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ज्योतिष उपाय

ग्रह दोष निवारण, राशि अनुसार उपाय, कुंडली ज्ञान, नवग्रह शांति — ज्योतिष सम्बन्धी सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर।

218प्रश्नोत्तर
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दान से ग्रह कैसे शांत होते हैं?

दान=शुभ कर्म→अशुभ संतुलित→ग्रह शांत। ग्रह-विशिष्ट दान=ऊर्जा संतुलित(शनि=लोहा, गुरु=पुस्तक)। अहंकार त्याग+आशीर्वाद। सच्चे हृदय से — दिखावा=निष्फल।

ज्योतिष दर्शनदानग्रह शांति
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गुरु महादशा में कौन से शुभ कार्य करें?

16 वर्ष(सबसे शुभ ग्रह)। शुभ कार्य: विवाह, संतान, उच्च शिक्षा, तीर्थ, गुरु दीक्षा, व्यापार विस्तार, दान-पुण्य, ज्ञान प्रसार। अशुभ उपाय: 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं' 108, पुखराज, गुरुवार व्रत+केला दान, सत्यनारायण, विष्णु सहस्रनाम। ज्ञान+दान+धर्म=गुरु प्रसन्न।

ज्योतिष उपायगुरुबृहस्पति
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सूर्य मंत्र का जप कब और कैसे करें?

बीज: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' 7,000। गायत्री = मूलतः सूर्य मंत्र। सूर्योदय, रविवार, सूर्य मुख, जल अर्घ्य, 108। उद्देश्य: आत्मविश्वास, पदोन्नति, नेत्र/हृदय, सूर्य शांति।

ग्रह मंत्रसूर्यमंत्र
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राहु दोष निवारण मंत्र?

बीज: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' 108। मूल: 'ॐ रां राहवे नमः' 18000। दुर्गा मंत्र, गणपति अथर्वशीर्ष, महामृत्युंजय। शनि/बुधवार शाम। गोमेद(ज्योतिषी)।

ज्योतिष उपायराहुमंत्र
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मूंगा रत्न पहनने के लाभ और कैसे पहनें?

मूंगा=मंगल। अनामिका, तांबा/चांदी, मंगलवार, 'ॐ अं अंगारकाय नमः'। साहस, मंगल दोष शांति। 21 दिन असर। ज्योतिषी सलाह अनिवार्य।

रत्न शास्त्रमूंगामंगल
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शनि देव को प्रसन्न करने का सरल उपाय?

सरलतम: शनिवार पीपल तेल दीपक। 'ॐ शं शनैश्चराय' 108। तिल+तेल दान। कौवे को रोटी। हनुमान चालीसा। सबसे बड़ा: सच्चाई+मेहनत+गरीब सम्मान।

ज्योतिष उपायशनिप्रसन्न
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चौघड़िया क्या है और कैसे देखें?

चौघड़िया=दिन-रात 8-8 भाग(~1.5 घंटे)। शुभ: अमृत/शुभ/लाभ। अशुभ: रोग/काल/उद्वेग। चर=यात्रा। .com→'आज का चौघड़िया'। त्वरित मुहूर्त।

मुहूर्त शास्त्रचौघड़ियामुहूर्त
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रत्न और मंत्र में कौन ज्यादा प्रभावी ग्रह शांति में?

मंत्र > रत्न। मंत्र=आंतरिक, निःशुल्क, शुद्ध भक्ति, कोई हानि नहीं। रत्न=बाहरी, महँगा, गलत=हानि। सर्वोत्तम=मंत्र+दान+सेवा+कर्म। रत्न न खरीद सकें=मंत्र अकेला पर्याप्त।

ज्योतिष मार्गदर्शनरत्नमंत्र
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रत्न किस उंगली में पहनें — ग्रह अनुसार?

तर्जनी=पुखराज(गुरु), मध्यमा=नीलम/गोमेद(शनि/राहु), अनामिका=माणिक/मूंगा/हीरा, कनिष्ठा=पन्ना/मोती। गलत उंगली=गलत फल।

रत्न शास्त्ररत्न उंगलीग्रह
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सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त कब होता है?

