विस्तृत उत्तर
पूजा में जलाई गई अगरबत्ती, धूप और दीपक की राख पवित्र मानी जाती है क्योंकि इसमें मंत्रोच्चार और पूजा की सकारात्मक ऊर्जा का अंश माना जाता है। इसे साधारण कचरे में फेंकना अशुभ और अपमानजनक माना जाता है।
सही तरीके
- 1गमले या बगीचे की मिट्टी में — सबसे उत्तम और सरल तरीका। राख पौधों के लिए खाद का काम भी करती है।
- 1पवित्र नदी/जलाशय में विसर्जन — यदि संभव हो तो पवित्र तीर्थ जल या बहते पानी में विसर्जित करें।
- 1कुएँ या क्यारी में — यदि नदी उपलब्ध न हो।
- 1पेड़ की जड़ों में — पीपल, बरगद या तुलसी के पौधे की जड़ में डालना शुभ है।
- 1भभूति के रूप में — धूप या हवन की राख को 'भभूति' कहा जाता है। इसे तिलक के रूप में माथे पर लगाया जा सकता है (विशेषतः शिव पूजा की राख)।
क्या न करें
- ▸कचरेदान या कूड़े में न फेंकें।
- ▸झाड़ू से न बुहारें — हाथ से या कपड़े से उठाएँ।
- ▸राख पर किसी के पैर न पड़ें।
- ▸जली बत्ती और राख को अपवित्र स्थान पर न रखें।





