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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

लोक

यममार्ग पापी आत्मा के लिए इतना कठिन क्यों होता है?

यममार्ग पापी आत्मा के लिए इसलिए कठिन है क्योंकि वहाँ तपती बालू, भूख-प्यास, अंधकार, हिंसक जीव और यमदूतों के कोड़े मिलते हैं।

यममार्गपापी आत्मायमदूत
लोक

आत्मा यमलोक तक कितने दिनों में पहुँचती है?

आत्मा यमलोक तक ३४८ दिनों में पहुँचती है और प्रतिदिन लगभग २००.५ योजन चलती है।

आत्मा यात्रायमलोक348 दिन
लोक

यममार्ग की दूरी 86,000 योजन क्यों बताई गई है?

गरुड़ पुराण में मृत्युलोक से यमलोक की दूरी ८६,००० योजन बताई गई है, इसलिए यममार्ग इतना लंबा माना गया है।

यममार्ग दूरी86000 योजनगरुड़ पुराण
लोक

यमलोक तक की यात्रा कितनी लंबी है?

यमलोक तक की यात्रा ८६,००० योजन लंबी है और आत्मा इसे ३४८ दिनों में तय करती है।

यमलोक यात्रा86000 योजन348 दिन
लोक

यममार्ग क्या है?

यममार्ग मृत्यु के बाद आत्मा की यमलोक तक ८६,००० योजन लंबी कठिन यात्रा का मार्ग है।

यममार्गयमलोकगरुड़ पुराण
लोक

पापी आत्मा यमदूतों को देखकर क्यों डरती है?

पापी आत्मा यमदूतों के विकराल रूप, काल-पाश, त्रिशूल और दंड को देखकर भय से कांप उठती है।

पापी आत्मायमदूतमृत्यु
लोक

यमदूत आत्मा को दक्षिण दिशा में क्यों ले जाते हैं?

यमलोक ब्रह्मांड के दक्षिणी भाग में है, इसलिए यमदूत आत्मा को दक्षिण दिशा के यममार्ग से ले जाते हैं।

यमदूतदक्षिण दिशायममार्ग
लोक

यातना-देह नष्ट क्यों नहीं होती?

यातना-देह इसलिए नष्ट नहीं होती क्योंकि वह नरक के कष्ट भोगने के लिए बनी है; आग और शस्त्र उसे समाप्त नहीं करते।

यातना देहनरक यातनासूक्ष्म शरीर
लोक

यातना-देह क्या है?

यातना-देह वह सूक्ष्म शरीर है जिससे आत्मा नरक की यातनाएँ भोगती है, पर वह आग या शस्त्र से नष्ट नहीं होती।

यातना देहसूक्ष्म शरीरनरक
लोक

अंगुष्ठमात्र सूक्ष्म शरीर क्या होता है?

अंगुष्ठमात्र सूक्ष्म शरीर अंगूठे के आकार की वह देह है जिसे यमदूत शरीर से निकालते हैं और जिससे आत्मा यातनाएँ भोगती है।

अंगुष्ठमात्रसूक्ष्म शरीरयातना देह
लोक

यमदूत आत्मा को शरीर से कैसे निकालते हैं?

यमदूत अंगुष्ठमात्र सूक्ष्म शरीर को स्थूल शरीर से बलपूर्वक खींच निकालकर काल-पाश में बांधते हैं।

यमदूतआत्मासूक्ष्म शरीर
लोक

यमदूतों के हाथों में कौन से अस्त्र होते हैं?

यमदूतों के हाथों में काल-पाश, लोहे के मुद्गर, त्रिशूल और कोड़े बताए गए हैं।

यमदूत अस्त्रकाल पाशमुद्गर
लोक

मृत्यु के समय पापी को यमदूत कैसे दिखाई देते हैं?

