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वार

मंगलवार वार — वार — व्रत, देव-पूजन, मंत्र प्रश्नोत्तर(59)

मंगलवार वार से जुड़े 59 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

ज्योतिष उपाय

मंगल महादशा में क्या करना चाहिए?

7 वर्ष। हनुमान पूजा(मंगलवार), 'ॐ अं अंगारकाय' 108, मूंगा(ज्योतिषी), लाल वस्तु/मसूर/गुड़ दान, सुंदरकांड, क्रोध नियंत्रण(योग)। शुभ=भूमि/साहस/खेल। ऊर्जा=खेल/व्यायाम/सेवा में लगाएँ।

#मंगल#महादशा#7 वर्ष
मंत्र विधि

मूंगा माला से जप करने का क्या विधान है?

मूंगा = मंगल ग्रह। जप: मंगल मंत्र, हनुमान, दुर्गा/काली, गणेश। मंगलवार, लाल वस्त्र, 108 मनके। लाभ: मंगल/मांगलिक शांति, रक्त रोग, शक्ति, साहस। असली मूंगा प्रयोग करें। ज्योतिषी परामर्श।

#मूंगा#प्रवाल#माला
माला विधि

मूंगा माला पहनने के लाभ?

मूंगा माला=मंगल। साहस, मंगल दोष, शत्रु नाश। मंगलवार, मेष/वृश्चिक। क्रोधी न पहने।

#मूंगा माला#मंगल
ज्योतिष नियम

मंगलवार को लाल कपड़ा बांधने से क्या लाभ होता है?

मंगलवार मंगल ग्रह और हनुमान जी का दिन है। लाल कपड़ा बाँधने/पहनने से मंगल दोष शांति, साहस वृद्धि, हनुमान कृपा और बुरी शक्तियों से रक्षा होती है। हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाना विशेष शुभ है।

#मंगलवार#लाल कपड़ा#हनुमान
दोष निवारण

कर्ज उतारने का ऋणमोचन मंगल मंत्र

भारी कर्ज उतारने के लिए मंगलवार को लाल वस्त्र पहनकर 'ऋणमोचन मंगल स्तोत्र' (मङ्गलो भूमिपुत्रश्च...) का पाठ और मंगल के बीज मंत्र का जप सर्वोत्तम शास्त्रीय उपाय है।

#कर्ज मुक्ति#मंगल देव#ऋणमोचन
दोष निवारण

कर्ज से मुक्ति के लिए ऋणमोचक मंगल मंत्र

भारी कर्ज से मुक्ति के लिए मंगलवार के दिन लाल वस्त्र धारण कर 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ और मंगल देव के तांत्रिक बीज मंत्र का जप करना अत्यंत प्रभावशाली है।

#कर्ज मुक्ति#मंगल देव#ऋणमोचक
पूजा विधान

हनुमान अष्टक पाठ का सही समय

हनुमान अष्टक का पाठ संध्या काल या रात्रि के समय करना सर्वाधिक प्रभावशाली होता है। संकट के समय मंगलवार या शनिवार की रात इसका पाठ अचूक फल देता है।

#संकटमोचन#हनुमान अष्टक#समय
पूजा विधि

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा कैसे करें?

स्नान→लाल/केसरिया वस्त्र→दीपक (सरसों तेल)→सिंदूर+तेल→केसरिया चोला→गुड़-चने भोग→हनुमान चालीसा (1-7 बार)→बजरंग बाण→आरती→प्रसाद। 'ॐ हं हनुमते नमः' 108 बार। मांसाहार वर्जित।

#मंगलवार#हनुमान पूजा#विधि
शुभ मुहूर्त

माँ तारा की साधना कब करनी चाहिए?

तारा साधना का शुभ काल: माघ गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन (विशेष शुभ)। अर्धरात्रि = श्रेष्ठ फलदायी। किसी भी शुभ दिन, मंगलवार या शुक्ल पक्ष पंचमी से प्रारंभ।

#तारा साधना मुहूर्त#माघ गुप्त नवरात्रि#अर्धरात्रि
तंत्र और आगम शास्त्रों में उपासना

मंगल का बीज मंत्र और गायत्री मंत्र क्या है?

