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पूजा विधि प्रश्नोत्तरी — 81 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पूजा विधि विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 81 प्रश्न

कर्मकांड विधि

आचमन का मंत्र क्या है और इसकी विधि क्या है?

आचमन के लिए हाथ में जल लेकर तीन बार क्रमशः 'ॐ केशवाय नमः', 'ॐ नारायणाय नमः' और 'ॐ माधवाय नमः' बोलकर जल ग्रहण किया जाता है। अंत में 'ॐ हृषीकेशाय नमः' बोलकर हाथ धो लिए जाते हैं।

आचमनशुद्धिनारायण
पूजा घर वास्तु

पूजा घर में फोटो फ्रेम रखें या मूर्ति, कौन अधिक शुभ?

मूर्ति फोटो फ्रेम से अधिक शुभ मानी जाती है क्योंकि इसमें अभिषेक, प्राण प्रतिष्ठा और षोडशोपचार पूजन संभव है। फोटो भी मान्य है, पर मूर्ति को प्राथमिकता दें। दोनों सौम्य मुद्रा में और अखंडित होनी चाहिए।

फोटो फ्रेममूर्तिपूजा विधि
विष्णु एवं वैष्णव परंपरा

विष्णु जी की सुदर्शन चक्र पूजा कैसे करें?

सुदर्शन चक्र पूजा में स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें, विष्णु प्रतिमा पर पंचामृत अभिषेक करें, तुलसी दल, कमल व पीले फूल अर्पित करें, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' और 'ॐ क्रीं सुदर्शनाय नमः' मंत्र जपें। गुरुवार को यह पूजा विशेष फलदायी होती है।

सुदर्शन चक्रविष्णु पूजापूजा विधि
पूजा विधि एवं कर्मकांड

चंदन तिलक कैसे बनाएं और कैसे लगाएं

चंदन की लकड़ी को पत्थर पर जल से घिसकर पेस्ट बनाएँ। अनामिका अंगुली से माथे के आज्ञाचक्र पर लगाएँ। 'ॐ चंदनस्य महत्पुण्यं...' मंत्र के साथ लगाना शुभ माना गया है।

चंदन तिलकतिलक बनाने की विधिचंदन
शिवलिंग प्रकार

स्फटिक शिवलिंग की पूजा का क्या विशेष विधान बताया गया है?

शैव आगम: स्फटिक शिवलिंग सर्वोच्च शुद्ध पदार्थ। तेज ज्योतिर्लिंग समान। 'स्फटिकमणिनिभं पार्वतीशं नमामि' (शिव पुराण)। शुभ मुहूर्त पर प्राण प्रतिष्ठा करें। गंगाजल/दूध/पंचामृत अभिषेक। ध्यान साधना/त्राटक में अत्यंत प्रभावशाली। मानसिक शांति, वास्तु दोष निवारण, ग्रह शांति।

स्फटिकक्रिस्टलशिवलिंग
पूजा विधि एवं कर्मकांड

दंडवत प्रणाम कैसे करें

दंडवत प्रणाम में कमर से झुककर पेट के बल लेटें जिससे ठोड़ी, छाती, दोनों हाथ, दोनों घुटने और पाँव जमीन से स्पर्श करें। पेट जमीन से न लगे। इस मुद्रा में भगवान को समर्पण भाव से प्रणाम करें।

दंडवत प्रणामसाष्टांग प्रणामप्रणाम विधि
पूजा विधि एवं कर्मकांड

पूजा में कितने प्रकार के नमस्कार होते हैं

पूजा में एकांग, द्विअंग, त्र्यंग, चतुरंग, पंचांग और साष्टांग (अष्टांग) नमस्कार होते हैं। पंचांग प्रणाम स्त्रियों के लिए और साष्टांग प्रणाम पुरुषों के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

नमस्कार के प्रकारपूजा विधिप्रणाम
पूजा विधि एवं कर्मकांड

आचमन का मंत्र क्या है?

आचमन में तीन बार जल ग्रहण करते हुए क्रमशः 'ॐ केशवाय नमः', 'ॐ नारायणाय नमः', 'ॐ माधवाय नमः' बोला जाता है। इससे पूर्व 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा...' मंत्र से पवित्रीकरण होता है। यह पूजा आरंभ की अनिवार्य शुद्धि-क्रिया है।

आचमन मंत्रपूजा विधिशुद्धि मंत्र
पूजा नियम

पूजा घर में सरसों तेल का दीपक जलाएं या घी का?

नित्य पूजा में गाय के घी का दीपक सर्वश्रेष्ठ है। शनिदेव, हनुमान जी की पूजा में सरसों तेल का दीपक विशेष शुभ है। दोनों शुभ हैं, पर घी सात्विक और सर्वोत्तम माना जाता है।

दीपकघी दीपकसरसों तेल दीपक
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा में भगवान कृष्ण की पूजा कैसे करें?

मंडल में श्रीहरि की स्थापना कर श्रीकृष्ण को लक्ष्य बनाकर मंत्रोच्चार सहित षोडशोपचार पूजा, दक्षिणा और नमस्कार करना बताया गया है।

कृष्ण पूजाषोडशोपचारभागवत कथा
षोडशोपचार पूजा

षोडशोपचार पूजा क्या है?

षोडशोपचार पूजा = 16 उपचारों से की जाने वाली पूजा: आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, यज्ञोपवीत, गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल और प्रदक्षिणा/नमस्कार।

षोडशोपचारसोलह उपचारपूजा विधि
षोडशोपचार पूजन

पारद शिवलिंग की पूजा किस विधि से करनी चाहिए?

