📖
विस्तृत उत्तर
यमराज की सभा में अनेक मुनीश्वर, सिद्ध योगी, गंधर्व और देवतागण उपस्थित रहते हैं। सभा में पितृलोक के अधिपति अग्निष्वात्त आदि पितृगण भी विराजमान होते हैं, जो अपने वंशजों के कर्मों का अवलोकन करते हैं। जब धर्मराज अपने सिंहासन पर आसीन होते हैं, तो गंधर्व उनका यशोगान करते हैं और अप्सराएँ नृत्य करती हैं। यह सभा एक पारलौकिक न्यायालय है जहाँ हर कर्म का पारदर्शी मूल्यांकन होता है और कोई भी साक्ष्य छिपाया नहीं जा सकता।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





