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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

लोक

श्रवण और श्रवणी देव कौन हैं?

श्रवण और श्रवणी यमलोक के दिव्य गुप्तचर हैं, जो पुरुषों और स्त्रियों के शुभ-अशुभ कर्मों को देखते-सुनते हैं।

श्रवण देवश्रवणीयमलोक
लोक

यमलोक में चित्रगुप्त का न्याय अंतिम क्यों माना जाता है?

चित्रगुप्त का कर्म-लेखा अकाट्य साक्ष्य है, इसलिए यमलोक में उनका न्याय अंतिम माना जाता है।

चित्रगुप्त न्याययमलोकअंतिम साक्ष्य
लोक

चित्रगुप्त के लेखे से कोई जीव बच क्यों नहीं सकता?

चित्रगुप्त की अग्रसंधानी पुस्तिका और श्रवण-श्रवणी की गवाही के कारण कोई जीव अपने कर्मों से बच नहीं सकता।

चित्रगुप्त लेखाकर्म साक्ष्यअग्रसंधानी
लोक

यमराज के निर्णय में चित्रगुप्त की क्या भूमिका है?

चित्रगुप्त जीव का कर्म-वृत्तांत प्रस्तुत करते हैं, और उसी के आधार पर यमराज निर्णय देते हैं।

यमराज निर्णयचित्रगुप्तकर्म वृत्तांत
लोक

चित्रगुप्त जीवों के कर्मों का लेखा कैसे रखते हैं?

चित्रगुप्त अग्रसंधानी पुस्तिका में कर्म दर्ज रखते हैं और श्रवण-श्रवणी देव हर गुप्त कर्म की सूचना पहुँचाते हैं।

चित्रगुप्तकर्म लेखाअग्रसंधानी
लोक

चित्रगुप्त की अग्रसंधानी पुस्तिका क्या है?

अग्रसंधानी चित्रगुप्त की दिव्य कर्म-पुस्तिका है, जिसमें हर जीव के जन्म से मृत्यु तक के कर्म दर्ज रहते हैं।

अग्रसंधानीचित्रगुप्तकर्म पुस्तिका
लोक

चित्रगुप्त का नाम चित्रगुप्त क्यों पड़ा?

वे गुप्त रूप से सभी जीवों के कर्म-चित्र संचित करते हैं, इसलिए उनका नाम चित्रगुप्त पड़ा।

चित्रगुप्त नामकर्म चित्रगुप्त लेखा
लोक

चित्रगुप्त के हाथ में कलम, दवात और तलवार क्यों हैं?

कलम और दवात चित्रगुप्त के कर्म-अभिलेखक स्वरूप को दिखाते हैं, और तलवार न्याय-व्यवस्था से उनके संबंध को दर्शाती है।

चित्रगुप्तकलमदवात
लोक

चित्रगुप्त को कायस्थ क्यों कहा जाता है?

चित्रगुप्त ब्रह्मा जी की काया से उत्पन्न हुए, इसलिए उन्हें कायस्थ कहा जाता है।

चित्रगुप्तकायस्थब्रह्मा काया
लोक

चित्रगुप्त की उत्पत्ति कैसे हुई?

चित्रगुप्त ब्रह्मा जी की १००० वर्षों की तपस्या से उनकी काया से प्रकट हुए, इसलिए वे कायस्थ कहलाए।

चित्रगुप्त उत्पत्तिब्रह्माकायस्थ
लोक

चित्रगुप्त कौन हैं?

चित्रगुप्त यमलोक के कर्म-अभिलेखक हैं, जो हर जीव के शुभ-अशुभ कर्मों का सूक्ष्म लेखा रखते हैं।

चित्रगुप्तयमलोककर्म लेखा
लोक

यमराज की सभा में कोई कर्म छिप क्यों नहीं सकता?

