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विष्णु पुराण प्रश्नोत्तरी — 91 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित विष्णु पुराण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 91 प्रश्न

लोक

विष्णु पुराण और भागवत पुराण में महर्लोक के वर्णन में क्या अंतर है?

विष्णु पुराण महर्लोक की कृतकाकृतक प्रकृति और प्रलय-विज्ञान पर बल देता है। भागवत इसे विराट पुरुष की ग्रीवा बताता है और खगोलीय दूरियाँ देता है। दोनों इसकी सात्त्विकता पर एकमत हैं।

विष्णु पुराणभागवत पुराणमहर्लोक
लोक

'कृतक', 'अकृतक' और 'कृतकाकृतक' लोकों में क्या अंतर है?

कृतक लोक (त्रैलोक्य) विनाशी हैं, अकृतक (जनलोक से सत्यलोक तक) नित्य हैं। महर्लोक कृतकाकृतक है — नैमित्तिक प्रलय में भस्म नहीं होता पर निर्जन हो जाता है।

कृतकअकृतककृतकाकृतक
लोक

महर्लोक की 'कृतकाकृतक' प्रकृति का क्या अर्थ है?

कृतकाकृतक = आंशिक रूप से विनाशी (कृतक) + आंशिक रूप से अविनाशी (अकृतक)। नैमित्तिक प्रलय में महर्लोक भस्म नहीं होता पर निर्जन हो जाता है — यही इसकी मिश्र प्रकृति है।

कृतकाकृतकमहर्लोकविष्णु पुराण
लोक

महर्लोक को 'कृतकाकृतक' क्यों कहते हैं?

कृतकाकृतक = आंशिक रूप से विनाशी + आंशिक रूप से अविनाशी। नैमित्तिक प्रलय में महर्लोक भस्म नहीं होता (अकृतक) पर निर्जन हो जाता है (कृतक)।

कृतकाकृतकमहर्लोकविष्णु पुराण
लोक

विष्णु पुराण और भागवत पुराण में स्वर्लोक के वर्णन में क्या अंतर है?

विष्णु पुराण स्वर्लोक को कालगणना और प्रलय से जोड़ता है जबकि भागवत पुराण इसका विस्तृत भौगोलिक, खगोलीय और भक्ति-दृष्टिकोण से वर्णन करता है।

विष्णु पुराणभागवत पुराणस्वर्लोक
लोक

स्वर्ग से पुण्य क्षीण होने का संकेत क्या है?

स्वर्ग में पुण्य क्षीण होने के दो संकेत हैं — शरीर से पसीना आना और गले की दिव्य माला का मुरझाना। ये संकेत मिलते ही स्वर्ग से निष्कासन निश्चित है।

पुण्य क्षीणस्वर्गमाला मुरझाना
लोक वर्णन

सात लोक कौन से हैं और उनका क्या वर्णन?

7 ऊर्ध्व लोक: भूलोक→भुवर्लोक→स्वर्लोक→महर्लोक→जनलोक→तपलोक→सत्यलोक (ब्रह्मलोक)। 7 अधो लोक (पाताल): अतल→वितल→सुतल→तलातल→महातल→रसातल→पाताल। विष्णु पुराण और भागवत पुराण में विस्तृत वर्णन। कुल 14 लोक।

सात लोकचौदह लोकऊर्ध्व लोक
लोक

विष्णु पुराण के 'गायन्ति देवाः' श्लोक का क्या अर्थ है?

'गायन्ति देवाः' श्लोक में देवता कहते हैं — भारतवर्ष में जन्म लेने वाले हमसे भी धन्य हैं क्योंकि यह स्वर्ग और मोक्ष दोनों का द्वार है जो हमें भी दुर्लभ है।

गायन्ति देवाःविष्णु पुराणभारतवर्ष
लोक

विष्णु पुराण और भागवत पुराण में भूलोक के वर्णन में क्या अंतर है?

विष्णु पुराण भारतवर्ष के आध्यात्मिक महत्व और मोक्ष पर बल देता है जबकि भागवत पुराण गणितीय माप, शासकों की वंशावली और प्रत्येक वर्ष के अधिष्ठाता देव का विस्तृत वर्णन करता है।

विष्णु पुराणभागवत पुराणभूलोक
लोक

देवता भारत में जन्म लेने की इच्छा क्यों करते हैं?

देवता स्वर्ग में भी भारत में जन्म लेना चाहते हैं क्योंकि केवल यहाँ मोक्ष संभव है। विष्णु पुराण में 'गायन्ति देवाः' श्लोक में यही कहा गया है।

देवताभारतवर्षजन्म
लोक

भारतवर्ष को सबसे श्रेष्ठ क्यों माना गया है?

