विस्तृत उत्तर
संवर्त अस्त्र को महाकाव्यों के सबसे भयावह और वर्जित हथियारों में इसलिए गिना जाता है क्योंकि इसका नाम स्वयं 'प्रलय' का पर्याय है और इसका एकमात्र विनाशकारी प्रयोग इसकी भयावहता को सिद्ध करता है। एक ही प्रयोग में पलक झपकते तीन करोड़ गंधर्वों के शरीर के चिथड़े उड़ गए और देवताओं को भी ऐसा भयानक संहार याद नहीं था। यह अस्त्र मारता नहीं बल्कि अस्तित्व को मिटा देता है। संवर्त अस्त्र की कहानी परम शक्ति के अस्तित्व और उसके उपयोग के लिए आवश्यक असाधारण नैतिक जिम्मेदारी की एक चेतावनी है। इसकी स्मृति ही यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है कि उसे फिर कभी न खोजा जाए और न ही चलाया जाए।
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