर्जित: पद्म पुराण — पाप पुरुष अन्न/चावल में छिपा। चावल=जल तत्व/तमोगुण (एकादशी=सत्त्व), चन्द्र सम्बद्ध, कफकारक (शुद्धि बाधक)। सभी अन्न वर्जित। विकल्प: कुट्टू, साबूदाना, फल, दूध, समा चावल।

एकादशीचावलवर्जित
देवता ज्ञान

ब्रह्मा जी की पूजा क्यों नहीं होती?

शिव पुराण: ब्रह्मा ने शिवलिंग के बारे में असत्य बोला, शिव ने शाप दिया। पद्म पुराण: पत्नी सावित्री का शाप। दार्शनिक कारण: सृष्टि कार्य पूर्ण। पुष्कर (राजस्थान) में एकमात्र प्रमुख मंदिर। विभिन्न पुराणों में कथा भिन्न है।

ब्रह्मा पूजाशापपद्म पुराण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।