विस्तृत उत्तर
वीर' वह साधक है जिसमें अपने भीतर के अंधकार, भय, कामनाओं और घृणा का सीधे सामना करने का साहस होता है।
वह समाज द्वारा वर्जित और भयभीत करने वाली परिस्थितियों में भी समभाव में स्थित रहकर, द्वैत को जीतने के लिए कठोर साधनाएं करता है।
शव-साधना वीर-भाव के साधक की सर्वोच्च परीक्षा और साधना है।





