विस्तृत उत्तर
पंचक काल = जब चंद्रमा अंतिम 5 नक्षत्रों (धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वभाद्रपद, उत्तरभाद्रपद, रेवती) में होता है — कुंभ+मीन राशि में।
5 पंचक: 1. मृत्यु पंचक (धनिष्ठा) 2. अग्नि पंचक (शतभिषा) 3. राज पंचक (पूर्वभाद्रपद) 4. चोर पंचक (उत्तरभाद्रपद) 5. रोग पंचक (रेवती)
वर्जित कार्य: दाह संस्कार (पंचक में मृत्यु हो तो विशेष उपाय), दक्षिण यात्रा, छत निर्माण, लकड़ी संग्रह, घास/चारा लाना।
ध्यान: पंचक में विवाह, गृहप्रवेश भी कुछ परंपराओं में वर्जित। .com पर पंचक काल देखें।




