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विस्तृत उत्तर
सात्यकि ने द्रोणाचार्य के आग्नेयास्त्र का सामना करने के लिए वरुणास्त्र का प्रयोग किया था। यह प्रसंग सात्यकि जैसे योद्धाओं की भी दिव्यास्त्रों तक पहुँच और उनके सामरिक महत्व को दर्शाता है। सात्यकि पांडवों के पक्ष के एक प्रमुख योद्धा थे और उनके पास वरुणास्त्र का होना उनकी असाधारण योग्यता को इंगित करता है। यह प्रसंग गुरु द्रोणाचार्य की आग्नेयास्त्र क्षमता और सात्यकि के वरुणास्त्र द्वारा प्रतिकार की एक महत्वपूर्ण युद्ध घटना है।
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