मंगल बीज मंत्र: 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' | मंगल गायत्री: 'ॐ वीरध्वजाय विद्महे, विघ्नहस्ताय धीमहि, तन्नो भौमः प्रचोदयात्'

#मंगल बीज मंत्र#मंगल गायत्री#वीरध्वजाय
नवग्रहों का देव स्वरूप

मंगल देव को 'भूमिपुत्र' क्यों कहते हैं?

मंगल देव पृथ्वी देवी के पुत्र हैं इसीलिए 'भूमिपुत्र' कहलाते हैं — इनका ध्यान मंत्र 'धरणी गर्भ संभूतं' से आरंभ होता है।

#मंगल देव#भूमिपुत्र#पृथ्वी देवी
व्यापार और गृहस्थ जीवन

व्यापार वृद्धि के लिए बटुक भैरव साधना कैसे करें?

व्यापार वृद्धि के लिए: हर मंगलवार संकल्प पूर्वक कुत्तों को लड्डू खिलाएं, बटुक भैरव यंत्र स्थापित करें और नित्य एक माला जाप करें।

#व्यापार वृद्धि#मंगलवार#लड्डू
नैवेद्य और भोग

कुत्तों को लड्डू खिलाने से क्या होता है?

भैरव का वाहन श्वान (कुत्ता) है — हर मंगलवार को लड्डू कुत्तों को खिलाने से भैरव की कृपा और व्यापार वृद्धि होती है।

#कुत्ते लड्डू#श्वान सेवा#मंगलवार
नैवेद्य और भोग

बटुक भैरव को मंगलवार को क्या चढ़ाते हैं?

बटुक भैरव को मंगलवार को घी-गुड़, लापसी या लड्डू चढ़ाते हैं — इससे ऋण मुक्ति, व्यापार वृद्धि और संकट निवारण होता है।

#मंगलवार नैवेद्य#घी गुड़ लापसी लड्डू#ऋण मुक्ति
साधना का समय

बटुक भैरव साधना किस दिन शुरू करनी चाहिए?

बटुक भैरव साधना किसी भी मंगलवार या कालाष्टमी (मंगल विशेष अष्टमी) के दिन शुरू करनी चाहिए।

#मंगलवार#कालाष्टमी#साधना आरंभ
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

६ मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह दोष को दूर करने के लिए पहना जाता है?

६ मुखी रुद्राक्ष शुक्र या मंगल ग्रह के दोषों को दूर करने में सहायक होता है।

#6 मुखी#शुक्र#मंगल
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

३ मुखी रुद्राक्ष का देवता और मुख्य फल क्या बताया गया है?

३ मुखी रुद्राक्ष अग्नि का स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ क्लीं नमः' है और यह विद्या प्राप्ति व स्त्री-हत्या पाप नाश में सहायक है।

#3 मुखी#अग्नि#मंगल
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'मंगल करनि कलि मल हरनि तुलसी कथा रघुनाथ की' — इसका अर्थ?

रघुनाथजी की कथा = मंगलकारी + कलियुग के पाप नष्ट करने वाली। बालकाण्ड समापन का छन्द। रामकथा ही कलियुग का सबसे बड़ा साधन।

#बालकाण्ड#मंगल करनि#रघुनाथ कथा
रामचरितमानस — बालकाण्ड

विवाह के समय कौन-कौन से वाद्ययन्त्र बजे?

अनेक प्रकार के — 'बाजहिं बाजन बिबिध बिधाना' — आकाश में देवताओं के नगाड़े, अप्सराओं का नृत्य-गान, किन्नरों के गीत। पृथ्वी पर शहनाई, ढोल, मंगलवाद्य। 'सकल भुवन भरि रहा उछाहू' — सारे ब्रह्माण्ड में आनन्द।

#बालकाण्ड#वाद्य#विवाह
वार भेद और फल

भौम प्रदोष (मंगलवार) और सौम्यवारा प्रदोष (बुधवार) का क्या महत्व है?

#भौम प्रदोष#सौम्यवारा प्रदोष#ऋण मोचन
विशिष्ट व्रत

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी क्या होती है?

मंगलवार के दिन पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'अंगारकी चतुर्थी' कहते हैं। यह व्रत 108 संकष्टी व्रतों के बराबर फल देता है और मंगल दोष व कर्ज से मुक्ति दिलाता है।

#अंगारकी चतुर्थी#मंगलवार#मंगल दोष
उद्यापन और दान

21 मंगलवार का व्रत पूरा होने पर उद्यापन कैसे करते हैं?

