विस्तृत उत्तर
कूर्म (कछुआ) अवतार में समुद्र मंथन के समय मंदराचल पर्वत को सहारा देने के लिए भगवान ने कछुए का रूप लिया। यह जल और थल (Amphibian) दोनों पर रहने वाले जीव के विकास का प्रतीक है।
कूर्म अवतार: समुद्र मंथन में मंदराचल पर्वत डूबने लगा → भगवान ने कछुए का रूप लेकर पर्वत को अपनी पीठ पर धारण किया। प्रतीक: जल और थल (Amphibian) दोनों पर रहने वाले जीव का विकास।
कूर्म (कछुआ) अवतार में समुद्र मंथन के समय मंदराचल पर्वत को सहारा देने के लिए भगवान ने कछुए का रूप लिया। यह जल और थल (Amphibian) दोनों पर रहने वाले जीव के विकास का प्रतीक है।
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