विस्तृत उत्तर
सूर्य देव को नमस्कार करने के लिए शास्त्रों में कई प्रकार के मंत्र वर्णित हैं। प्रातःकाल अर्घ्य देते समय सबसे सरल और प्रचलित मंत्र है — 'ॐ सूर्याय नमः'। इससे भी विशेष प्रभावशाली बीज मंत्र है — 'ॐ घृणि सूर्याय नमः', जिसे सूर्य का मुख्य बीज मंत्र माना जाता है। सूर्य नमस्कार (योगासन) के साथ 12 नामों के 12 मंत्र बोले जाते हैं — ॐ मित्राय नमः, ॐ रवये नमः, ॐ सूर्याय नमः, ॐ भानवे नमः, ॐ खगाय नमः, ॐ पूष्णे नमः, ॐ हिरण्यगर्भाय नमः, ॐ मरीचये नमः, ॐ आदित्याय नमः, ॐ सवित्रे नमः, ॐ अर्काय नमः, और ॐ भास्कराय नमः। इन नामों में से प्रत्येक सूर्य के अलग गुण और शक्ति का बोध कराता है। सबसे व्यापक स्तोत्र 'आदित्य हृदयम्' है, जो वाल्मीकि रामायण के युद्धकांड में अगस्त्य ऋषि ने श्री राम को युद्धभूमि में सुनाया था। वेदों का श्लोक है — 'आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने, आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां च जायते' — जो लोग प्रतिदिन सूर्य को नमस्कार करते हैं, उनकी आयु, बुद्धि, बल और तेज बढ़ता है।
