विस्तृत उत्तर
देवशयनी एकादशी की पूजा सामग्री और नैवेद्य के नियमों में विशेष रूप से 'किशमिश' (दाख) का उल्लेख मिलता है। ऋतु फल, मखाना और मिष्ठान्न के साथ-साथ भगवान को किशमिश का भोग लगाना इस पवित्र तिथि पर अत्यंत शुभ और शास्त्र-सम्मत माना गया है।
देवशयनी एकादशी पर भगवान को किशमिश (दाख) का भोग क्यों लगाते हैं को संदर्भ सहित समझें
देवशयनी एकादशी पर भगवान को किशमिश (दाख) का भोग क्यों लगाते हैं का सबसे सीधा सार यह है: शास्त्रों में देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को ऋतु फल और मिठाई के साथ विशेष रूप से किशमिश (दाख) का भोग लगाने का नियम बताया गया है।
पूजा विधि जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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दुर्गाष्टमी पूजा में माता को कौन सा फूल और भोग (हलवा-चना) चढ़ाएं?
माता को लाल रंग के फूल, विशेषकर लाल 'गुड़हल' या 'कमल' चढ़ाएं। भोग में शुद्ध घी का 'हलवा, पूरी और काले चने' सबसे श्रेष्ठ माने गए हैं। ध्यान रहे, भोग में तुलसी का पत्ता न डालें।
शिव पूजा में नैवेद्य में क्या क्या चढ़ा सकते हैं?
नैवेद्य: पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)। फल: बेलफल (सर्वप्रिय), केला, नारियल। मिठाई: खीर, पेड़ा, लड्डू, हलवा। विशेष: भांग प्रसाद (ठंडाई), कच्चा दूध, गन्ने का रस। सूखे मेवे। नियम: ताजा, शुद्ध, 'ॐ नमः शिवाय' बोलकर अर्पण। तुलसी सामान्यतः वर्जित। केवड़ा-केतकी वर्जित।
शिव पूजा में प्रसाद स्वयं बनाना चाहिए या बाजार से ला सकते हैं?
स्वयं बनाना सर्वोत्तम — शुद्धता, भक्ति भाव, शिव स्मरण सहित। बाजार से भी ला सकते हैं — शर्त: ताजा, शुद्ध, अशुद्ध न हो। अर्पण पूर्व जल छिड़ककर शुद्ध करें। बासी/जूठा सर्वथा वर्जित। फल, दूध, मिठाई बाजार से चलते हैं। अनुष्ठान में स्वयं बनाना अनिवार्य। मुख्य: शिव भाव देखते हैं।
विष्णु जी को कौन सा भोग लगाते हैं?
विष्णु जी के भोग में तुलसी दल अनिवार्य है — उसके बिना भोग अधूरा है। मुख्य प्रिय भोग है खीर (गाय के दूध से बनी), सूजी का हलवा, पंचामृत, केला, पेड़े और श्रीफल। भोग सदा सात्विक, ताजा और तुलसी सहित अर्पित करें।
लक्ष्मी जी को नैवेद्य में क्या अर्पित करना सबसे उत्तम है?
खीर सर्वप्रिय। पंचामृत, मिश्री/बताशे (दीपावली), फल, मेवा, लड्डू। कमल गट्टे विशेष। मीठा प्रधान — नमकीन/तीखा वर्जित।
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