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तिथि

चतुर्थी तिथि — तिथि — विधि, व्रत, पूजन प्रश्नोत्तर(50)

चतुर्थी तिथि से जुड़े 50 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

गणेश व्रत

संकट चतुर्थी व्रत की विधि और कथा क्या है?

कृष्ण पक्ष चतुर्थी (मासिक)। संध्या पूजा, 21 दूर्वा, मोदक, 108 जप, कथा श्रवण। चंद्रोदय बाद पारण। कथा: ब्राह्मण→व्रत→संकट दूर। माघ चतुर्थी सर्वश्रेष्ठ।

#संकट चतुर्थी#व्रत#विधि
गणेश पूजा

गणेश विसर्जन कितने दिन बाद करना चाहिए?

1.5 दिन सामान्य, 10 दिन (अनंत चतुर्दशी) सर्वोत्तम। 3/5/7/11/21 भी मान्य। विसर्जन पूर्व पूर्ण पूजा+आरती। नदी/कृत्रिम टैंक। मिट्टी मूर्ति = इको-फ्रेंडली।

#विसर्जन#दिन#गणेश चतुर्थी
लोक

प्रतिपदा और चतुर्थी श्राद्ध का मुख्य संदेश क्या है?

प्रतिपदा और चतुर्थी श्राद्ध पितृ तृप्ति, मातृकुल सम्मान, पितृदोष शांति और वंश कल्याण का मार्ग हैं।

#प्रतिपदा चतुर्थी श्राद्ध#मुख्य संदेश#पितृ ऋण
लोक

चतुर्थी श्राद्ध कैसे करें?

चतुर्थी श्राद्ध तर्पण, पिण्डदान, पंचबलि और ब्राह्मण भोज से करें।

#चतुर्थी श्राद्ध विधि#तर्पण#पिण्डदान
लोक

चौथ भरणी क्या होती है?

चतुर्थी पर भरणी नक्षत्र का श्राद्ध चौथ भरणी कहलाता है।

#चौथ भरणी#महा भरणी#चतुर्थी
लोक

अकाल मृत्यु में चतुर्थी क्यों नहीं?

अकाल मृत्यु वालों के लिए चतुर्दशी ही शास्त्रोक्त तिथि है।

#अकाल मृत्यु#चतुर्थी श्राद्ध#चतुर्दशी
लोक

चतुर्थी मृत्यु पर भी चतुर्दशी कब करनी चाहिए?

चतुर्थी को अकाल मृत्यु हुई हो तो श्राद्ध चतुर्दशी को करें।

#चतुर्थी मृत्यु#चतुर्दशी श्राद्ध#अकाल मृत्यु
लोक

चतुर्थी श्राद्ध किसे नहीं करना चाहिए?

अकाल मृत्यु वाले पितरों का चतुर्थी नहीं, चतुर्दशी श्राद्ध किया जाता है।

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लोक

चतुर्थी श्राद्ध स्वास्थ्य के लिए शुभ है?

हाँ, चतुर्थी श्राद्ध स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए शुभ माना गया है।

#स्वास्थ्य#चतुर्थी श्राद्ध#दीर्घायु
लोक

चतुर्थी श्राद्ध वंश वृद्धि से कैसे जुड़ा है?

चतुर्थी श्राद्ध पितरों की कृपा से वंश वृद्धि और दीर्घायु से जुड़ा है।

#वंश वृद्धि#चतुर्थी श्राद्ध#पितृ आशीर्वाद
लोक

चतुर्थी श्राद्ध पितृदोष मिटाता है?

हाँ, चतुर्थी श्राद्ध पितृदोष शांति के लिए शुभ माना गया है।

#चतुर्थी श्राद्ध#पितृदोष#क्लेश शांति
लोक

चतुर्थी श्राद्ध शत्रु विजय देता है?

हाँ, चतुर्थी श्राद्ध विरोधियों पर विजय से जुड़ा है।

#चतुर्थी श्राद्ध#शत्रु विजय#विरोधी
लोक

चतुर्थी श्राद्ध का फल क्या है?

चतुर्थी श्राद्ध शत्रु विजय, पितृदोष शांति और वंश वृद्धि देता है।

#चतुर्थी श्राद्ध फल#शत्रु विजय#पितृदोष
लोक

कृष्ण चतुर्थी मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

कृष्ण चतुर्थी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्थी को करें।

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लोक

शुक्ल चतुर्थी मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

शुक्ल चतुर्थी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्थी को करें।

#शुक्ल चतुर्थी मृत्यु#चतुर्थी श्राद्ध#श्राद्ध तिथि
लोक

चतुर्थी मृत्यु तिथि का नियम क्या है?

स्वाभाविक चतुर्थी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्थी को होता है।

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लोक

चतुर्थी को किसका श्राद्ध करें?

