विस्तृत उत्तर
वरुणास्त्र के ज्ञात धारकों में कई महान योद्धा सम्मिलित थे। द्रोणाचार्य स्वयं वरुणास्त्र के ज्ञाता थे और उन्होंने अपने शिष्यों को इसकी शिक्षा दी। युधिष्ठिर, सात्यकि और शिखंडी के पास भी वरुणास्त्र होने का उल्लेख मिलता है, संभवतः गुरु द्रोण से प्राप्त। रामायण में रावण के पास भी यह अस्त्र होने का संकेत मिलता है। कर्ण के पुत्र वृषकेतु को भी वरुणास्त्र का ज्ञान था। यह ज्ञान कुछ चुनिंदा और अत्यंत कुशल योद्धाओं तक ही सीमित था जो उनकी असाधारण क्षमताओं और तपस्या का प्रमाण है।
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