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महर्लोक प्रश्नोत्तरी — 93 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित महर्लोक विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 93 प्रश्न

लोक

महर्लोक को महः व्याहृति क्यों कहते हैं?

वैदिक सात व्याहृतियों में महः महर्लोक का प्रतीक है। भूः, भुवः, स्वः के बाद महः भौतिक त्रैलोक्य से पहली आध्यात्मिक भूमि का बोध कराता है।

महर्लोकमहःव्याहृति
लोक

महर्लोक के नीचे कौन से लोक हैं?

महर्लोक के नीचे त्रैलोक्य है — भूर्लोक, भुवर्लोक और स्वर्लोक। ये तीनों कृतक अर्थात विनाशशील लोक हैं जो नैमित्तिक प्रलय में नष्ट हो जाते हैं।

महर्लोकस्वर्लोकभुवर्लोक
लोक

महर्लोक के ऊपर कौन से लोक हैं?

महर्लोक के ऊपर जनलोक, तपोलोक और सत्यलोक (ब्रह्मलोक) हैं। ये तीनों अकृतक अर्थात नित्य-अविनाशी लोक हैं।

महर्लोकजनलोकतपोलोक
लोक

महर्लोक ब्रह्मांड के 14 लोकों में कहाँ है?

महर्लोक सात ऊर्ध्व लोकों में चौथे स्थान पर है। यह स्वर्लोक के ऊपर और जनलोक के नीचे है। वैदिक व्याहृतियों में इसे महः कहते हैं।

महर्लोक14 लोकचतुर्थ
लोक

महर्लोक क्या है?

महर्लोक 14 लोकों में चौथा ऊर्ध्व लोक है जो स्वर्लोक के ऊपर और जनलोक के नीचे है। यह विशुद्ध आध्यात्मिक और तपोमयी ऊर्जा का लोक है।

महर्लोकपरिचयवैदिक
लोक

स्वर्लोक किसके बीच में है?

स्वर्लोक नीचे भुवर्लोक और ऊपर महर्लोक के बीच में स्थित है। यह भौतिक जगत और आध्यात्मिक जगत के बीच सेतु का काम करता है।

स्वर्लोकभुवर्लोकमहर्लोक
लोक

भूलोक के ऊपर कौन-कौन से लोक हैं?

भूलोक के ऊपर छह लोक हैं — भुवर्लोक, स्वर्लोक, महर्लोक, जनलोक, तपोलोक और सत्यलोक (ब्रह्मलोक)।

भूलोकऊर्ध्व लोकस्वर्लोक
लोक

महर्लोक प्रलय में नष्ट क्यों नहीं होता जबकि भुवर्लोक नष्ट हो जाता है?

भुवर्लोक कृतक (नश्वर) है इसलिए प्रलय में नष्ट होता है। महर्लोक अकृतक है — अग्नि उसे जला नहीं सकती परंतु ताप से भृगु आदि ऋषि वहाँ से जनलोक चले जाते हैं।

महर्लोकभुवर्लोकप्रलय
लोक

कृतक और अकृतक लोकों में क्या मौलिक अंतर है?

कृतक लोक (भूलोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक) प्रलय में पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। अकृतक लोक (महर्लोक आदि) प्रलय से आंशिक रूप से ही प्रभावित होते हैं।

कृतकअकृतकभुवर्लोक
लोक

ध्रुवलोक से महर्लोक कितनी दूर है?

ध्रुवलोक से महर्लोक एक करोड़ योजन दूर है।

ध्रुवलोकमहर्लोकदूरी
लोक

महर्लोक से जनलोक कितनी दूर है?

महर्लोक से जनलोक दो करोड़ योजन दूर है।

महर्लोकजनलोकदूरी
लोक

जनलोक की दूरी कितनी बताई गई है?

जनलोक महर्लोक से दो करोड़ योजन ऊपर स्थित है।

जनलोक दूरीमहर्लोकयोजन
लोक

महर्लोक को कृतकाकृतक क्यों कहा जाता है?

महर्लोक सीधे जलता नहीं, पर प्रलय का ताप वहाँ तक पहुँचता है, इसलिए वह कृतकाकृतक कहलाता है।

महर्लोककृतकाकृतकप्रलय
लोक

कृतकाकृतक लोक क्या होता है?

कृतकाकृतक लोक वह है जो सीधे नष्ट नहीं होता, पर प्रलय के ताप से निवास योग्य नहीं रहता; महर्लोक ऐसा लोक है।

कृतकाकृतकमहर्लोकप्रलय
लोक

जनलोक किस लोक के ऊपर है?

जनलोक महर्लोक के ऊपर स्थित है।

जनलोकमहर्लोकऊर्ध्व लोक
लोक

जनलोक सात ऊर्ध्व लोकों में कहाँ आता है?

जनलोक सात ऊर्ध्व लोकों में नीचे से पाँचवाँ और ऊपर से तीसरा लोक है।

जनलोकऊर्ध्व लोकमहर्लोक
लोक

ध्रुवलोक से महर्लोक, जनलोक और तपोलोक की दूरी कैसे बताई गई है?

ध्रुवलोक से महर्लोक एक करोड़, महर्लोक से जनलोक दो करोड़ और जनलोक से तपोलोक आठ करोड़ योजन ऊपर है।

ध्रुवलोकमहर्लोकजनलोक
लोक

महर्लोक के ऋषि प्रलय के समय कहाँ जाते हैं?

महर्लोक के भृगु आदि ऋषि प्रलय के समय जनलोक में चले जाते हैं।

महर्लोकप्रलयभृगु ऋषि
लोक

महर्लोक में कौन रहते हैं?

महर्लोक में भृगु आदि महान सिद्धगण निवास करते हैं।

महर्लोकभृगुसिद्धगण
लोक

ध्रुवलोक से ऊपर कौन-कौन से लोक हैं?

ध्रुवलोक से ऊपर महर्लोक, जनलोक, तपोलोक और सत्यलोक स्थित हैं।

ध्रुवलोकमहर्लोकजनलोक
लोक

सत्यलोक के नीचे कौन से लोक हैं?

सत्यलोक के नीचे — तपोलोक (12 करोड़ योजन), जनलोक (8 करोड़ योजन), महर्लोक (2 करोड़ योजन) और आगे स्वर्लोक, भुवर्लोक, भूर्लोक हैं।

सत्यलोकतपोलोकजनलोक

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