चतुर्थी मृत्यु तिथि वाले पितरों का श्राद्ध चतुर्थी को करें।

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लोक

चतुर्थी श्राद्ध किसके लिए है?

यह स्वाभाविक रूप से चतुर्थी तिथि को दिवंगत पितरों के लिए है।

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लोक

चतुर्थी श्राद्ध कब करें?

चतुर्थी मृत्यु तिथि वाले पितरों का श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्थी को करें।

#चतुर्थी श्राद्ध कब#श्राद्ध तिथि#पितृ पक्ष
लोक

चौथ श्राद्ध क्या होता है?

चौथ श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि का श्राद्ध है।

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लोक

चतुर्थी श्राद्ध क्या है?

पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि का श्राद्ध चतुर्थी श्राद्ध है।

#चतुर्थी श्राद्ध#चौथ श्राद्ध#पितृ पक्ष
श्राद्ध फल

चतुर्थी श्राद्ध से क्या मिलता है?

चतुर्थी श्राद्ध से क्षुद्र पशु यानी भेड़, बकरी आदि छोटे पशुओं की प्राप्ति होती है। याज्ञवल्क्य स्मृति 1.264 के अनुसार चतुर्थी का काम्य फल क्षुद्र पशु है। क्षुद्र का अर्थ है छोटे। आधुनिक संदर्भ में यह लघु-उद्योग, पशु-पालन, और छोटी आय के स्रोतों की वृद्धि का प्रतीक है। काम्य भावना से चतुर्थी पर श्राद्ध करने से यह फल मिलता है।

#चतुर्थी श्राद्ध#क्षुद्र पशु#भेड़ बकरी
रुद्राभिषेक का सही समय

कैलाश वास तिथि पर रुद्राभिषेक करने से क्या होता है?

कैलाश वास तिथि (चतुर्थी, एकादशी, पंचमी, द्वादशी) पर रुद्राभिषेक करने से मनोकामना सिद्धि, सुख-समृद्धि और आनंद वृद्धि होती है — यह शुभ तिथि मानी जाती है।

#कैलाश वास#चतुर्थी#एकादशी
लोक कथा

सकट चौथ की कहानी (कुम्हार वाली)?

एक दुष्ट कुम्हार ने बर्तन पकाने की भट्टी में एक गरीब ब्राह्मणी के 5 साल के बच्चे को डालकर आग लगा दी थी, लेकिन सकट चौथ व्रत के चमत्कार से वह बच्चा जिंदा बच गया।

#सकट चौथ#कुम्हार#ब्राह्मणी
तिथि एवं पंचांग

संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब होता है?

यह व्रत हर हिंदू महीने के 'कृष्ण पक्ष' (अंधेरे पखवाड़े) की चतुर्थी (चौथी) तिथि को रखा जाता है।

#तिथि#कृष्ण पक्ष#चतुर्थी
परिचय

संकष्टी चतुर्थी क्या है?

यह भगवान गणेश का एक अत्यंत चमत्कारी व्रत है, जिसे करने से जीवन के सभी बड़े से बड़े संकट और विघ्न (बाधाएं) दूर हो जाते हैं।

#संकष्टी चतुर्थी#गणेश व्रत#विघ्नहर्ता
विशिष्ट व्रत

सकट चौथ किस संकष्टी चतुर्थी को कहते हैं?

माघ महीने (जनवरी-फरवरी) की संकष्टी चतुर्थी को 'सकट चौथ' या 'तिलकुटा चौथ' कहते हैं। इसमें तिल और गुड़ का विशेष महत्व होता है।

#सकट चौथ#तिलकुटा चौथ#माघ मास
व्रत कथा

संकष्टी चतुर्थी व्रत की कथा क्या है?

कथा के अनुसार एक गरीब स्त्री ने अनजाने में भूखे रहकर रात में संकष्टी का व्रत पूरा किया था। जब उसने अपने व्रत का पुण्य इंद्र को दिया, तो उनका रुका हुआ पुष्पक विमान फिर से उड़ने लगा।

#राजा शूरसेन#इंद्र का विमान#व्रत कथा
नियम और निषेध

क्या संकष्टी चतुर्थी पर चाँद देखना मना है?

नहीं, संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) पर चाँद देखना और उसे अर्घ्य देना बहुत शुभ और अनिवार्य है। केवल गणेश चतुर्थी (भाद्रपद शुक्ल पक्ष) को चाँद देखना मना होता है।

#चंद्र दर्शन#भ्रांति#कृष्ण पक्ष
आहार और नियम

संकष्टी चतुर्थी के व्रत में क्या खाना चाहिए?

