विस्तृत उत्तर
श्रवण और श्रवणी कर्म-साक्षी इसलिए माने गए हैं क्योंकि वे मनुष्य के गुप्त से गुप्त कर्मों को उसी क्षण देख और सुन लेते हैं। श्रवण देव पुरुषों के कर्मों पर दृष्टि रखते हैं और श्रवणी देवियाँ स्त्रियों के शुभ-अशुभ कर्मों का अवलोकन करती हैं। वे संसार में बोले गए शुभ-अशुभ वचनों और कर्मों को ब्रह्मा के कानों तक तथा भगवान चित्रगुप्त की पंजिका तक पहुंचाते हैं। जब जीवात्मा यमराज के दरबार में अपने पापों को नकारने का प्रयास करती है, तब ये देव प्रत्यक्ष गवाह के रूप में प्रस्तुत होकर जीवात्मा के प्रत्येक कृत्य का प्रमाण देते हैं।
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