भारतवर्ष एकमात्र कर्मभूमि है जहाँ मोक्ष प्राप्त हो सकता है। अन्य वर्ष केवल भोगभूमि हैं। यहाँ चारों युग होते हैं और नए कर्म करने की स्वतंत्रता है।

भारतवर्षकर्मभूमिमोक्ष
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नैमित्तिक प्रलय में सात सूर्यों का क्या काम है?

प्रलय में सूर्य की सात रश्मियाँ सात प्रलयंकारी सूर्य बन जाती हैं जिनकी प्रचंड अग्नि से पहले भूलोक फिर भुवर्लोक और फिर स्वर्लोक भस्म हो जाते हैं।

सात सूर्यनैमित्तिक प्रलयभुवर्लोक
लोक

विष्णु पुराण और भागवत पुराण में भुवर्लोक के वर्णन में क्या अंतर है?

विष्णु पुराण भुवर्लोक का खगोलीय और गणितीय वर्णन करता है जबकि भागवत पुराण इसके निवासियों, उप-लोकों और भगवान के विराट स्वरूप में इसकी नाभि-स्थिति का विस्तृत वर्णन करता है।

विष्णु पुराणभागवत पुराणभुवर्लोक
लोक

पृथ्वी से सूर्यमंडल की दूरी कितनी बताई गई है?

विष्णु पुराण के अनुसार पृथ्वी से सूर्यमंडल की दूरी एक लाख योजन (लगभग आठ लाख मील) है और इसी बीच के आकाश में भुवर्लोक फैला हुआ है।

पृथ्वीसूर्यमंडलएक लाख योजन
लोक

विष्णु पुराण में भुवर्लोक का क्षैतिज विस्तार कितना बताया गया है?

विष्णु पुराण के अनुसार भुवर्लोक का क्षैतिज विस्तार बिल्कुल भूलोक (पृथ्वी) के ही समान है। दोनों का घेरा एक जैसा है।

विष्णु पुराणभुवर्लोकक्षैतिज विस्तार
विष्णु उपासना

विष्णु पुराण में कितने अध्याय हैं?

विष्णु पुराण में कुल 6 अंश (खण्ड) हैं। इसकी रचना महर्षि पराशर ने की है और इसमें लगभग 7,000 श्लोक उपलब्ध हैं। इसमें सृष्टि, ध्रुव-प्रह्लाद कथा, राजवंश, श्रीकृष्ण चरित्र और मोक्ष का वर्णन है। 18 पुराणों में आकार में सबसे छोटा पर महत्व में उच्च है।

विष्णु पुराणपुराण अध्यायपराशर ऋषि
लोक वर्णन

सात पाताल लोक कौन से हैं?

7 पाताल (ऊपर→नीचे): अतल (बल), वितल (शिव/हाटकेश्वर), सुतल (राजा बलि — विष्णु द्वारपाल), तलातल (मायासुर), महातल (नाग), रसातल (दैत्य), पाताल (शेषनाग — स्वर्णमयी)। विष्णु/भागवत पुराण। ये नर्क नहीं, स्वर्ग से भी सुंदर।

सात पातालअधो लोकविष्णु पुराण
लोक

समुद्र मंथन किस पुराण में है?

समुद्र मंथन श्रीमद्भागवत, विष्णु पुराण, अग्नि पुराण और महाभारत में वर्णित है।

समुद्र मंथन पुराणश्रीमद्भागवतविष्णु पुराण
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में गरीब के लिए क्या विकल्प है?

गाय को घास या श्रद्धा-प्रार्थना।

गरीब श्राद्धविष्णु पुराणघास
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन से भी श्रेष्ठ।

योगी भोजनत्रयोदशीविष्णु पुराण
लोक

राजा सगर और और्व संवाद क्या है?

श्राद्ध तत्त्व और योगी भोजन का संवाद।

राजा सगरऔर्व ऋषिविष्णु पुराण
लोक

बिना धन के श्राद्ध कैसे करें?

श्रद्धा, घास दान या प्रार्थना से।

बिना धन श्राद्धश्रद्धाविष्णु पुराण
लोक

गरीब व्यक्ति त्रयोदशी श्राद्ध कैसे करे?

गाय को घास या श्रद्धा-प्रार्थना से।

गरीब श्राद्धविष्णु पुराणघास
लोक

विष्णु पुराण में पुरूरवा संवाद क्या है?

श्राद्ध काल और सरल विकल्पों का संवाद।

पुरूरवासनत्कुमारविष्णु पुराण

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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