पारद शिवलिंग की पूजा षोडशोपचार (16 उपचार) विधि से करनी चाहिए — ध्यानम्, आवाहनम्, पाद्यम्, अर्घ्यम्, स्नानम्, गंध, पुष्प, बिल्वपत्र, धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूलम् और क्षमा प्रार्थना।

षोडशोपचारसोलह उपचारपूजा विधि
पूजा विधि

शिव-नाग पूजा में आवाहन कैसे करते हैं?

शिव आवाहन: 'ॐ नमः शिवाय' से शिवलिंग पर; नाग आवाहन: चांदी के नाग-नागिन जोड़े को शिवलिंग के समक्ष रखकर नवनाग स्तोत्र से 'ॐ नवनागदेवताभ्यो नमः, आवाहयामि स्थापयामि।'

आवाहनशिव आवाहननाग आवाहन
पूजा विधि

कालसर्प शांति पूजा में नाग-नागिन की प्रतिमा क्यों रखते हैं?

नाग-नागिन प्रतिमा इसलिए रखते हैं क्योंकि शास्त्र जीवित नाग की नहीं बल्कि भगवान शंकर के आभूषण के रूप में प्रतिमा की पूजा का निर्देश देते हैं — यही सात्त्विक और कल्याणकारी विधि है।

नाग नागिन प्रतिमाचांदीपूजा विधि
पूजा विधि और अनुष्ठान

षोडशोपचार पूजन क्या होता है?

षोडशोपचार पूजन 16 उपचारों वाली पूजा विधि है जिसमें आसन, अर्घ्य, चंदन, पुष्प, दीप, नैवेद्य, स्तोत्र पाठ, आरती और समर्पण सहित सभी चरण शामिल हैं।

षोडशोपचारसोलह उपचारपूजा विधि
पूजा विधि और अनुष्ठान

अर्धनारीश्वर पूजा में देवी भाग पर क्या लगाते हैं?

अर्धनारीश्वर पूजा में देवी भाग (बायाँ) पर कुमकुम या रक्त चंदन अनामिका से लगाते हैं — यह सौंदर्य और सृजन ऊर्जा का प्रतीक है।

देवी भागकुमकुमरक्त चंदन
पूजा विधि और अनुष्ठान

अर्धनारीश्वर पूजा में शिव भाग पर क्या लगाते हैं?

अर्धनारीश्वर पूजा में शिव भाग (दाहिना) पर भस्म या श्वेत चंदन अनामिका से लगाते हैं — यह वैराग्य का प्रतीक है।

शिव भागभस्मश्वेत चंदन
पूजा विधि और अनुष्ठान

अर्धनारीश्वर पूजा में संकल्प कैसे लेते हैं?

पूजा में पहले जल लेकर जप संख्या और उद्देश्य का संकल्प लें, फिर ऋषि-छंद-देवता का विनियोग करें और अर्धनारीश्वर का ध्यान व आवाहन करें।

संकल्पविनियोगअनुष्ठान
दक्षिणामूर्ति साधना

पूजा के आचमन मंत्र क्या हैं?

आचमन मंत्र: 'ऐं आत्म तत्वाय स्वाहा', 'क्लीं विद्या तत्वाय स्वाहा', और 'सौः शिव तत्वाय स्वाहा' हैं।

आचमन मंत्रशुद्धिपूजा विधि
भूतनाथ मंत्र साधना

भैरव जी की सरल पूजा विधि क्या है?

16 उपचारों (षोडशोपचार) से विधिवत पूजन, आवाहन और नैवेद्य अर्पण ही उनकी सरल विधि है।

पूजा विधिषोडशोपचारभैरव
पूजा विधि

वरूथिनी एकादशी की पूजा विधि क्या है?

दशमी के दिन सात्विक भोजन कर ब्रह्मचर्य का पालन करें। एकादशी की सुबह नहाकर पीले कपड़े पहनें और संकल्प लें। भगवान की पूजा में तुलसी दल जरूर चढ़ाएं। दिन भर फलाहार कर रात में भजन-कीर्तन करें।

पूजा विधिदशमी नियमतुलसी दल
पूजा विधि

मासिक कालाष्टमी की पूजा विधि क्या है?

शाम या मध्यरात्रि में भगवान भैरव की प्रतिमा के सामने संकल्प लें। उन्हें स्नान कराकर चंदन या भस्म लगाएं। लाल फूल चढ़ाकर, सरसों के तेल का दीपक जलाएं, भोग लगाएं और अंत में आरती करें।

पूजा विधिसंकल्प मंत्रषोडशोपचार
पूजा विधि

मासिक दुर्गाष्टमी की सुबह की पूजा विधि क्या है?

सुबह तिल के जल से स्नान कर लाल कपड़े पहनें। "श्री दुर्गा प्रीत्यर्थं मासिक दुर्गाष्टमी व्रतं अहं करिष्ये" बोलकर संकल्प लें। माता की मूर्ति स्थापित कर गणेश पूजन के बाद माता को पंचामृत से स्नान कराएं और सुहाग सामग्री चढ़ाएं।

पूजा विधिसंकल्प मंत्रषोडश मातृका
पूजा विधि

सत्यनारायण पूजा का संकल्प कैसे लें? (मंत्र सहित)

हाथ में जल, चावल और फूल लेकर भगवान का ध्यान करें और मंत्र बोलें: "मम सर्व पाप क्षय पूर्वकं... श्री सत्यनारायण देवता प्रीत्यर्थं पूजनं करिष्ये।" फिर जल ज़मीन पर छोड़ दें।

संकल्प मंत्रपूजा विधिकाम्य कर्म

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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