विस्तृत उत्तर
वरुणास्त्र जल के देवता वरुण का दिव्यास्त्र है।
वरुणास्त्र क्या है — इस अस्त्र के चलाने पर युद्धक्षेत्र में भीषण बाढ़ जैसी जल-वर्षा उत्पन्न हो जाती है। आकाश से जल की अपार धाराएं बरसती हैं जो शत्रु-सेना को बहा ले जाती हैं। यह अग्नि-तत्व का प्रत्यक्ष प्रतिकार है।
जल और वरुण — वेदों में वरुण देव जल, महासागर और नैतिक व्यवस्था के देवता हैं। उनके अस्त्र से जल की असीमित शक्ति प्रकट होती है।
प्रभाव — वरुणास्त्र चलने पर आकाश में जलराशि एकत्र होती है और भीषण वर्षा होती है। युद्धभूमि में बाढ़ आ जाती है। अग्नि-अस्त्रों की ज्वाला बुझ जाती है। शत्रु-सेना विचलित और कमजोर हो जाती है।
रामायण और महाभारत में — यह अस्त्र दोनों महाकाव्यों में अनेक योद्धाओं के पास था। महाभारत में जब द्रोणाचार्य ने सात्यकि पर आग्नेयास्त्र चलाया तो सात्यकि ने वरुणास्त्र से उसका प्रतिकार किया।