धनतेरस(सर्वश्रेष्ठ), अक्षय तृतीया('अक्षय'=कभी न घटे), पुष्य नक्षत्र। गुरुपुष्य योग। गुरु/शुक्रवार। अमावस्या/ग्रहण/राहुकाल वर्जित।

मुहूर्त शास्त्रसोनास्वर्ण
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गुरुवार को पीला कपड़ा पहनने से क्या लाभ होता है?

गुरुवार बृहस्पति ग्रह का दिन है, पीला रंग बृहस्पति का कारक है। पीला पहनने से भाग्य वृद्धि, ज्ञान, शिक्षा में सफलता, विवाह बाधा निवारण और धन-समृद्धि होती है।

ज्योतिष नियमगुरुवारबृहस्पति
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कुंडली में सरकारी नौकरी योग कैसे देखें?

सूर्य मजबूत+10वाँ भाव शुभ=सरकारी। सूर्य+मंगल=सेना/पुलिस, सूर्य+गुरु=शिक्षा/न्याय, सूर्य+बुध=IAS। सूर्य/मंगल/गुरु दशा=संभावना। ⚠️ तैयारी+मेहनत=सबसे जरूरी। कुंडली=संकेत, गारंटी नहीं।

कुंडली ज्ञानसरकारी नौकरीयोग
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गोमेद रत्न से राहु दोष दूर होता है क्या?

गोमेद=राहु। हाँ राहु दोष शमन। मध्यमा, चांदी, शनिवार शाम, 'ॐ रां राहवे नमः'। 15-30 दिन। ज्योतिषी सलाह।

रत्न शास्त्रगोमेदराहु
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वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त कैसे देखें?

शुक्रवार(शुक्र=वाहन), बुध/गुरु/सोमवार। रोहिणी/पुष्य नक्षत्र। शुक्लपक्ष। शुभ चौघड़िया। नवरात्रि/दशहरा/अक्षय तृतीया विशेष। .com।

मुहूर्त शास्त्रवाहनगाड़ी
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मंगल गायत्री मंत्र का जप मंगल दोष के लिए कैसे करें?

'ॐ अंगारकाय विद्महे भूमिपुत्राय धीमहि तन्नो कुजः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' 10,000। मंगलवार, लाल वस्त्र, मूंगा माला। हनुमान पूजा = मंगल शांति। ज्योतिषी से मांगलिक दोष पुष्टि करवाएं।

ज्योतिषमंगलगायत्री
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मंगलवार को कौन से काम शुभ?

मंगलवार=मंगल+हनुमान। शुभ: हनुमान पूजा, भूमि खरीद, कानूनी, प्रतिस्पर्धा। वर्जित: गृहप्रवेश, विवाह, यात्रा(कुछ)।

वार शास्त्रमंगलवारशुभ कार्य
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अमावस्या को कौन से काम शुभ?

अमावस्या=पितर दिन। शुभ: तर्पण, श्राद्ध, दान, शनि/हनुमान पूजा, ध्यान। वर्जित: नया कार्य, गृहप्रवेश, विवाह, खरीद। पितर+साधना=शुभ, सांसारिक=अशुभ।

तिथि शास्त्रअमावस्याशुभ
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शुक्र ग्रह मजबूत करने के शुक्रवार उपाय?

लक्ष्मी/संतोषी पूजा, 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय' 108, सफ़ेद वस्तु/दूध/मिश्री दान, शुक्रवार व्रत, हीरा/ओपल(ज्योतिषी), साफ-सुथरा रहें, महिला सम्मान। पत्नी सम्मान=शुक्र प्रसन्न।

ग्रह उपायशुक्रशुक्रवार
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ग्रह शांति के लिए कौन से मंत्र जपने चाहिए?

सार्वभौमिक: नवग्रह स्तोत्र, महामृत्युंजय, गायत्री। 9 ग्रह बीज: सूर्य (ह्रां), चंद्र (श्रां), मंगल (क्रां), बुध (ब्रां), गुरु (ग्रां), शुक्र (द्रां), शनि (प्रां), राहु (भ्रां), केतु (स्रां)। कुण्डली → ज्योतिषी → विशिष्ट ग्रह जप।

ज्योतिषग्रह शांतिनवग्रह
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विपरीत राजयोग क्या होता है?