21 व्रत पूरे होने के बाद 22वें मंगलवार को पूजा और हवन किया जाता है। हवन में 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र के साथ घी, काले तिल, जौ और गुड़ मिलाकर 108 आहुतियां दी जाती हैं।

#उद्यापन विधि#हवन#21 मंगलवार
व्रत कथा

मंगलवार व्रत की कहानी (कथा) क्या है?

पहली कथा में हनुमान जी ने निस्संतान ब्राह्मणी को पुत्र देकर उसके सत्य की रक्षा की। दूसरी कथा में एक बुढ़िया माई को उसकी बहू ने सताया, तो स्वयं हनुमान जी ने बालक बनकर उसे खाना दिया।

#व्रत कथा#ब्राह्मण दंपत्ति#बुढ़िया माई
मंत्र और स्तोत्र

मंगलवार व्रत में हनुमान जी के कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए?

संकटों से बचने के लिए 'ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नमः' और शत्रु व ऊपरी बाधा के लिए 'ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' मंत्र का जाप करना चाहिए।

#बीज मंत्र#द्वादशाक्षर मंत्र#मंगल मंत्र
व्रत के लाभ

शादी में रुकावट या मांगलिक दोष के लिए मंगलवार व्रत के क्या फायदे हैं?

कुंडली में मांगलिक दोष होने से शादी में देरी और पति-पत्नी में झगड़े होते हैं। मंगलवार का व्रत इस दोष को शांत करने का सबसे असरदार उपाय है, जिससे मंगल ग्रह की उग्रता दूर होती है।

#मांगलिक दोष#दांपत्य जीवन#मंगल शांति
व्रत के लाभ

कर्ज उतारने के लिए मंगलवार का व्रत कैसे करें?

कर्ज से छुटकारा पाने के लिए मंगलवार का व्रत रखकर 'ऋणमोचन मंगल स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए। हनुमान जी आर्थिक रुकावटें दूर करके धन लाभ कराते हैं।

#कर्ज मुक्ति#ऋणमोचन#धन प्राप्ति
व्रत नियम और संकल्प

मंगलवार के व्रत में कौन से रंग के कपड़े पहनने चाहिए?

इस व्रत में लाल रंग के कपड़े पहनना अत्यंत शुभ और अनिवार्य माना गया है, क्योंकि यह मंगल ग्रह और हनुमान जी की ऊर्जा का प्रतीक है। काले और नीले कपड़े पहनना बिल्कुल मना है।

#लाल वस्त्र#कपड़ों का रंग#वर्जित रंग
पूजा विधि

मंगलवार व्रत की पूजा कैसे करते हैं?

ईशान कोण में लाल कपड़ा बिछाकर राम-सीता और हनुमान जी की मूर्ति रखें। संकल्प लेकर पंचामृत से स्नान कराएं, चोला चढ़ाएं, लाल फूल और तुलसी दल अर्पित करें और गुड़-गेहूं या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।

#पूजा विधि#षोडशोपचार#कलश स्थापना
आहार और नियम

मंगलवार के व्रत में नमक क्यों नहीं खाते हैं?

नमक शरीर में जल तत्व और उत्तेजना को बढ़ाता है, जबकि मंगल अग्नि तत्व का प्रतीक है। इसलिए शरीर की अग्नि को शुद्ध रखने के लिए मंगलवार के व्रत में नमक खाना मना है।

#लवण निषेध#नमक वर्जित#धर्म सिन्धु
आहार और नियम

मंगलवार के व्रत में क्या खाते हैं?

मंगलवार के व्रत में दिन में केवल एक बार, सूर्यास्त के बाद पूजा करके ही भोजन करना चाहिए। भोजन में सिर्फ गेहूं और गुड़ से बनी चीजें खानी चाहिए।

#व्रत का खाना#एकभक्त#गेहूं और गुड़
व्रत नियम और संकल्प

मंगलवार का व्रत कब से शुरू करना चाहिए?

मंगलवार का व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार से शुरू करना चाहिए। अगर सूर्य उत्तरायण में हो या ज्येष्ठ मास का 'बड़ा मंगल' हो, तो यह और भी उत्तम माना जाता है।

#व्रत प्रारंभ#शुभ मुहूर्त#ज्येष्ठ मास
पंचांग एवं ज्योतिष

धनिष्ठा नक्षत्र क्या होता है?

