विस्तृत उत्तर
हिंदू शास्त्रीय परंपरा में, 'कवच' शब्द एक अभेद्य, सुरक्षात्मक आवरण का बोध कराता है।
यह न केवल बाहरी खतरों से, बल्कि आंतरिक दोषों और सूक्ष्म ऊर्जात्मक आघातों से भी साधक की रक्षा करता है।
कवच का पाठ करने का उद्देश्य भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर सुरक्षा के इस आवरण को स्थापित करना है।