दिन भर निर्जला या फलाहार (फल, दूध, साबूदाना) रहें। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा के बाद ही प्रसाद खाकर अपना व्रत खोलें (पारण करें)।

#व्रत का भोजन#फलाहार#पारण
पूजा विधि

संकष्टी चतुर्थी में चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?

चाँद निकलने पर एक लोटे में पानी, कच्चा दूध, चावल, लाल चंदन और लाल फूल मिलाकर चंद्रमा को देखते हुए मंत्रों के साथ अर्घ्य देना चाहिए।

#चंद्र अर्घ्य#अर्घ्य मंत्र#चंद्र पूजा
पूजा विधि

संकष्टी चतुर्थी की पूजा कैसे करें?

शाम को गणेश जी की स्थापना कर पंचामृत से स्नान कराएं। फिर लाल चंदन, लाल फूल, 21 दूर्वा और 21 मोदक चढ़ाकर 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें और आरती करें।

#पूजा विधि#कलश स्थापना#21 दूर्वा
विशिष्ट व्रत

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी क्या होती है?

मंगलवार के दिन पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'अंगारकी चतुर्थी' कहते हैं। यह व्रत 108 संकष्टी व्रतों के बराबर फल देता है और मंगल दोष व कर्ज से मुक्ति दिलाता है।

#अंगारकी चतुर्थी#मंगलवार#मंगल दोष
व्रत नियम और संकल्प

संकष्टी चतुर्थी का व्रत किस दिन रखा जाता है?

यह व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन रात में चाँद निकलने (चंद्रोदय) के समय चतुर्थी तिथि मौजूद हो। इसे 'चंद्रोदय-व्यापिनी' नियम कहते हैं।

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व्रत का महत्व

संकष्टी चतुर्थी का व्रत क्यों किया जाता है?

यह व्रत जीवन की घोर विपत्तियों, कठिन आपदाओं और सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति पाने के लिए भगवान गणेश की प्रसन्नता हेतु किया जाता है।

#संकष्टी चतुर्थी#गणेश व्रत#संकट निवारण
व्रत एवं त्योहार

संकष्टी चतुर्थी और विनायक चतुर्थी में अंतर

शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। संकष्टी में रात्रि को चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है, जो इसकी मुख्य विशेषता है। मंगलवार की संकष्टी को अंगारकी कहते हैं।

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व्रत एवं त्योहार

गणेश चतुर्थी व्रत की विधि

गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाती है। मूर्ति स्थापना, पंचामृत स्नान, दूर्वा, मोदक, लाल फूल, धूप-दीप, कथा और आरती मुख्य अंग हैं। इस दिन चंद्रमा का दर्शन वर्जित है।

#गणेश चतुर्थी#विनायक चतुर्थी#गणपति पूजा
महिला एवं धर्म

करवा चौथ व्रत का पौराणिक आधार

करवा कथा + वीरवती कथा। ब्रह्मवैवर्त पुराण। उत्तर भारतीय। पतिव्रत=प्रेम।

#करवा चौथ#पौराणिक#कथा
दैनिक आचार

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा देखने से दोष लगता है क्या

हाँ — भागवत पुराण (10.57) आधारित। गणेश ने चंद्र को शाप दिया; कृष्ण को भी स्यमंतक मणि चोरी का कलंक लगा। उपाय: 'सिंहः प्रसेनमवधीत्...' 21-108 बार + स्यमंतक कथा पढ़ें + गणेश पूजन। पौराणिक शास्त्रीय आधार।

#गणेश चतुर्थी#चंद्रमा#कलंक
त्योहार पूजा

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा को देखना अशुभ क्यों माना जाता है?

चन्द्र अशुभ: चन्द्रमा ने गणेश का उपहास → श्राप: 'देखने वाले पर मिथ्या दोष।' कृष्ण पर भी स्यमंतक आरोप। उपाय: स्यमंतक कथा + 'सिंहः प्रसेनम...' मंत्र + गणेश व्रत।

#गणेश चतुर्थी#चंद्रमा#श्राप
त्योहार पूजा

करवा चौथ में सास से छलनी पर क्या क्या रखकर उपहार लें?

छलनी: करवा, मठरी, मिठाई, फल, मेहंदी, सिन्दूर-चूड़ी, श्रृंगार, पैसे, लाल चुन्नी। सरगी: फेनियाँ-मठरी-मेवे (सूर्योदय पूर्व)। सास→बहू=आशीर्वाद।

#करवा चौथ#छलनी#सास
त्योहार पूजा

गणेश चतुर्थी पर मूर्ति विसर्जन का वैज्ञानिक प्रभाव क्या है?