धनिष्ठा 27 नक्षत्रों में 23वाँ। मकर 23°20'–कुंभ 6°40'। स्वामी मंगल, देवता अष्टवसु। प्रतीक मृदंग। संगीत-वाहन के लिए अनुकूल, विवाह में मंगल-विचार आवश्यक। जन्म में साहसी, उदार, संगीतप्रेमी।

#धनिष्ठा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

चित्रा नक्षत्र क्या होता है?

चित्रा 27 नक्षत्रों में चतुर्दश। कन्या 23°20'–तुला 6°40'। स्वामी मंगल, देवता विश्वकर्मा। प्रतीक मोती/रत्न। कला-वास्तु-आभूषण के लिए शुभ। जन्म में आकर्षक, रचनात्मक, शिल्पकुशल।

#चित्रा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

मृगशिरा नक्षत्र क्या होता है?

मृगशिरा 27 नक्षत्रों में पंचम। वृषभ 23°20'–मिथुन 6°40'। स्वामी मंगल, देवता सोम। प्रतीक हिरण-सिर। यात्रा-कला-कृषि के लिए अनुकूल। जन्म में जिज्ञासु, कोमल, बहुमुखी प्रतिभा।

#मृगशिरा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
राशि अनुसार उपाय

वृश्चिक राशि मंगल दोष निवारण

वृश्चिक=मंगल। हनुमान चालीसा+सुंदरकांड+मूंगा+कुंभ विवाह। विशेष: महामृत्युंजय+शिव (8वां भाव)। Q887 विस्तार।

#वृश्चिक#मंगल#निवारण
राशि अनुसार उपाय

मेष राशि के लिए शुभ मंत्र

मेष=मंगल। "ॐ अं अंगारकाय नमः" 108 (मंगलवार), हनुमान चालीसा (प्रतिदिन=सर्वोत्तम), गायत्री। मूंगा (अनामिका/सोना), 3 मुखी, लाल। हनुमान/कार्तिकेय। लाल दाल/गुड़ दान।

#मेष#मंगल#मंत्र
ज्योतिष दोष एवं उपाय

मंगल शांति मंगलवार उपाय

मंगलवार: हनुमान चालीसा+'ॐ अं अंगारकाय नमः' 108+लाल+सिंदूर+चमेली तेल+लड्डू+सुंदरकांड+लाल दान।

#मंगल#मंगलवार#उपाय
ज्योतिष दोष एवं उपाय

मंगलवार हनुमान पूजा मंगल दोष में कैसे सहायक

हनुमान=मंगल अधिपति → मंगलवार=हनुमान दिवस। पूजा=मंगल नकारात्मकता शमन। सिंदूर+चमेली तेल+चालीसा+लड्डू। विवाह बाधा, शत्रु, कानून=लाभ।

#मंगलवार#हनुमान#मंगल दोष
ज्योतिष दोष एवं उपाय

मंगल दोष निवारण पूजा

हनुमान चालीसा (प्रतिदिन=पर्याप्त), 'ॐ अं अंगारकाय नमः', सुंदरकांड, कुंभ विवाह। मूंगा, 3 मुखी। लाल दान मंगलवार। हनुमान=मंगल देवता।

#मंगल दोष#निवारण#पूजा
ज्योतिष दोष एवं उपाय

मंगल दोष होने पर विवाह में समस्या

विवाह बाधा/विलंब/कलह (ज्योतिष)। मांगलिक+मांगलिक=cancel। कुंभ विवाह=समाधान। 40-50% मांगलिक=सामान्य; अत्यधिक भय अनुचित। प्रेम>दोष।

#मंगल दोष#विवाह#समस्या
ज्योतिष दोष एवं उपाय

मंगल दोष क्या है कुंडली में कैसे दिखता है

मंगल 1/2/4/7/8/12 भाव=मांगलिक। ~40-50% कुंडली=मांगलिक (सामान्य)। सब हानिकारक नहीं — भाव/राशि/दृष्टि। मेष/वृश्चिक/मकर=दोष कम। अत्यधिक भय अनुचित।

