ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

रामचरितमानस — बालकाण्ड

बालकाण्ड में सबसे पहले कौन सी कथा आती है — शिव-सती या पार्वती जन्म?

शिव-सती कथा पहले — पार्वती जन्म बाद में। क्रम: मंगलाचरण → नाम महिमा → याज्ञवल्क्य-भरद्वाज → शिव-सती → दक्ष यज्ञ → सती देहत्याग → पार्वती जन्म → तपस्या → शिव-पार्वती विवाह → रामावतार कारण → राम जन्म।

बालकाण्डकथा क्रमशिव सती
रामचरितमानस — बालकाण्ड

अहल्या का उद्धार कहाँ हुआ?

गौतम ऋषि के आश्रम में — विश्वामित्र यज्ञ से जनकपुर जाते मार्ग में। शिला देखकर मुनि ने कथा सुनाई, रामजी के चरण-स्पर्श से अहल्या प्रकट हुईं।

बालकाण्डअहल्या उद्धार स्थानगौतम आश्रम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

सीता-राम विवाह कहाँ हुआ?

जनकपुर (मिथिला) के भव्य विवाह-मण्डप में। चारों भाइयों का विवाह एक मण्डप में वेदविधि से। 'जसि बिबाह कै बिधि श्रुति गाई। महामुनिन्ह सो सब करवाई।'

बालकाण्डविवाह स्थानजनकपुर
रामचरितमानस — बालकाण्ड

धनुष-भंग कहाँ हुआ?

जनकपुर (मिथिला) की रंगभूमि (यज्ञशाला/सभा-मण्डप) में। जनक ने विवाह-यज्ञ की रंगभूमि सजवाई, वहीं शिवजी का धनुष रखा, वहीं रामजी ने तोड़ा।

बालकाण्डधनुष भंग स्थानजनकपुर
रामचरितमानस — बालकाण्ड

सीता-राम का प्रथम मिलन कहाँ हुआ?

जनकपुर की पुष्पवाटिका (राजकीय बाग) में। रामजी फूल लेने आये, सीताजी गिरिजा पूजन के लिये। 'सिय मुख ससि भए नयन चकोरा' — दोनों ने एक-दूसरे को पहली बार देखा।

बालकाण्डप्रथम मिलन स्थानपुष्पवाटिका
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी का जन्म कहाँ हुआ?

अयोध्या (अवधपुरी) में — दशरथ के महल में, कौशल्या की कोख से। सरयू नदी तट पर, रघुवंश की राजधानी।

बालकाण्डराम जन्मस्थानअयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रामचरितमानस की रचना कहाँ शुरू हुई?

अयोध्या में — 'अवधपुरीं यह चरित प्रकासा।' कुछ भाग काशी में भी लिखा। अन्त में काशी में भगवान विश्वनाथ के समक्ष समर्पित।

बालकाण्डरचना स्थानअयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'त्रिपुरारि' और 'उमापति' कौन हैं?

शिवजी — त्रिपुरारि (त्रिपुर का नाश करने वाले) और उमापति (उमा/पार्वती के पति)। अन्य नाम — महेश, शम्भु, शंकर, वृषकेतु, चन्द्रमौलि, पुरारि।

बालकाण्डत्रिपुरारिउमापति
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'गिरिजा' कौन हैं?

पार्वतीजी — गिरि (पर्वत/हिमवान) की पुत्री। 'सुनु गिरिजा हरिचरित सुहाए।' अन्य नाम — उमा, भवानी, अम्बिका, गौरी, शैलकुमारी, अपर्णा।

बालकाण्डगिरिजापार्वती
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'भार्गव' और 'रेणुकासुत' कौन हैं?

परशुरामजी — भार्गव (भृगु वंश से) और रेणुकासुत (माता रेणुका के पुत्र)। पिता जमदग्नि ऋषि। शिवजी से फरसा (परशु) मिला — इसलिये 'परशुराम'।

बालकाण्डभार्गवरेणुकासुत
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'कौसिक' और 'गाधिसुत' कौन हैं?

विश्वामित्रजी — कौसिक (कुशिक वंश से) और गाधिसुत (गाधि राजा के पुत्र)। 'गाधिसूनु सब कथा सुनाई' — गाधि के पुत्र विश्वामित्रजी ने कथा सुनाई। पहले क्षत्रिय, तपस्या से ब्रह्मर्षि बने।

बालकाण्डकौसिकगाधिसुत
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'भानुकुलभूषण' किसे कहा गया?

श्रीरामजी — सूर्यवंश (भानुकुल) के भूषण (आभूषण)। 'देखि भानुकुलभूषनहि बिसरा सखिन्ह अपान।' राम रघुवंश (सूर्यवंश) के राजकुमार — इसलिये 'भानुकुलभूषण', 'रघुकुलतिलक', 'रघुवर'।

बालकाण्डभानुकुलभूषणराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'मिथिलेश' कौन हैं?

