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प्रश्न प्रकार

यमराज कैसे सम्बन्धित प्रश्न(22)

यमराज कैसे पर शास्त्रीय व्याख्या और उत्तर — कुल 22 सम्बन्धित प्रश्न उपलब्ध हैं।  यमराज को यम, धर्मराज के रूप में भी जाना जाता है।

यमराज क्यों (34)यमराज कैसे (22)यमराज कौन (20)
यमराज कैसे पर पूछे गए प्रश्न
  1. सावित्री ने यमराज से सत्यवान के प्राण कैसे वापस लिए?
  2. यमराज को कालदण्ड कैसे मिला?
  3. अर्जुन को यमदण्ड दिव्यास्त्र कैसे मिला?
  4. गृहस्थ व्यक्ति ब्रह्मचर्य कैसे रख सकता है?
  5. यमराज का भय कैसे मिटे?
दिव्यास्त्र

सावित्री ने यमराज से सत्यवान के प्राण कैसे वापस लिए?

सावित्री ने धर्म और दर्शन की ज्ञानपूर्ण बातों से यमराज को प्रभावित किया। बुद्धिमत्ता से तीन वरदान माँगकर यमराज को अपने ही वचन से बाँध दिया और सत्यवान के प्राण वापस लिए।

#सावित्री#सत्यवान#यमराज
दिव्यास्त्र

यमराज को कालदण्ड कैसे मिला?

यमराज को कालदण्ड स्वयं सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने प्रदान किया था ताकि वे जीवों के कर्मों का न्याय कर सकें।

#कालदण्ड#यमराज#ब्रह्मा
दिव्यास्त्र

अर्जुन को यमदण्ड दिव्यास्त्र कैसे मिला?

वनवास काल में अर्जुन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर यमराज ने उनके पराक्रम और धर्मनिष्ठा को देखकर उन्हें यमदण्ड दिव्यास्त्र प्रदान किया।

#अर्जुन#यमदण्ड#दिव्यास्त्र
यम

गृहस्थ व्यक्ति ब्रह्मचर्य कैसे रख सकता है?

गृहस्थ के लिये परनारी से मन, वाणी और कर्म से भोग-प्रवृत्ति न रखना और अपनी पत्नी से उचित समय पर ही संसर्ग करना ब्रह्मचर्य है।

#गृहस्थ ब्रह्मचर्य#स्वदार#ऋतुकाल
श्रीमद्भागवत

यमराज का भय कैसे मिटे?

कहा गया है कि जिनके हृदय में प्रेमरूप भक्ति रहती है, वे स्वप्न में भी यमराज को नहीं देखते।

#यमराज#भक्ति#भय
लोक

यमपुरी में प्रवेश के बाद आत्मा का न्याय कैसे होता है?

यमपुरी में चित्रगुप्त कर्म-वृत्तांत पढ़ते हैं और यमराज उसी के आधार पर आत्मा का न्याय करते हैं।

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लोक

पुण्यात्माओं का यमपुरी में स्वागत कैसे होता है?

पुण्यात्माओं का धर्मराज स्वयं सम्मान करते हैं; उन्हें रथ-विमानों से लाया जाता है और देव-गंधर्व पुष्पवर्षा करते हैं।

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लोक

यमराज के सामने श्रवण देव गवाह कैसे बनते हैं?

यदि आत्मा पाप नकारती है, तो श्रवण-श्रवणी देव यमराज के सामने प्रत्यक्ष गवाह बनकर उसके कर्मों का प्रमाण देते हैं।

#श्रवण देव#यमराज#गवाह
लोक

चित्रगुप्त जीवों के कर्मों का लेखा कैसे रखते हैं?

चित्रगुप्त अग्रसंधानी पुस्तिका में कर्म दर्ज रखते हैं और श्रवण-श्रवणी देव हर गुप्त कर्म की सूचना पहुँचाते हैं।

#चित्रगुप्त#कर्म लेखा#अग्रसंधानी
लोक

चित्रगुप्त की उत्पत्ति कैसे हुई?

चित्रगुप्त ब्रह्मा जी की १००० वर्षों की तपस्या से उनकी काया से प्रकट हुए, इसलिए वे कायस्थ कहलाए।

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लोक

यमराज की सभा में कर्मों का मूल्यांकन कैसे होता है?

