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सृष्टि प्रश्नोत्तरी — 141 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित सृष्टि विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 141 प्रश्न

प्रलय

सृष्टि और प्रलय का कारण क्या बताया गया है?

गुणों की विषमता से सृष्टि और गुणों के साम्य से प्रलय बताया गया है; दोनों का हेतु महेश्वर हैं।

सृष्टिप्रलयगुण
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा रात में क्या करते हैं?

ब्रह्मा रात में प्रलय करते हैं और दिन की सृष्टि विलीन हो जाती है।

ब्रह्मारातप्रलय
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा दिन में क्या करते हैं?

ब्रह्मा दिन में सृष्टि करते हैं और वैकारिक सृष्टि सहित देवता, प्रजापति और महर्षि विद्यमान रहते हैं।

ब्रह्मादिनसृष्टि
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा का दिन क्या होता है?

ब्रह्मा की प्राकृत सृष्टि का समय ही उनका दिन बताया गया है।

ब्रह्माब्रह्मा का दिनकल्प
शिव तत्त्व

महेश्वर रजोगुण सत्त्वगुण और तमोगुण से कैसे जुड़े हैं?

महेश्वर सृष्टि में रजोगुण, पालन में सत्त्वगुण और प्रलय में तमोगुण से जुड़े बताए गए हैं।

महेश्वररजोगुणसत्त्वगुण
शिव तत्त्व

महेश्वर सृष्टि पालन और संहार कैसे करते हैं?

महेश्वर तीन रूपों में होकर सृष्टि, पालन और संहार करते हैं।

महेश्वरसृष्टिपालन
सृष्टि तत्त्व

आकाश की उत्पत्ति कैसे होती है?

तामस अहंकार से शब्द तन्मात्रावाले अव्यय आकाश की उत्पत्ति बताई गई है।

आकाशशब्द तन्मात्रातामस अहंकार
सृष्टि तत्त्व

राजस अहंकार क्या है?

राजस अहंकार महत्तत्त्व से उत्पन्न रजोगुण की अधिकता वाला अहंकार है।

राजस अहंकाररजोगुणमहत्तत्त्व
सृष्टि तत्त्व

महत्तत्त्व कैसे उत्पन्न होता है?

सृष्टि के समय तीन गुणों से युक्त अजरूप पुरुष की आज्ञा से अधिष्ठित माया से महत्तत्त्व उत्पन्न हुआ।

महत्तत्त्वमायाअजा
प्रकृति तत्त्व

प्रकृति शैवी कैसे हुई?

शिव की दृष्टिमात्र से प्रकृति शैवी हो गई और सृष्टि के समय गुणों से युक्त हुई।

प्रकृतिशैवीशिव दृष्टि
सृष्टि तत्त्व

ब्रह्मा से सृष्टि कैसे होती है?

माया-वितत लिंगों से उद्भूत तीन प्रधान देवों में ब्रह्मा से जगत् की उत्पत्ति बताई गई है।

ब्रह्मासृष्टिशिवात्मक
शिव तत्त्व

रुद्र के आठ नाम किस घटना के बाद बताए गए हैं?

रुद्र के रुदन के बाद उनके आठ नामों का वर्णन बताया गया है।

रुद्ररुद्र के आठ नामरुदन
सृष्टि तत्त्व

प्रजापतियों की सृष्टि और पृथ्वी उद्धार की कथा कहाँ है?

प्रजापतियों की सृष्टि और पृथ्वी के उद्धार की कथा लिङ्गपुराण में वर्णित विषयों में बताई गई है।

प्रजापतिपृथ्वी उद्धारब्रह्मा
सृष्टि तत्त्व

ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और आठ आवरणों का वर्णन कहाँ है?

अण्ड की उत्पत्ति और उसके आठ आवरणों का वर्णन लिङ्गपुराण के विषयों में बताया गया है।

ब्रह्माण्डअण्डआठ आवरण
शिव तत्त्व

शिव लिंग रूप क्यों धारण करते हैं?

महेश्वर शिव सृष्टि, पालन और संहाररूप लीला के लिए लिङ्गस्वरूप धारण करते हैं।

शिवलिंग रूपमहेश्वर
शिव तत्त्व

सृष्टि स्थिति और संहार क्या हैं?

सृष्टि उत्पत्ति, स्थिति पालन या स्थिरता, और संहार अंत से जुड़ा भाव है।

सृष्टिस्थितिसंहार
शिव तत्त्व

सदाशिव को परमात्मा क्यों कहा गया है?

क्योंकि सदाशिव को सृष्टि, स्थिति और अंत का कारण तथा ब्रह्मा-विष्णु-शिवरूपात्मक कहा गया है।

सदाशिवपरमात्मासृष्टि
लोक

ब्रह्मा ने अविद्या क्यों बनाई

ब्रह्मा ने जीवों को कर्मफल भोगने योग्य भौतिक जगत में बाँधने के लिए अविद्या रची।

अविद्याब्रह्मासृष्टि
लोक

आदिनाद और कालचक्र की कथा क्या है?

आदिनाद ने मौन तोड़ा और विष्णु की प्रथम श्वास से कालचक्र चल पड़ा।

आदिनादकालचक्रसृष्टि
लोक

विष्णु की श्वास बाहर आने पर क्या होता है?

श्वास बाहर आने पर सृष्टि और कालचक्र की गति शुरू होती है।

विष्णु श्वाससृष्टिकालचक्र
लोक

भौतिक ब्रह्मांड और वैकुण्ठ में क्या अंतर है?

भौतिक ब्रह्मांड नश्वर है, जबकि वैकुण्ठ शाश्वत और प्रलय से परे है।

भौतिक ब्रह्मांडवैकुण्ठसृष्टि
लोक

वैकुण्ठ की आधारशक्ति क्या है?

वैकुण्ठ की आधारशक्ति शाश्वत धाम की दिव्य ऊर्जा है।

वैकुण्ठआधारशक्तिसृष्टि
लोक

द्वैत की शुरुआत कैसे हुई?

अव्यक्त एकत्व में गति और भेद आने से द्वैत की शुरुआत हुई।

द्वैतसृष्टिएकसूत्रीय जल
लोक

अहंकार तत्त्व क्या है?

अहंकार तत्त्व एकत्व से भेद और पहचान बनने की अवस्था है।

अहंकार तत्त्वसृष्टिद्वैत

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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