विस्तृत उत्तर
सनातन हिन्दू ब्रह्माण्ड विज्ञान के अनुसार यह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड चौदह लोकों में विभक्त है जिन्हें मुख्य रूप से दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है — सात ऊर्ध्व लोक और सात अधोलोक। इन चौदह लोकों के मध्य में भूर्लोक (पृथ्वी) स्थित है। पृथ्वी के नीचे अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल नामक सात अधोलोक हैं। पृथ्वी के ऊपर अन्तरिक्ष (भुवर्लोक) और स्वर्ग (स्वर्लोक) स्थित हैं। महर्लोक इन सात ऊर्ध्व लोकों की शृंखला में चतुर्थ स्थान पर अवस्थित है। यह भूर्लोक, भुवर्लोक और स्वर्लोक के ऊपर तथा जनलोक, तपोलोक और सत्यलोक के ठीक नीचे स्थित है। वैदिक व्याहृतियों में महर्लोक का प्रतिनिधित्व महः व्याहृति द्वारा किया जाता है।
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