पापी को मृत्यु के समय विकराल, लाल आँखों वाले, भयानक मुख वाले यमदूत दिखाई देते हैं, जिन्हें देखकर वह भय से कांप उठता है।

मृत्यु समययमदूतपापी आत्मा
लोक

यमदूतों का स्वरूप कैसा बताया गया है?

यमदूत विकराल, लाल आँखों वाले, भयानक मुख वाले, काल-पाश, मुद्गर, त्रिशूल और कोड़े धारण किए हुए बताए गए हैं।

यमदूत स्वरूपगरुड़ पुराणकाल पाश
लोक

यमदूत कौन हैं?

यमदूत यमराज के दंडाधिकारी हैं, जो मृत्यु के बाद पापी आत्मा को यमलोक तक ले जाते हैं।

यमदूतयमराजमृत्यु
लोक

श्रवण और श्रवणी कर्म-साक्षी क्यों माने गए हैं?

श्रवण-श्रवणी हर गुप्त कर्म को देखते-सुनते और यमराज के सामने प्रमाण देते हैं, इसलिए वे कर्म-साक्षी हैं।

श्रवण श्रवणीकर्म साक्षीयमलोक
लोक

यमलोक की गुप्तचर व्यवस्था कैसे काम करती है?

यमलोक की गुप्तचर व्यवस्था श्रवण-श्रवणी देवों से चलती है, जो हर गुप्त कर्म देखकर चित्रगुप्त तक पहुँचाते हैं।

यमलोक गुप्तचर व्यवस्थाश्रवणश्रवणी
लोक

श्रवण देवों की पूजा करने से मृत्यु के समय क्या लाभ होता है?

सत्य, दान-पुण्य और श्रवण देवों की पूजा करने वाले पर वे प्रसन्न होते हैं और मृत्यु के समय कष्ट नहीं होने देते।

श्रवण देव पूजामृत्यु समयदान पुण्य
लोक

यमराज के सामने श्रवण देव गवाह कैसे बनते हैं?

यदि आत्मा पाप नकारती है, तो श्रवण-श्रवणी देव यमराज के सामने प्रत्यक्ष गवाह बनकर उसके कर्मों का प्रमाण देते हैं।

श्रवण देवयमराजगवाह
लोक

बंद कमरे में किए गए कर्म भी यमलोक तक कैसे पहुँचते हैं?

श्रवण और श्रवणी देव बंद कमरे, अंधकार और एकांत में किए गए कर्म भी देख-सुनकर चित्रगुप्त तक पहुँचाते हैं।

गुप्त कर्मश्रवण देवश्रवणी
लोक

श्रवण और श्रवणी चित्रगुप्त की सहायता कैसे करते हैं?

श्रवण-श्रवणी हर कर्म को देखकर-सुनकर चित्रगुप्त की पंजिका तक पहुँचाते हैं और यमराज के सामने गवाह बनते हैं।

श्रवण श्रवणीचित्रगुप्तकर्म लेखा
लोक

श्रवण देव गुप्त कर्मों को कैसे जानते हैं?

श्रवण देव ब्रह्मा के कानों और नेत्रों के प्रतीक हैं, इसलिए वे गुप्त से गुप्त कर्म भी देख-सुन लेते हैं।

श्रवण देवगुप्त कर्मकर्म साक्षी
लोक

श्रवणी देवियाँ किसके कर्मों को देखती हैं?

श्रवणी देवियाँ स्त्रियों के सभी शुभ-अशुभ कर्मों का सूक्ष्म अवलोकन करती हैं।

श्रवणी देवियाँस्त्री कर्मयमलोक
लोक

श्रवण देवों की उत्पत्ति कैसे हुई?

ब्रह्मा जी ने लोक-व्यवहार का सूक्ष्म ज्ञान रखने के लिए अपनी तपस्या से तेजस्वी और विशाल नेत्रों वाले श्रवण देव उत्पन्न किए।

श्रवण देवउत्पत्तिब्रह्मा

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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