ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

पूजा विधि

नंदी के कान में क्या बोलें?

हाथ में दूर्वा (घास) लें, नंदी के बाएं कान में 3 बार अपनी इच्छा बोलें, फिर 3 बार 'श्री शिवाय नमस्तुभ्यं' बोलकर वह दूर्वा नंदी जी को चढ़ा दें।

नंदी पूजनमनोकामनादूर्वा
पूजा विधि

बेलपत्र चढ़ाने का मंत्र?

बेलपत्र की डंडी को जलाधारी (पानी बहने वाली जगह) की तरफ रखकर 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्...' मंत्र बोलते हुए बेलपत्र चढ़ाना चाहिए।

बिल्व अर्पणबेलपत्रगोपनीय विधि
पूजा विधि

प्रदोष काल में दीपदान?

इस पूजा में दो दीपक जलाए जाते हैं। पहला 'शुद्ध घी' का दीपक शिव जी के लिए, और दूसरा 'सरसों के तेल' का दीपक घर के बाहर पीपल के पेड़ के नीचे पितरों के लिए।

दीपदानपितृ हेतुशिव हेतु
पूजा विधि

शिव पंचोपचार पूजा मंत्र?

शिव जी को 5 चीजें चढ़ाते समय 5 अलग मंत्र बोलते हैं: चंदन (लं), फूल (हं), धूप (यं), दीपक (रं) और भोग/प्रसाद (वं)।

पंचोपचारआगमिक मंत्रशिव पूजन
पूजा विधि

प्रदोष व्रत का संकल्प कैसे लें?

हाथ में जल लेकर 'ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः...' मंत्र पढ़ते हुए अपना नाम, गोत्र और दिन बोलकर शिव-पार्वती और नंदी की पूजा करने का संकल्प (प्रतिज्ञा) लेना चाहिए।

संकल्प मंत्रप्रदोष पूजाविधि
पूजा विधि

पूजा में शुद्धि के मंत्र?

पूजा से पहले खुद को शुद्ध करने (ॐ अपवित्रः पवित्रो वा...), अपने बैठने के आसन को शुद्ध करने (ॐ पृथ्वि! त्वया धृता...) और रुद्राक्ष की माला को शुद्ध करने के मंत्र पढ़े जाते हैं।

आत्म शुद्धिआसन शुद्धिमाला शुद्धि
गोपनीय मंत्र

मनोकामना पूर्ति शिव मंत्र?

इच्छा पूरी करने के लिए एक बहुत ताकतवर गुप्त मंत्र है: 'ऊँ क्लीं क्लीं क्लीं वृषभारूढ़ाय वामांगे गौरी कृताय क्लीं क्लीं क्लीं ऊँ नमः शिवाय ॥'。

मनोकामनावृषभारूढ़ गौरी-पतिसौभाग्य
गोपनीय मंत्र

पिंगल रुद्र मंत्र के लाभ?

यह एक गुप्त मंत्र है (ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं सर्व मंगलाय पिंगलाय ॐ नमः)। इसके जाप से धन-संपत्ति (ऐश्वर्य) मिलती है और शरीर की ऊर्जा शुद्ध होती है।

रुद्रयामलपिंगल रुद्रसूर्य नाड़ी
स्तोत्र पाठ

कर्ज मुक्ति के लिए प्रदोष मंत्र?

कर्ज और गरीबी से छुटकारा पाने के लिए शिव जी का 'प्रदोष स्तोत्रम्' (महादारिद्र्यमग्नस्य महापापहतस्य च...) पढ़ना चाहिए।

ऋण मोचनदारिद्र्यप्रदोष स्तोत्र
स्तोत्र पाठ

प्रदोष स्तोत्राष्टकम् क्या है?

यह स्कंद पुराण में लिखा एक खास पाठ है, जिसका अर्थ है कि इस जन्म और मरण के भयंकर संसार में केवल शिव जी के चरणों की सेवा ही एकमात्र सत्य है।

स्कंद पुराणस्तोत्राष्टकम्शिव महिमा
मंत्र साधना

प्रदोष व्रत के मुख्य मंत्र?

इस पूजा में मुख्य रूप से 4 मंत्र जपे जाते हैं: 'ॐ नमः शिवाय', 'महामृत्युंजय मंत्र', 'शिव गायत्री मंत्र' और 'ॐ उमा सहित शिवाय नमः'।

शिव मंत्रपंचाक्षरमहामृत्युंजय
पौराणिक रहस्य

प्रदोष में शिव पूजा क्यों होती है?

