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ब्रह्मा प्रश्नोत्तरी — 258 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित ब्रह्मा विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 258 प्रश्न

ब्रह्मा नाम

ब्रह्मा को पद्मयोनि क्यों कहा गया?

विष्णु ने ब्रह्मा से कहा कि वे कमल से उतर आएँ और आज से पद्मयोनि नाम से लोक में प्रसिद्ध होंगे।

ब्रह्मापद्मयोनिनाभिकमल
नाभिकमल

ब्रह्मा विष्णु की नाभि से बाहर कैसे आए?

सभी द्वार बंद देखकर ब्रह्मा ने अत्यन्त सूक्ष्म रूप धारण किया, नाभि में मार्ग पाया और कमलनाल से बाहर आए।

ब्रह्माविष्णु नाभिकमलनाल
उदर में लोक

ब्रह्मा ने विष्णु के भीतर क्या देखा?

ब्रह्मा ने विष्णु के उदर में वही सब लोक देखे जो विष्णु ने उनके उदर में देखे थे, पर वे भी उसका अंत नहीं पा सके।

ब्रह्माविष्णुउदर
उदर में लोक

विष्णु ने ब्रह्मा के भीतर क्या देखा?

विष्णु ने ब्रह्मा के उदर में अठारह द्वीप, समुद्र, पर्वत, चार वर्ण, सात लोक और स्थावर-जंगम सब कुछ देखा।

विष्णुब्रह्माउदर
शिव माया

शिव की माया क्या करती है?

शिव की माया ब्रह्मा और विष्णु को मोहित करती है; कल्प के आरम्भ में ब्रह्मा का ज्ञान भी उससे नष्ट हो जाता है।

शिव मायामोहब्रह्मा
शिव माया

ब्रह्मा और विष्णु एक-दूसरे को क्यों नहीं पहचान पाए?

वे महात्मा शिव की माया से मोहित थे, इसलिए ब्रह्मा विष्णु को पहचान नहीं पाए और दोनों अपने-अपने आदिकर्ता भाव में बोलने लगे।

ब्रह्माविष्णुशिव माया
ब्रह्मा-विष्णु संवाद

ब्रह्मा ने विष्णु से क्या पूछा?

ब्रह्मा ने विष्णु से पूछा कि आप कौन हैं और समुद्र के मध्य आश्रय लेकर क्यों सो रहे हैं।

ब्रह्माविष्णुप्रश्न
नाभिकमल

ब्रह्मा का जन्म कमल से कैसे हुआ?

विष्णु ने अपनी नाभि से एक विशाल कमल उत्पन्न किया; बाद में ब्रह्मा कमलनाल के सहारे नाभि से बाहर आकर उसी कमल पर शोभित हुए।

ब्रह्माकमल जन्मनाभिकमल
महादेव का उपदेश

महादेव ने विष्णु को क्या आदेश दिया?

महादेव ने विष्णु से चराचर जगत का पालन करने, मोह छोड़ने और पितामह ब्रह्मा का पालन करने को कहा।

महादेवविष्णुजगत पालन
वरदान

विष्णु ने शिव से कौन सा वर मांगा?

विष्णु ने वर माँगा कि ब्रह्मा और विष्णु दोनों की महादेव के प्रति सदा दृढ़ भक्ति बनी रहे।

विष्णुशिववरदान
ब्रह्मा-विष्णु

ब्रह्मा और विष्णु शिव से कैसे जुड़े हैं?

महादेव ने कहा कि ब्रह्मा उनके दाएँ अंग से और विश्वात्मा विष्णु उनके बाएँ अंग से उत्पन्न हुए हैं।

ब्रह्माविष्णुशिव
शिव तत्त्व

शिव सृष्टि, पालन और संहार कैसे करते हैं?

महादेव ने कहा कि वे निष्कल परमेश्वर ही ब्रह्मा, विष्णु और भव रूपों में सृजन, पालन और संहार से युक्त हैं।

सृष्टिपालनसंहार
शिव तत्त्व

शिव के तीन रूप कौन से हैं?