विसर्जन प्रभाव: मिट्टी मूर्ति=पर्यावरण अनुकूल (शास्त्रीय)। PoP+रासायनिक=प्रदूषण (जल विषाक्तता, जलजीव मृत्यु, CPCB चिंता)। समाधान: मिट्टी लौटें, प्राकृतिक रंग, घर विसर्जन, कृत्रिम तालाब। पर्यावरण रक्षा=धर्म।

#गणेश विसर्जन#पर्यावरण#प्रदूषण
त्योहार पूजा

करवा चौथ की कथा का शास्त्रीय आधार क्या है?

कथा आधार: वीरवती (भाइयों ने अग्नि दिखाई→पति मृत्यु→शिव-पार्वती कृपा→पुनर्जीवित), करवा (यमराज से पति बचाया), भविष्य पुराण (कार्तिक कृष्ण चतुर्थी), द्रौपदी कथा (लोक — विवादित)। उत्तर भारत प्रधान।

#करवा चौथ#कथा#वीरवती
त्योहार पूजा

करवा चौथ पर चलनी से चंद्रमा क्यों देखते हैं?

चलनी: शुद्ध दृष्टि (दोष छानना=गुण देखना), वीरवती कथा (भ्रम बचाव=सही चन्द्रमा पहचान), अनेक प्रतिबिम्ब (सुन्दर दृश्य), पति=चन्द्रमा तुल्य (शीतल, दीर्घायु), धातु=शुद्धिकारक। आदर्श दाम्पत्य प्रतीक।

#करवा चौथ#चलनी#छलनी
त्योहार पूजा

करवा चौथ पर चंद्रमा देखकर व्रत क्यों खोलते हैं?

चन्द्र दर्शन क्यों: चन्द्र = अमरता प्रतीक (क्षय बाद पुनः पूर्ण), शिव मस्तक (शिव-पार्वती पर्व), चतुर्थी तिथि देवता। कथा: वीरवती ने बिना चन्द्र देखे व्रत खोला → पति मृत्यु → सही चन्द्रोदय पर पारण → पति जीवित। छलनी = शुद्ध दृष्टि।

#करवा चौथ चंद्रमा#चन्द्र दर्शन#व्रत पारण
व्रत

संकष्टी चतुर्थी व्रत कैसे रखें

संकष्टी चतुर्थी: कृष्ण पक्ष चतुर्थी, गणेश व्रत। प्रातः स्नान → संकल्प → दिनभर उपवास → सायं गणेश पूजा (दूर्वा, मोदक, लाल फूल) → 'ॐ गं गणपतये नमः' 108 बार → चन्द्रोदय पर चन्द्र दर्शन + अर्घ्य → तभी पारण। मंगलवार = अंगारकी (अत्यन्त शुभ)।

#संकष्टी#चतुर्थी#गणेश
त्योहार पूजा

गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना कैसे करें?

गणपति स्थापना: मिट्टी मूर्ति → चौकी सज्जा → प्राण प्रतिष्ठा (पंचामृत स्नान, 'ॐ गं गणपतये नमः') → षोडशोपचार → गणेश अथर्वशीर्ष → 21 मोदक भोग → आरती → प्रतिदिन पूजा → अनंत चतुर्दशी विसर्जन। दूर्वा 21 गाँठ। चन्द्र दर्शन वर्जित।

#गणेश चतुर्थी#गणपति स्थापना#प्राण प्रतिष्ठा
त्योहार पूजा

करवा चौथ व्रत की पूजा विधि क्या है?

करवा चौथ: सरगी (भोर) → निर्जला व्रत → संध्या पूजा (करवा, गौर-पार्वती) → कथा श्रवण → चन्द्रोदय पर छलनी से चाँद देखें → फिर पति मुख → चन्द्र अर्घ्य → पति जल-मिठाई खिलाकर व्रत खोलें → करवा दान।

#करवा चौथ#व्रत#चन्द्र दर्शन
पर्व पूजा

गणेश चतुर्थी पूजा कैसे करें?

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करें। 10 दिन प्रतिदिन 21 दूर्वा, 21 मोदक, सिंदूर अर्पण, गणपति अथर्वशीर्ष पाठ और आरती करें। चतुर्थी पर चंद्रमा न देखें। अनंत चतुर्दशी को विसर्जन करें।

#गणेश चतुर्थी#विनायक चतुर्थी#पर्व पूजा
गणेश पूजा

गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना की विधि क्या है?

मिट्टी मूर्ति, लाल कपड़ा/चौकी। प्राण प्रतिष्ठा: 'ॐ गं गणपतये नमः'। षोडशोपचार। मोदक+21 दूर्वा+लाल फूल। अथर्वशीर्ष पाठ। विसर्जन: 1.5-10 दिन। चंद्र दर्शन वर्जित।

#गणेश चतुर्थी#स्थापना#विधि
आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
सभी पर्व देखें

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी — पर्व-केन्द्रित प्रश्नोत्तर।