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राम प्रश्नोत्तरी — 42 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित राम विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 42 प्रश्न

रामचरितमानस — बालकाण्ड

'भगत हेतु भगवान प्रभु राम धरेउ तनु भूप' — इसका अर्थ?

अर्थ — भक्तों के लिये भगवान ने राजा (मनुष्य) का शरीर धारण किया। भक्त-प्रेम ही अवतार का मूल कारण।

बालकाण्डभगत हेतुराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

विनम्रता की शिक्षा — श्रीरामजी के चरित्र से?

सर्वशक्तिमान पर सबसे विनम्र — गुरु को प्रणाम, परशुराम से मृदु वाणी, माता की आज्ञा मानी। शिक्षा — सच्ची शक्ति विनम्रता में।

बालकाण्डविनम्रताराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'भानुकुलभूषण' किसे कहा गया?

श्रीरामजी — सूर्यवंश (भानुकुल) के भूषण (आभूषण)। 'देखि भानुकुलभूषनहि बिसरा सखिन्ह अपान।' राम रघुवंश (सूर्यवंश) के राजकुमार — इसलिये 'भानुकुलभूषण', 'रघुकुलतिलक', 'रघुवर'।

बालकाण्डभानुकुलभूषणराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'कृपासिंधु' किसे कहा गया है बालकाण्ड में?

मुख्यतः भगवान श्रीरामजी को — 'कृपासिंधु बोले मृदु बचना।' कई स्थानों पर शिवजी और विष्णुजी को भी। पर सर्वाधिक बार यह रामजी की उपाधि है — कृपा का समुद्र।

बालकाण्डकृपासिंधुराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

परशुरामजी ने अपना वैष्णव धनुष किसे दिया?

श्रीरामजी को — 'राम रमापति कर धनु लेहू। खेंचहु मिटै मोर संदेहू।' धनुष देने लगे तो वह स्वयं रामजी के पास चला गया — इससे परशुरामजी को निश्चय हुआ कि ये साक्षात् विष्णु हैं।

बालकाण्डवैष्णव धनुषपरशुराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

विश्वामित्रजी ने श्रीरामजी से धनुष तोड़ने के लिये क्या कहा?

'उठहु राम भंजहु भवचापा। मेटहु तात जनक परितापा' — उठो राम, शिवजी का धनुष तोड़ो, जनक का सन्ताप मिटाओ। गुरु की आज्ञा पर रामजी उठे और सहज भाव से धनुष तोड़ दिया।

बालकाण्डविश्वामित्र आज्ञाधनुष भंग
रामचरितमानस — बालकाण्ड

सीताजी ने जयमाला किसे पहनाई?

श्रीरामचन्द्रजी को — सखियों के साथ रंगभूमि में आकर। गुरुजनों की लाज से सकुचाती थीं पर हृदय में रामजी को रखकर प्रेमपूर्वक जयमाला पहनाई। सारे ब्रह्माण्ड में आनन्द छा गया।

बालकाण्डजयमालासीता
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी ने शिव धनुष कैसे उठाया?

अत्यन्त सहजता से — जबकि दस हज़ार राजा हिला नहीं सके। सहज भाव से उठाया, प्रत्यंचा चढ़ाई, खींचा — बीच से टूट गया। 'संकर चापु जहाजु सागरु रघुबर बाहुबलु' — धनुष = जहाज, राम बाहुबल = समुद्र।

बालकाण्डधनुष उठायासहज
रामचरितमानस — बालकाण्ड

लक्ष्मणजी के क्रोधित वचन सुनकर विश्वामित्रजी ने क्या किया?

विश्वामित्रजी, रामजी और मुनि मन में प्रसन्न हुए, पुलकित हुए। रामजी ने इशारे से लक्ष्मण को शान्त कर पास बैठाया। फिर विश्वामित्रजी ने कहा — 'उठहु राम भंजहु भवचापा। मेटहु तात जनक परितापा' — उठो राम, धनुष तोड़ो!

बालकाण्डविश्वामित्रलक्ष्मण शान्त
रामचरितमानस — बालकाण्ड

यज्ञ रक्षा के बाद विश्वामित्रजी ने क्या प्रसन्नता व्यक्त की?

