विस्तृत उत्तर
सत्यलोक के नीचे तीन ऊर्ध्व लोक स्थित हैं। सत्यलोक के ठीक नीचे तपोलोक है जो बारह करोड़ योजन नीचे है। तपोलोक में महान वैराज मुनि और ऊर्ध्वरेता संन्यासी निवास करते हैं। तपोलोक के नीचे जनलोक है जो तपोलोक से आठ करोड़ योजन नीचे है। जनलोक के नीचे महर्लोक है जो जनलोक से दो करोड़ योजन नीचे है। महर्लोक के नीचे ध्रुवलोक है और उसके नीचे स्वर्लोक, भुवर्लोक और भूर्लोक (पृथ्वी) हैं। नैमित्तिक प्रलय में भूर्लोक, भुवर्लोक और स्वर्लोक पूर्णतः नष्ट हो जाते हैं, महर्लोक के निवासी जनलोक की ओर पलायन करते हैं, किन्तु जनलोक, तपोलोक और सत्यलोक इस प्रलय से अछूते रहते हैं।
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