राजा जनक — मिथिला (जनकपुर) के राजा। मिथिला + ईश = मिथिलेश। अन्य नाम — विदेह, जनक, सीरध्वज। बालकाण्ड में — 'बेगि बिदेह नगर निअराया।'

बालकाण्डमिथिलेशजनक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'वैदेही' नाम क्यों पड़ा?

विदेह (जनक) कुल में उत्पन्न — विदेह + ई = वैदेही (विदेह कुल की कन्या)। जनक वंश को 'विदेह वंश' कहते हैं क्योंकि राजा देह-भाव से परे (विरक्त) रहते थे।

बालकाण्डवैदेहीसीता
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'जानकी' नाम क्यों पड़ा?

सीताजी राजा जनक की पुत्री हैं — जनक + ई = जानकी (जनक की कन्या)। बालकाण्ड में — 'जोगु जानकिहि यह बरु अहई।' सबसे प्रचलित नाम। रामजी को 'जानकीनाथ/जानकीवल्लभ' कहते हैं।

बालकाण्डजानकीसीता नाम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'विदेहकुमारी' कौन हैं?

सीताजी — राजा जनक (विदेह) की पुत्री। जनक को 'विदेह' कहते हैं (देह-भाव से परे)। सीताजी के अन्य नाम — जानकी, वैदेही, सीता, जनकसुता, भूमिजा।

बालकाण्डविदेहकुमारीसीता
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'कृपासिंधु' किसे कहा गया है बालकाण्ड में?

मुख्यतः भगवान श्रीरामजी को — 'कृपासिंधु बोले मृदु बचना।' कई स्थानों पर शिवजी और विष्णुजी को भी। पर सर्वाधिक बार यह रामजी की उपाधि है — कृपा का समुद्र।

बालकाण्डकृपासिंधुराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रामचरितमानस में कथा-वक्ता और श्रोता की प्रथम (मुख्य) जोड़ी कौन है?

शिवजी (वक्ता) और पार्वतीजी (श्रोता) — मुख्य कथा-संवाद। 'सुनु गिरिजा हरिचरित सुहाए' — शिवजी ने कैलास पर पार्वतीजी को रामकथा सुनाई। यह मूल कथा-धारा है।

बालकाण्डशिव पार्वतीप्रथम संवाद
रामचरितमानस — बालकाण्ड

गोस्वामी तुलसीदासजी के गुरु कौन थे?

बाबा नरहरिदास (नरहर्यानन्द) — कुछ परम्पराओं में नरसिंहदास। मानस में गुरु महिमा — 'बंदउँ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररूप हरि' — गुरु कृपा के समुद्र और नररूप हरि हैं।

बालकाण्डतुलसीदास गुरुनरहरिदास
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रामचरितमानस का सबसे छोटा काण्ड कौन सा है?

किष्किन्धाकाण्ड (~30 दोहे) — सबसे छोटा। बालकाण्ड (~361 दोहे) सबसे बड़ा। अरण्यकाण्ड (~46) भी छोटे काण्डों में।

बालकाण्डसबसे छोटा काण्डकिष्किन्धाकाण्ड
व्रत नियम

रथ सप्तमी का व्रत कौन कर सकता है?

यह व्रत कोई भी (औरत, आदमी, बुजुर्ग या बीमार) कर सकता है। औरतों को इससे अखंड सौभाग्य (पति की लंबी उम्र) और आदमियों को सेहत और पैसा मिलता है।

सार्वत्रिकस्त्री पुरुषपात्रता
तिथि और मुहूर्त

स्मार्त और वैष्णव लोगों की रथ सप्तमी की तारीख में अंतर क्यों होता है?

तारीख के नियमों में फर्क के कारण ऐसा होता है। स्मार्त लोग सूरज निकलने के समय की तिथि मानते हैं, जबकि वैष्णव नियम के मुताबिक सप्तमी तिथि सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले शुद्ध रूप से शुरू हो जानी चाहिए।

स्मार्तवैष्णववेध नियम
दान विधान

रथ सप्तमी के दिन क्या दान करना सबसे शुभ होता है?

इस दिन तांबे के बर्तन में 'तिल' रखकर दान करना सबसे अच्छा माना जाता है। अज्ञानता मिटाने के लिए घी का दीप-दान करना चाहिए। इसके अलावा लाल कपड़े, गुड़ और अन्न का दान करना चाहिए।

दानतिलदीप दान
पूजन विधान

रथ सप्तमी के दिन कौन से मंत्र या पाठ करने चाहिए?

इस दिन सूरज निकलते समय विजय दिलाने वाले 'आदित्य-हृदय स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए। साथ ही 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' या 'सूर्य गायत्री मंत्र' का 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ होता है।

आदित्य-हृदयसूर्य गायत्रीबीज मंत्र

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।