निष्कल परमेश्वर शिव ब्रह्मा, विष्णु और भव नामों से तीन रूपों में सृजन, पालन और संहार के गुणों से युक्त हैं।

शिव के तीन रूपब्रह्माविष्णु
शिव भक्ति

ब्रह्मा और विष्णु को शिव भक्ति कैसे मिली?

महादेव के प्रसन्न होने पर विष्णु ने दृढ़ भक्ति का वर माँगा और महादेव ने दोनों को अचल श्रद्धा-भक्ति दी।

ब्रह्माविष्णुशिव भक्ति
शिवलिंग पूजा

शिवलिंग पूजा की शुरुआत कैसे हुई?

ब्रह्मा-विष्णु को वर देकर महादेव के अन्तर्धान होने के बाद लोकों में शिवलिंग पूजन की प्रसिद्धि फैल गई।

शिवलिंग पूजामहादेवब्रह्मा
सृष्टि क्रम

आकाश और पृथ्वी की उत्पत्ति कैसे बताई गई है?

स्वर्ण अंड के ऊपरी पवित्र कपाल से आकाश और नीचे के भाग से पाँच लक्षणों वाली पृथ्वी की उत्पत्ति बताई गई है।

आकाशपृथ्वीस्वर्ण अंड
सृष्टि क्रम

स्वर्ण अंड से सृष्टि कैसे हुई?

लिंगरूप प्रणव से बीज योनि में स्थित होकर बढ़ा, स्वर्ण अंड बना और परमेश्वर ने उसे दो भागों में विभाजित किया।

स्वर्ण अंडसृष्टिप्रणव
त्रिदेव और ओम्

ब्रह्मा, विष्णु और शिव का संबंध ओम् से कैसे बताया गया है?

ओम् से अकाररूप ब्रह्मा, उकाररूप विष्णु और मकाररूप नीललोहित शिव का प्रादुर्भाव बताया गया है।

ब्रह्माविष्णुशिव
प्रणव ओम्

अकार, उकार और मकार का क्या अर्थ है?

अकार से ब्रह्मा, उकार से विष्णु और मकार से परमेश्वर नीललोहित शिव का प्रादुर्भाव बताया गया है।

अकारउकारमकार
लिंग तत्त्व

शिवलिंग का आदि और अंत क्यों नहीं मिला?

लिंग क्षय-वृद्धि से रहित, अव्यक्त और आदि-मध्य-अन्त से हीन था, इसलिए उसका मूल या अंत नहीं मिला।

आदि अंतअनन्त लिंगज्योतिर्लिंग
लिंग अन्वेषण

ब्रह्मा ने हंस रूप क्यों लिया?

ब्रह्मा ने अग्नि-स्तंभ रूप लिंग का ऊपरी अंत खोजने के लिए हंस रूप धारण किया।

ब्रह्माहंस रूपलिंग अंत
लिंग अन्वेषण

ब्रह्मा और विष्णु शिवलिंग का अंत क्यों नहीं पा सके?

वह लिंग आदि-मध्य-अन्त से हीन और अवर्णनीय था, इसलिए ब्रह्मा ऊपर जाकर भी अंत और विष्णु नीचे जाकर भी मूल नहीं पा सके।

ब्रह्माविष्णुअनादि अनन्त
ज्योतिर्लिंग

ज्योतिर्मय अग्नि-स्तंभ क्या था?

ज्योतिर्मय अग्नि-स्तंभ वही लिंग था जो ब्रह्मा-विष्णु के कलह को दूर करने और ज्ञान देने के लिए प्रकट हुआ।

ज्योतिर्मय अग्नि स्तंभलिंगब्रह्मा
ब्रह्मा-विष्णु विवाद

ब्रह्मा और विष्णु में विवाद क्यों हुआ?

विष्णु की माया से मोहित होकर ब्रह्मा और विष्णु दोनों ने स्वयं को सृष्टि, पालन और संहार का कर्ता कहा, इसलिए विवाद हुआ।

ब्रह्माविष्णुविवाद

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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