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विस्तृत उत्तर
तीव्र मनोकामना-सिद्धि और सौभाग्य-प्राप्ति के लिए आगमिक परंपरा का 'वृषभारूढ़ गौरी-पति' मंत्र जपना चाहिए: 'ऊँ क्लीं क्लीं क्लीं वृषभारूढ़ाय वामांगे गौरी कृताय क्लीं क्लीं क्लीं ऊँ नमः शिवाय ॥'। यह मंत्र 'क्लीं' (काम-बीज) से संपुटित है, जो इसे इच्छा पूर्ति के लिए बहुत प्रभावशाली बनाता है।
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