#मंगल दोष#कुंडली#मांगलिक
स्तोत्र एवं पाठ

मंगल दोष के लिए कौन सा स्तोत्र

हनुमान चालीसा (मंगल देवता), 'ॐ अं अंगारकाय नमः', सुंदरकांड (मंगलवार), मंगल स्तोत्र। मूंगा, 3 मुखी। कुंभ विवाह=दोष शांति।

#मंगल#दोष#स्तोत्र
स्तोत्र एवं पाठ

मंगल आरती क्या होती है कैसे करें

दिन की प्रथम आरती; ~4:00-5:30 AM; भगवान को 'जगाना।' शंख→दीपक→आरती→भोग→फूल। घर: प्रातः दीपक+आरती=मंगल आरती।

#मंगल आरती#प्रातः#प्रथम
ज्योतिष दोष एवं उपाय

मंगल दोष क्या है उपाय

मंगल 1/2/4/7/8/12 भाव = मांगलिक। विवाह बाधा/दांपत्य कलह। उपाय: हनुमान पूजा, 'ॐ अं अंगारकाय नमः', मूंगा, कुंभ विवाह। ~40% कुंडली मांगलिक — सब हानिकारक नहीं। 28 वर्ष बाद कमजोर।

#मंगल दोष#मांगलिक#विवाह
दैनिक आचार

मंगलवार को मांसाहार खाना चाहिए या नहीं

मंगलवार मांसाहार वर्जित (लोक परंपरा) — हनुमान जी का दिन, सात्विकता। अन्य: गुरुवार, शनिवार, एकादशी, नवरात्रि। यह कुल परंपरा/आस्था आधारित — वैदिक ग्रंथों में विशिष्ट दिन का निषेध स्पष्ट नहीं।

#मंगलवार#मांसाहार#हनुमान
दैनिक आचार

मंगलवार को लाल रंग पहनने से क्या लाभ

मंगलवार-लाल = मंगल दोष शमन, साहस/ऊर्जा, हनुमान कृपा, विजय, आत्मविश्वास। हनुमान को लाल प्रिय। मनोविज्ञान: लाल = confidence। ज्योतिष परंपरा।

#मंगलवार#लाल#मंगल
दैनिक आचार

मंगलवार शनिवार को बाल कटवाना चाहिए या नहीं

लोक मान्यता: मंगलवार/शनिवार/गुरुवार बाल कटवाना अशुभ। शुभ: सोमवार/बुधवार/शुक्रवार। किसी शास्त्रीय ग्रंथ में उल्लेख नहीं — पूर्णतः लोक परंपरा। आवश्यकता अनुसार कटवा सकते हैं।

#बाल कटाना#मंगलवार#शनिवार
वास्तु शास्त्र

नए घर में सबसे पहले क्या लेकर प्रवेश करें

नए घर में सबसे पहले: जल कलश (स्वस्तिक सहित), जलता दीपक, अन्न पात्र, पवित्र ग्रंथ और दूध ले जाएं। गाय को पहले प्रवेश कराना सर्वाधिक शुभ है। दाहिने पैर से प्रवेश करें। खाली बर्तन या टूटी वस्तुएं न ले जाएं।

#गृह प्रवेश#शुभ सामग्री#परंपरा
संस्कार विधि

विवाह में मंगल सूत्र में काले मोती क्यों डालते हैं?

काले मोती: बुरी नजर रक्षा (नकारात्मकता शोषक), शनि-राहु शांति, सुहाग रक्षक (दुष्ट शक्ति बचाव), सोना+काला=शुभता+रक्षा। क्षेत्रीय: महाराष्ट्र=वाटी+काला, दक्षिण=थाली, उत्तर=सोना। सम्पूर्ण संतुलन।

#मंगलसूत्र#काले मोती#विवाह
हवन विधि

हनुमान हवन कैसे करें?

हनुमान हवन: मंगलवार/शनिवार → सिन्दूर-तेल पूजन → 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं...' जप → शमी समिधा-गुग्गुल हवन → चालीसा प्रति चौपाई आहुति (40) → सुन्दरकाण्ड → बजरंग बाण → दान (सिन्दूर, तेल, लड्डू)। भय-शत्रु-शनि शांति।

#हनुमान हवन#बजरंगबली#शक्ति
आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
सभी पर्व देखें

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी — पर्व-केन्द्रित प्रश्नोत्तर।