विस्तृत उत्तर
बभ्रुवाहन का संबंध गरुड़ पुराण से नहीं, महाभारत से है — इस प्रश्न को यहाँ महाभारत के आधार पर उत्तर दिया जा रहा है।
बभ्रुवाहन अर्जुन और उनकी पत्नी चित्रांगदा के पुत्र थे। वे द्वापर युग में मणिपुर नगर (वर्तमान उत्तर-पूर्वी भारत का मणिपुर क्षेत्र) के राजा थे। उनकी माता चित्रांगदा मणिपुर-नरेश की पुत्री थीं। अर्जुन ने जब तीर्थयात्रा के दौरान मणिपुर में प्रवास किया तब उन्होंने चित्रांगदा से विवाह किया — यह शर्त रखकर कि उनकी संतान मणिपुर में ही रहेगी और वहाँ का राजा बनेगी।
महाभारत के अश्वमेध पर्व में वर्णित है कि युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ के समय जब अश्वमेध का घोड़ा मणिपुर पहुँचा, तो बभ्रुवाहन ने क्षत्रिय-धर्म का पालन करते हुए अपने पिता अर्जुन से युद्ध किया। इस युद्ध में बभ्रुवाहन ने अर्जुन को मूर्छित कर दिया — यह देखकर उनकी माता चित्रांगदा विलाप करने लगीं। तब अर्जुन की दूसरी पत्नी नागकन्या उलूपी ने संजीवन मणि से अर्जुन को पुनर्जीवित किया।
बभ्रुवाहन को गरुड़ पुराण में कोई विशेष उल्लेख नहीं मिलता। वे मुख्यतः महाभारत के पात्र हैं और उनकी कथा अश्वमेध पर्व में विस्तार से वर्णित है।





