विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में 'अष्ट महादान' का वर्णन है, जिसमें सुवर्ण दान को अत्यंत श्रेष्ठ स्थान दिया गया है।
पुराण के अनुसार, स्वर्ण दान करने से ब्रह्मा आदि समस्त देवता, ऋषिगण और स्वयं धर्मराज भी संतुष्ट होकर दाता को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
स्वर्ण का दान देने वाला जीव यमलोक के कष्टों को नहीं भोगता। उसे सीधे स्वर्ग की प्राप्ति होती है।