चित्रगुप्त की अग्रसंधानी पुस्तिका और श्रवण-श्रवणी की गुप्तचर व्यवस्था के कारण यमराज की सभा में कोई कर्म छिप नहीं सकता।

कर्म लेखाचित्रगुप्तश्रवण देव
लोक

यमराज की सभा को पारलौकिक न्यायालय क्यों कहा गया है?

यमराज की सभा में हर कर्म का अकाट्य लेखा प्रस्तुत होता है, इसलिए इसे पारलौकिक न्यायालय कहा गया है।

पारलौकिक न्यायालययमराज सभाचित्रगुप्त
लोक

यमराज की सभा में कर्मों का मूल्यांकन कैसे होता है?

चित्रगुप्त की अग्रसंधानी पुस्तिका में दर्ज कर्मों के आधार पर यमराज की सभा में जीवात्मा का मूल्यांकन होता है।

कर्म मूल्यांकनयमराज सभाचित्रगुप्त
लोक

पुण्यात्माएँ यमराज की सभा में कितने समय तक रह सकती हैं?

कुछ पुण्यात्माएँ यमराज की सभा में एक महाकल्प तक निवास कर दिव्य भोग और सत्संग प्राप्त करती हैं।

पुण्यात्मायमराज सभामहाकल्प
लोक

यमराज की सभा में पितृगण क्यों उपस्थित रहते हैं?

पितृगण यमराज की सभा में अपने वंशजों के कर्मों का अवलोकन करने के लिए उपस्थित रहते हैं।

पितृगणअग्निष्वात्तयमराज सभा
लोक

यमराज की सभा में गंधर्व और अप्सराएँ क्या करते हैं?

यमराज के सिंहासन पर आसीन होने पर गंधर्व उनका यशोगान करते हैं और अप्सराएँ नृत्य करती हैं।

गंधर्वअप्सरायमराज सभा
लोक

यमराज की सभा में पुण्यात्माओं का स्वागत कैसे होता है?

पुण्यात्मा के आने पर धर्मराज स्वयं आसन से उठकर स्वागत करते हैं और उसे सम्मानपूर्वक सभा में स्थान देते हैं।

पुण्यात्मायमराज सभाधर्मराज
लोक

यमराज की सभा में कौन-कौन उपस्थित रहते हैं?

यमराज की सभा में मुनीश्वर, सिद्ध योगी, गंधर्व, देवता, अप्सराएँ और अग्निष्वात्त आदि पितृगण उपस्थित रहते हैं।

यमराज सभापितृगणगंधर्व
लोक

यमराज का दरबार डरावना है या दिव्य?

यमराज का दरबार मूलतः दिव्य और भव्य है, पर पापी आत्मा के लिए वह भय और दंड का स्थान बन जाता है।

यमराज दरबारयमलोकदिव्य सभा
लोक

यमराज की सभा कैसी है?

यमराज की सभा दिव्य, भव्य और विस्तृत है, जहाँ मुनि, सिद्ध, गंधर्व, देवता और पितृगण उपस्थित रहते हैं।

यमराज सभायमलोकगरुड़ पुराण
लोक

यमराज का निर्णय निष्पक्ष क्यों माना गया है?

यमराज का निर्णय चित्रगुप्त के अकाट्य कर्म-लेखे पर आधारित होता है, इसलिए वह पूर्णतः निष्पक्ष माना गया है।

यमराज निर्णयनिष्पक्ष न्यायचित्रगुप्त
लोक

यमराज भगवान विष्णु के प्रतिनिधि कैसे हैं?

यमराज भगवान विष्णु की दण्ड व्यवस्था के अधिपति और ब्रह्मांडीय न्याय के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं।

यमराजभगवान विष्णुधर्मराज
लोक

यमराज वैष्णव भक्तों पर अधिकार क्यों नहीं रखते?

वैष्णव भक्त अपने कर्म भगवान विष्णु को अर्पित करते हैं, इसलिए उन पर यमराज का अधिकार नहीं होता और विष्णुदूत उन्हें वैकुण्ठ ले जाते हैं।

यमराजवैष्णव भक्तविष्णु भक्त

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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