विस्तृत उत्तर
इस साधना का यौगिक उद्देश्य कुंडलिनी शक्ति को जाग्रत कर सहस्रार में स्थित परमशिव से उसका विलय कराना है, जो आत्म-साक्षात्कार और मोक्ष की अवस्था है।
शव साधना का यौगिक उद्देश्य कुंडलिनी शक्ति को जाग्रत कर सहस्रार में स्थित परमशिव से उसका विलय कराना है — यही आत्म-साक्षात्कार और मोक्ष की अवस्था है।
इस साधना का यौगिक उद्देश्य कुंडलिनी शक्ति को जाग्रत कर सहस्रार में स्थित परमशिव से उसका विलय कराना है, जो आत्म-साक्षात्कार और मोक्ष की अवस्था है।
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