विस्तृत उत्तर
श्री यंत्र, जिसे श्री चक्र भी कहा जाता है, माँ त्रिपुर सुंदरी का ज्यामितीय स्वरूप है और श्री विद्या उपासना का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक है।
संरचना:
— यह नौ अंतर्ग्रथित त्रिकोणों से निर्मित होता है।
— चार त्रिकोण ऊपर की ओर मुख किए होते हैं (शिव का प्रतीक)।
— पाँच त्रिकोण नीचे की ओर मुख किए होते हैं (शक्ति का प्रतीक)।
— इन त्रिकोणों के परस्पर प्रतिच्छेदन से कुल 43 छोटे त्रिकोण बनते हैं।
— ये एक केंद्रीय बिंदु (बिंदु) से विकीर्ण होते हैं।
यह यंत्र संपूर्ण ब्रह्मांड और मानव शरीर का एक सूक्ष्म प्रतिनिधित्व माना जाता है। इसका त्रि-आयामी स्वरूप 'मेरु' या 'महामेरु' कहलाता है।
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