विश्वामित्रजी को 'महानिधि' प्राप्त हुई। उन्होंने रामजी को 'ब्रह्मण्यदेव' (ब्राह्मणों का भगवान) जाना — 'मोहि निति पिता तजेउ भगवाना' — मेरे लिये भगवान ने पिता भी छोड़ दिया। फिर जनकपुर की ओर चले।

बालकाण्डयज्ञ रक्षाविश्वामित्र प्रसन्न
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी ने ताड़का का वध कैसे किया?

एक ही बाण से — 'एकहिं बान प्रान हरि लीन्हा। दीन जानि तेहि निज पद दीन्हा॥' — एक बाण से प्राण हरे और दीन जानकर निजपद (मुक्ति) दिया। भगवान शत्रु को मारकर भी कल्याण करते हैं।

बालकाण्डताड़का वधएक बाण
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी की बाललीला में कौन-कौन सी लीलाएँ प्रमुख हैं?

प्रमुख बाललीलाएँ — (1) कौशल्या की गोद में खेलना, (2) ठुमककर चलना-पैंजनी बजना, (3) दही-भात मुँह लपटाकर भागना, (4) धूल में लोटना, (5) ईष्टदेव का नैवेद्य खाना। सबको परम आनन्द दिया।

बालकाण्डबाललीलाराम
तीर्थ यात्रा

चित्रकूट राम वनवास स्थल दर्शन

राम वनवास ~11 वर्ष; भरत मिलाप। कामदगिरि परिक्रमा (5km), रामघाट, हनुमान धारा, गुप्त गोदावरी। अत्यंत शांत। झांसी/प्रयागराज ~120-130km। 2 दिन।

चित्रकूटरामवनवास
स्तोत्र एवं पाठ

रामरक्षा स्तोत्र से कैसी सुरक्षा मिलती है

बुधकौशिक ऋषि रचित। सिर-पैर राम कवच। शारीरिक/मानसिक रक्षा, शत्रु/दुर्घटना/तंत्र निवारण, यात्रा सुरक्षा। ~10-12 min। महाराष्ट्र में अत्यंत लोकप्रिय।

रामरक्षासुरक्षाराम
पर्व

नवरात्रि के दसवें दिन विजयादशमी मनाने का क्या कारण है

विजयदशमी (10वाँ): दुर्गा ने 9 दिन युद्ध → 10वें महिषासुर वध। राम ने 9 दिन शक्ति पूजा → 10वें रावण वध। 9=साधना/शक्ति, 10=विजय/फल। अबूझ मुहूर्त, शस्त्र पूजा, नया कार्य।

विजयदशमीनवरात्रिदशहरा
अस्त्र शस्त्र

राम ने सीता स्वयंवर में कौन सा धनुष तोड़ा था?

श्रीराम ने सीता स्वयंवर में भगवान शिव का 'पिनाक' धनुष तोड़ा था। यह देवताओं द्वारा जनक के पूर्वजों को दिया गया शिव का दिव्य धनुष था जिसे किसी महान राजा ने भी नहीं उठाया।

पिनाकसीता स्वयंवरशिव धनुष
स्तोत्र

रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करने से क्या सुरक्षा मिलती है?

बुधकौशिक ऋषि रचित। सुरक्षा: शरीर प्रत्येक अंग रक्षा (कवच), भय/शत्रु/दुर्घटना/रोग/नकारात्मकता से। यात्रा पूर्व विशेष। 'रामो राजमणिः सदा विजयते।' प्रातः/सायं, 10-15 मिनट। बिना दीक्षा सब पढ़ सकते। 'पापघ्नीं सर्वकामदाम्'।

रामरक्षासुरक्षाकवच
पूजा विधि

राम के 108 नाम जप कैसे करें?

तुलसी माला, 'ॐ श्रीरामाय नमः...' 108 नाम। सरल: 'ॐ श्रीरामाय' 108 बार=समान। रामनवमी/मंगल/गुरुवार। तुलसीदास: 'राम नाम=मणि दीपक।' सभी पाप नाश+मोक्ष।

राम108 नामजप

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।