चित्रगुप्त की अग्रसंधानी पुस्तिका में दर्ज कर्मों के आधार पर यमराज की सभा में जीवात्मा का मूल्यांकन होता है।

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लोक

यमराज की सभा में पुण्यात्माओं का स्वागत कैसे होता है?

पुण्यात्मा के आने पर धर्मराज स्वयं आसन से उठकर स्वागत करते हैं और उसे सम्मानपूर्वक सभा में स्थान देते हैं।

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लोक

यमराज भगवान विष्णु के प्रतिनिधि कैसे हैं?

यमराज भगवान विष्णु की दण्ड व्यवस्था के अधिपति और ब्रह्मांडीय न्याय के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं।

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लोक

यमराज सूर्यपुत्र कैसे हैं?

यमराज सूर्य विवस्वान के पुत्र माने गए हैं; इसलिए उनका एक नाम वैवस्वत भी है।

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लोक

यमलोक में जीवात्मा के कर्मों का न्याय कैसे होता है?

चित्रगुप्त की अग्रसंधानी पुस्तिका में दर्ज कर्मों के आधार पर यमराज जीवात्मा का निष्पक्ष निर्णय करते हैं।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

13 दिन की प्रक्रिया आत्मा को यमराज के दरबार तक कैसे पहुँचाती है?

13 दिन की प्रक्रिया पिण्डज शरीर, तृप्ति और सपिण्डीकरण के बाद आत्मा को यममार्ग पर भेजती है।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यमराज आत्मा के कर्मों का निर्णय कैसे करते हैं?

यमराज चित्रगुप्त के कर्म-लेख के आधार पर आत्मा का न्याय करते हैं।

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स्तोत्र के रचयिता और उत्पत्ति

मार्कण्डेय ऋषि यमराज से कैसे बचे?

मार्कण्डेय ने यमराज के आने पर शिवलिंग का आलिंगन करके शिव स्तुति की — शिव तुरंत प्रकट हुए, यमराज को पराजित किया और मार्कण्डेय को चिरंजीवी होने का वरदान दिया।

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जीवन एवं मृत्यु

धर्मराज जीव को दंड कैसे देते हैं?

धर्मराज चित्रगुप्त के लेखे से पाप-पुण्य तौलकर नरक का निर्धारण करते हैं। गरुड़ पुराण में 84 लाख नरक हैं — हर पाप के लिए अलग नरक। यह दंड अस्थायी है — पाप-दंड पूरा होने पर पुनर्जन्म होता है।

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पौराणिक कथा

सावित्री ने यमराज से पति को कैसे वापस लाया

सावित्री ने यमराज का पीछा कर बुद्धि और तर्क से वरदान प्राप्त किए। अंतिम वर में तर्क दिया — 'पतिव्रता हूं, संतान पति बिना कैसे?' यम ने सत्यवान को जीवनदान दिया। शिक्षा: प्रेम + बुद्धि + दृढ़ संकल्प = मृत्यु पर विजय। नारी शक्ति का अद्भुत उदाहरण।

#सावित्री#सत्यवान#यमराज
आत्मा और मोक्ष

चित्रगुप्त कर्मों का लेखा कैसे रखते हैं

चित्रगुप्त यमराज के सचिव हैं जो प्रत्येक जीव के हर कर्म (विचार, वचन, कर्म) का लेखा रखते हैं। मृत्यु बाद यमलोक में कर्म पुस्तक प्रस्तुत करते हैं। दार्शनिक दृष्टि से यह 'कर्माशय' (योगसूत्र 2.12) — अवचेतन में संचित कर्म-संस्कारों — का देवीकृत रूप है।

#चित्रगुप्त#कर्म लेखा#यमराज
त्योहार पूजा

दीपावली पर यमदीपदान क्या होता है और कैसे करें?

यमदीपदान: यमराज हेतु दीपक (अकाल मृत्यु रक्षा)। सरसों तेल, 4 बत्ती, दक्षिण दिशा, घर बाहर। 'त्रयोदश्यां दीपदानात्...' मंत्र। रात भर जले।

#यमदीपदान#दीपावली#यमराज
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