6/8/12 स्वामी अपने/एक-दूसरे भाव=विपरीत राजयोग। 3 प्रकार: हर्ष(6), सरल(8), विमल(12)। कठिनाइयों→अप्रत्याशित सफलता। शत्रु स्वतः नष्ट। संघर्ष पहले, सफलता बाद।

कुंडली ज्ञानविपरीत राजयोग6-8-12
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मोती माला से चंद्र शांत होता है क्या?

हाँ — मोती=चंद्र(मन)। शांति, अनिद्रा दूर। कनिष्ठा, चांदी, सोमवार, 'ॐ चंद्राय नमः'। 10-15 दिन। कर्क विशेष।

रत्न शास्त्रमोतीचंद्र
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रत्न और रुद्राक्ष एक साथ पहन सकते हैं क्या?

हाँ — रत्न(ग्रह)+रुद्राक्ष(शिव)=पूरक। शत्रु ग्रह बचें। 5 मुखी+कोई रत्न=सुरक्षित। ज्योतिषी पुष्टि।

रत्न शास्त्ररत्न रुद्राक्षएक साथ
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राहु दोष क्या है — लक्षण?

राहु अशुभ=अचानक कष्ट, मानसिक भ्रम, बुरे सपने(सर्प), नशा प्रवृत्ति, छल, त्वचा रोग, कालसर्प, अस्थिरता। ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।

ज्योतिषराहु दोषलक्षण
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गलत रत्न पहनने से क्या नुकसान?

स्वास्थ्य, आर्थिक, कलह, मानसिक, दुर्घटना। कारण: बिना कुंडली, शत्रु ग्रह, गलत विधि, नकली। रत्न=दवाई — ज्योतिषी अनिवार्य।

रत्न शास्त्रगलत रत्ननुकसान
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रत्न पहनने से ग्रह दोष पूरी तरह ठीक होता है क्या?

नहीं — रत्न सहायक, पूर्ण समाधान नहीं। शुभ ग्रह मजबूत करता, अशुभ पूरा शांत नहीं। सम्पूर्ण=रत्न+मंत्र+दान+सेवा+हवन+कर्म। बिना ज्योतिषी कभी न पहनें।

ज्योतिष मार्गदर्शनरत्नग्रह दोष
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रविवार को कौन से काम शुभ?

रविवार=सूर्य(अधिकार/सरकार)। शुभ: सूर्य पूजा, सरकारी कार्य, पद, माणिक। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। सूर्य नमस्कार।

वार शास्त्ररविवारशुभ
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पुखराज रत्न किसे पहनना चाहिए?

पुखराज=गुरु। तर्जनी, सोना, गुरुवार, 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः'। धनु/मीन विशेष। ज्ञान, धन, विवाह। 15 दिन असर।

रत्न शास्त्रपुखराजबृहस्पति
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शनिवार को कौन से काम अशुभ?

शनिवार=शनि। अशुभ: नया कार्य, गृहप्रवेश, विवाह, खरीद, यात्रा। शुभ: शनि/हनुमान पूजा, पीपल तेल, दान(तिल/कंबल/लोहा), लोहा/तेल व्यापार, नीलम धारण।

वार शास्त्रशनिवारअशुभ
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रत्न किस दिन पहनें — शुभ मुहूर्त कैसे देखें?

रवि=माणिक, सोम=मोती, मंगल=मूंगा, बुध=पन्ना, गुरु=पुखराज, शुक्र=हीरा, शनि=नीलम/गोमेद/लहसुनिया। शुक्ल पक्ष, ग्रहण बचें।

रत्न शास्त्ररत्न दिनमुहूर्त
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चंद्र गायत्री मंत्र का जप मन शांति के लिए कैसे करें?

'ॐ पद्मध्वजाय विद्महे...तन्नो सोमः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः' 11,000। सोमवार, श्वेत वस्त्र, मोती/स्फटिक। चंद्र = मन कारक — बलवान चंद्र = स्थिर मन। शिव पूजा + दूध दान।

ग्रह मंत्रचंद्रगायत्री
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नवग्रह मंत्रों का जप कैसे और कब करें?

