विस्तृत उत्तर
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर शुद्ध जल (या गंगाजल) से स्नान करें और मिट्टी या तिल का उबटन लगाएं। भगवान विष्णु के 'मधुसूदन' या 'वासुदेव' रूप की षोडशोपचार (16 चरणों में) पूजा करें। भगवान को पंचामृत से स्नान कराकर पीले वस्त्र (पीताम्बर) पहनाएं। चंदन लगाएं। पूजा में तुलसी का पत्ता (तुलसी दल) चढ़ाना अनिवार्य है, इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। घी का दीपक जलाकर ऋतुफल, केशरयुक्त खीर या पंजीरी का भोग लगाएं और अंत में आरती और परिक्रमा करें।