समुद्र मंथन से निकले जहर को शिव जी ने इसी समय पीकर दुनिया को बचाया था और 'आनंद तांडव' किया था। इसलिए इस समय शिव पूजा का सबसे ज्यादा महत्व है।

समुद्र मंथनहलाहल विषआनंद तांडव
काल निर्णय

प्रदोष पूजा का सही समय?

प्रदोष काल का सबसे सही समय सूर्यास्त (सूरज डूबने) से 45 मिनट पहले शुरू होकर सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक रहता है (कुल 90 मिनट)।

पूजा समयसूर्यास्त90 मिनट
परिचय

प्रदोष काल क्या होता है?

'प्रदोष' का मतलब है दोषों (पापों और कष्टों) का निवारण। यह दिन और रात के मिलने का वह समय है जब शिव पूजा करने से सारे पाप खत्म हो जाते हैं।

प्रदोषदोष निवारणसंधिकाल
पौराणिक कथा

माता पार्वती के श्राप से लंगड़ा बालक कैसे ठीक हुआ?

नाग कन्याओं के बताने पर उस बालक ने लगातार 21 'संकष्टी चतुर्थी' का अत्यंत कठोर व्रत किया, जिससे भगवान गणेश ने खुश होकर उसे पूरी तरह से ठीक कर दिया।

विकट संकष्टीश्राप मुक्तिव्रत प्रभाव
पौराणिक कथा

शिव-पार्वती के चौसर (पांसे) की कहानी?

चौसर के खेल में एक बालक ने माता पार्वती के जीतने पर भी पक्षपात करते हुए शिव जी को जीता हुआ बता दिया, जिस पर गुस्सा होकर माता ने उसे लंगड़ा होने का श्राप दे दिया।

चौसरशिव पार्वतीश्राप
लोक कथा

कुम्हार की भट्टी (आग) में बच्चा कैसे बचा?

उस बच्चे की गरीब माँ द्वारा किए गए संकष्टी चतुर्थी (सकट चौथ) व्रत के अमोघ प्रभाव और भगवान गणेश के चमत्कार से बच्चा भयंकर आग में भी सुरक्षित बच गया।

चमत्कारसकट चौथगजानन
लोक कथा

सकट चौथ की कहानी (कुम्हार वाली)?

एक दुष्ट कुम्हार ने बर्तन पकाने की भट्टी में एक गरीब ब्राह्मणी के 5 साल के बच्चे को डालकर आग लगा दी थी, लेकिन सकट चौथ व्रत के चमत्कार से वह बच्चा जिंदा बच गया।

सकट चौथकुम्हारब्राह्मणी
पौराणिक कथा

देवराज इंद्र का विमान क्यों गिर गया था?

गणेश पुराण के अनुसार, एक अत्यंत महापापी मनुष्य की बुरी नज़र (दृष्टि-दोष) पड़ने के कारण इंद्र के विमान का सारा पुण्य नष्ट हो गया और वह ज़मीन पर गिर पड़ा।

इंद्र विमानगणेश पुराणदृष्टि दोष
पौराणिक कथा

हनुमान जी ने संकष्टी व्रत क्यों किया था?

माता सीता की खोज के दौरान सौ योजन के विशाल समुद्र को लांघने के लिए वृद्ध संपाती के कहने पर हनुमान जी ने यह संकटमोचक व्रत किया था।

हनुमान जीरामायणसीता खोज
उपासना विधान

12 महीनों के गणेश जी के नाम क्या हैं?

महीनों के अनुसार गणेश जी के नाम हैं: विकट, एकदंत, कृष्ण पिंगल, गजानन, हेरम्ब, विघ्नराज, वक्रतुंड, गणाधिप, अखुरथ, लम्बोदर, द्विजप्रिय और भालचंद्र।

12 मासगणेश स्वरूपपीठ
तिथि एवं पंचांग

संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब होता है?

यह व्रत हर हिंदू महीने के 'कृष्ण पक्ष' (अंधेरे पखवाड़े) की चतुर्थी (चौथी) तिथि को रखा जाता है।

तिथिकृष्ण पक्षचतुर्थी
परिचय

संकष्टी शब्द का क्या अर्थ है?

'संकट' (कष्ट/मुसीबत) और 'हर' (दूर करने वाला) शब्दों से मिलकर संकष्टी बना है। इसका मतलब है हर तरह की मुसीबतों को जड़ से खत्म करने वाला।

शाब्दिक अर्थसंकटहर
परिचय

संकष्टी चतुर्थी क्या है?

यह भगवान गणेश का एक अत्यंत चमत्कारी व्रत है, जिसे करने से जीवन के सभी बड़े से बड़े संकट और विघ्न (बाधाएं) दूर हो जाते हैं।

संकष्टी चतुर्थीगणेश व्रतविघ्नहर्ता

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।