9 ग्रह बीज मंत्र: सूर्य (ह्रां) 7K, चंद्र (श्रां) 11K, मंगल (क्रां) 10K, बुध (ब्रां) 9K, गुरु (ग्रां) 19K, शुक्र (द्रां) 16K, शनि (प्रां) 23K, राहु (भ्रां) 18K, केतु (स्रां) 17K। ग्रह के दिन जप। नवग्रह स्तोत्र नित्य। कुण्डली परामर्श → विशिष्ट ग्रह जप।

ज्योतिषनवग्रहग्रह मंत्र
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सूर्य गायत्री मंत्र का जप कैसे करें?

गायत्री मंत्र = मूलतः सूर्य (सवितृ) मंत्र ही। विशिष्ट: 'ॐ आदित्याय विद्महे...' सूर्योदय, सूर्य मुख, अर्घ्य सहित, 108 बार, रविवार। उद्देश्य: सूर्य शांति, नेत्र/हृदय, आत्मविश्वास, पदोन्नति।

ग्रह मंत्रसूर्य गायत्रीसूर्य
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ग्रह दोष और कर्म दोष में क्या संबंध?

ग्रह दोष=कर्म दोष का प्रतिबिंब। कुंडली=कर्मों का नक्शा। ग्रह=डाकिया, कर्म=पत्र — ग्रह कर्मफल पहुँचाते। मंत्र/दान=तीव्रता कम। मूल समाधान=कर्म सुधार। अच्छे कर्म=शुभ ग्रह।

ज्योतिष दर्शनग्रह दोषकर्म
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नीलम रत्न पहनना खतरनाक क्यों माना जाता है?

नीलम=शनि(सबसे कठोर)। सूट करे=राजा, न करे=रंक। 2-3 दिन असर। तकिए परीक्षा। मध्यमा, शनिवार। बिना ज्योतिषी कभी न पहनें।

रत्न शास्त्रनीलमशनि
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शनि मंत्र का जप शनि दोष निवारण के लिए कैसे करें?

मंत्र: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' 23,000 या 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' 108 नित्य। शनिवार, काले/नीले वस्त्र, लोहे की माला, सायंकाल, सरसों तेल दीपक। हनुमान चालीसा शनिवार। सरसों तेल दान। काले कुत्ते को रोटी। ज्योतिषी परामर्श।

ज्योतिषशनिमंत्र
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पंचक काल क्या है — सावधानियां?

पंचक=चंद्र अंतिम 5 नक्षत्र(धनिष्ठा→रेवती)। 5 प्रकार: मृत्यु/अग्नि/राज/चोर/रोग। वर्जित: दाह(विशेष उपाय), दक्षिण यात्रा, छत, लकड़ी, विवाह/गृहप्रवेश(कुछ)।

मुहूर्त शास्त्रपंचकसावधानी
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राहु महादशा में क्या उपाय करें?

18 वर्ष। 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे' 108(बुध/शनिवार शाम), दुर्गा पूजा(राहु नियंत्रक), गणपति अथर्वशीर्ष, नागपंचमी। दान: नारियल नदी, तिल, उड़द, कंबल। गोमेद(ज्योतिषी)। नशा/झूठ=वर्जित। शुभ राहु=विदेश/IT/राजनीति उन्नति।

ज्योतिष उपायराहुमहादशा
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ग्रह दोष में हवन करने का विशेष लाभ क्या?

अग्नि=देवमुख, आहुति सीधे ग्रहों तक। मंत्र+आहुति=दोहरा प्रभाव। वायु शुद्धि(94% बैक्टीरिया)। नवग्रह हवन=9 ग्रह शांत। साढ़ेसाती/कालसर्प/गृहप्रवेश। योग्य पंडित अनिवार्य।

ज्योतिष उपायहवनग्रह दोष
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ज्योतिष उपाय — प्रश्नोत्तर

ज्योतिष उपाय से सम्बन्धित 218+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर यहाँ उपलब्ध हैं। सनातन धर्म के विद्वानों द्वारा दिए गए इन उत्तरों में वेद, पुराण, उपनिषद और शास्त्रों के प्रमाण दिए गए हैं। यदि आप ज्योतिष उपाय के बारे में कोई भी प्रश्न खोज रहे हैं — चाहे विधि हो, नियम हो, सामग्री हो या लाभ — तो यहाँ आपको शास्त्रसम्मत उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर में स्रोत, विधि और व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया है।

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ज्योतिष उपाय: सनातन धर्म प्रश्नोत्तर — Pauranik