विस्तृत उत्तर
फ्लैट (अपार्टमेंट) में जगह की कमी होने पर भी वास्तु अनुकूल पूजा स्थल बनाया जा सकता है।
सर्वोत्तम स्थान (प्राथमिकता क्रम)
- 1लिविंग रूम/हॉल का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) — यह सबसे उत्तम विकल्प है।
- 2पूर्वी दीवार — यदि ईशान कोण में जगह न हो।
- 3उत्तरी दीवार — तीसरा विकल्प।
वास्तु टिप्स
- ▸ऊँचाई — मंदिर को ज़मीन पर न रखें। ऐसे ऊँचे स्थान पर रखें कि भगवान के चरण आपकी छाती (हृदय) के स्तर पर हों।
- ▸सामग्री — लकड़ी का मंदिर सर्वोत्तम है, संगमरमर भी शुभ है। लोहे/स्टील का मंदिर न रखें।
- ▸रंग — दीवार का रंग सफेद, पीला, हल्का गुलाबी या क्रीम रखें।
- ▸प्रकाश — पूजा स्थल पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करें।
- ▸स्वच्छता — नियमित सफाई अनिवार्य है।
कहाँ न बनाएँ
- ▸बेडरूम में (बाध्यता हो तो ईशान कोण में पर्दे के साथ)।
- ▸किचन में, सीढ़ियों के नीचे या बाथरूम के बगल में।
- ▸मुख्य दरवाज़े के ठीक सामने।
- ▸दक्षिण या नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) कोण में।
वॉल माउंटेड मंदिर: छोटे फ्लैट के लिए दीवार पर लगने वाला (wall-mounted) लकड़ी का मंदिर एक अच्छा विकल्प है। इसे ईशान या पूर्व दिशा की दीवार पर उचित ऊँचाई पर लगाएँ।





